क्या विट्ठलभाई पटेल ने 'मदर ऑफ डेमोक्रेसी' का निर्माण किया? - सीएम रेखा गुप्ता

सारांश
Key Takeaways
- विट्ठलभाई पटेल का कार्य भारतीय लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण था।
- सीएम रेखा गुप्ता ने उनके योगदान की सराहना की।
- दिल्ली विधानसभा में आयोजन ने इतिहास को याद करने का अवसर प्रदान किया।
नई दिल्ली, 24 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। विट्ठलभाई पटेल के केंद्रीय विधानसभा के स्पीकर बनने के 100 साल पूरे होने का अवसर मनाने के लिए दिल्ली विधानसभा में दो दिवसीय शताब्दी समारोह आयोजित किया जा रहा है। सीएम रेखा गुप्ता ने इस दिन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि विट्ठलभाई पटेल ने 'मदर ऑफ डेमोक्रेसी' का निर्माण किया।
सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली विधानसभा में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा, "आज का दिन हमारे लिए एक लोकतांत्रिक दिन है। 100 साल पहले, इस विधानसभा परिसर में, ब्रिटिश काल के दौरान, पहली बार कोई भारतीय मूल का व्यक्ति अध्यक्ष बना था। उस समय, भारतीयों के दिल में यह उम्मीद जागी होगी कि वे इस ब्रिटिश शासन में भी अपनी आवाज उठा सकते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "विट्ठलभाई पटेल ने निश्चित रूप से सोचा होगा कि जब एक दिन भारत स्वतंत्र होगा, तब भारतीय स्वतंत्रता के साथ, अपने झंडे के तले, अपने संविधान की छाया में, अपने प्रदेश और देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। वे देश की जनता की भलाई के लिए नीति निर्माण करेंगे।"
सीएम ने कहा, "विट्ठलभाई पटेल के निर्णयों की किसी ने आलोचना नहीं की। उन्होंने मदर ऑफ डेमोक्रेसी का निर्माण किया। उनके जीवन की महत्ता को दर्शाने वाली प्रदर्शनी यहाँ स्थापित की गई है, और उनके योगदान को जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है।"
कार्यक्रम में उपस्थित केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, "केंद्रीय गृहमंत्री सदन में लोकतंत्र की आवाज हैं। उन्होंने लोकसभा को नया अर्थ दिया है। वे मानसून सत्र में लाए गए कानूनों के माध्यम से सदन को निर्णय लेने की शक्ति प्रदान कर रहे हैं, जिससे देश की प्रगति हो सके। अमित शाह लोकतंत्र की रक्षा में निरंतर लगे हुए हैं।"