3 अगस्त 2026
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क्या नोएडा हादसे की जांच में एसआईटी को मिलेगी सफलता?

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क्या नोएडा हादसे की जांच में एसआईटी को मिलेगी सफलता?

सारांश

नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में एसआईटी ने जांच शुरू की है। क्या यह जांच लापरवाही के आरोपों की सच्चाई उजागर कर पाएगी?

मुख्य बातें

नोएडा में हुए हादसे की गहन जांच शुरू हुई है।
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
जांच में सभी गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।

नोएडा, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा के सेक्टर-150 में हुए एक भयानक हादसे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मृत्यु के मामले में अब जांच का दायरा बढ़ गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर बनाई गई विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने मंगलवार को नोएडा का दौरा किया और पूरे मामले की गहराई से जांच शुरू की। इस घटना में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए गए हैं और एसआईटी को पांच दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करनी है।

सीएम योगी ने मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को हटाने के साथ ही एक जूनियर इंजीनियर की सेवाएं भी समाप्त कर दी हैं। मंगलवार को दोपहर लगभग 12:15 बजे एसआईटी की टीम नोएडा प्राधिकरण के कार्यालय पहुंची। एडीजी मेरठ जोन भानू भास्कर की अध्यक्षता में प्राधिकरण के बोर्ड रूम में लगभग तीन घंटे की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी मेधा रूपम और नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ कृष्णा करुणेश भी शामिल हुए।

विभिन्न विभागों के अधिकारी फाइलों के साथ बोर्ड रूम के बाहर मौजूद रहे और जब आवश्यक हुआ, उन्हें अंदर बुलाकर जानकारी ली गई। बैठक के दौरान मृतक युवराज मेहता के पिता राजकुमार मेहता को भी आमंत्रित किया गया। करीब आधे घंटे तक एसआईटी अधिकारियों ने उनसे चर्चा की।

राजकुमार मेहता ने बताया कि हादसे की रात उन्होंने अपनी आंखों के सामने अपने बेटे को कार के साथ पानी में डूबते देखा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौके पर लगभग 80 कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन कोई भी पानी में उतरकर युवराज को बचाने की कोशिश नहीं कर रहा था। उन्होंने उस रात का पूरा घटनाक्रम एसआईटी को विस्तार से बताया, जिसे जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। बयान दर्ज करने के बाद उन्हें पुलिस सुरक्षा में घर भेज दिया गया।

बैठक के बाद एसआईटी टीम संबंधित अधिकारियों के साथ सेक्टर-150 में घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने उस स्थान का निरीक्षण किया, जहां से कार सीधे पानी में गिरी थी। सड़क के उस मोड़ का भी अवलोकन किया गया, जहां कोई भी सड़क सुरक्षा फीचर मौजूद नहीं था। प्लॉट, आसपास की सड़क व्यवस्था और बिल्डर से जुड़ी जानकारियों को भी एकत्र किया गया।

एडीजी भानू भास्कर ने बताया कि जांच तीन राउंड में पूर्ण की जाएगी। पहले दिन दो राउंड पूरे कर लिए गए हैं—पहला प्राधिकरण में बैठक और दूसरा मौका मुआयना। तीसरे राउंड में घटना से जुड़े सभी प्रत्यक्ष और परोक्ष गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे सिविक अथॉरिटी हो या पुलिस, सभी की भूमिका की जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सूत्रों के अनुसार, आगे आने वाले दिनों में पुलिस, अग्निशामक विभाग और प्रशासन के कई अधिकारियों के बयान दर्ज किए जाएंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि जांच रिपोर्ट आने के बाद और भी अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा हादसे की जांच कब शुरू हुई?
नोएडा हादसे की जांच 20 जनवरी को विशेष जांच टीम (एसआईटी) द्वारा शुरू की गई।
मुख्यमंत्री ने क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को हटाया और एक जूनियर इंजीनियर की सेवाएं समाप्त की।
जांच रिपोर्ट कब तक आएगी?
एसआईटी को पांच दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपनी है।
राष्ट्र प्रेस
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