उपराष्ट्रपति ने छात्रों को तकनीक की जिम्मेदारी से उपयोग करने की प्रेरणा दी

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उपराष्ट्रपति ने छात्रों को तकनीक की जिम्मेदारी से उपयोग करने की प्रेरणा दी

सारांश

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने मोतिहारी में छात्रों को तकनीक के जिम्मेदार उपयोग की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यह दीक्षांत समारोह शिक्षा की यात्रा की शुरुआत है।

Key Takeaways

  • राष्ट्र निर्माण में तकनीक का जिम्मेदारी से उपयोग करें।
  • दीक्षांत समारोह शिक्षा की यात्रा की शुरुआत है।
  • महिला नेतृत्व का विकास महत्वपूर्ण है।
  • चंपारण का ऐतिहासिक महत्व है।
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का कार्यान्वयन।

मोतिहारी, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने शनिवार को बिहार के पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में भाग लिया। उन्होंने छात्रों से राष्ट्र निर्माण में तकनीक का ज़िम्मेदारी से उपयोग करने की अपील की।

उन्हेंने बताया कि दीक्षांत समारोह केवल शिक्षा का अंत नहीं है, बल्कि यह एक जीवन भर चलने वाली यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस तेजी से बदलती दुनिया में, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में नवाचार के नए रास्ते खुल रहे हैं; उन्होंने छात्रों से राष्ट्र निर्माण में तकनीक का ज़िम्मेदारी से उपयोग करने का आग्रह किया।

उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय में स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों कार्यक्रमों में महिला टॉपर हैं, जिसे उन्होंने 'महिला-नेतृत्व वाले विकास' की दिशा में प्रगति का प्रतीक बताया।

उन्होंने यह भी कहा कि चंपारण का भारत के इतिहास में एक खास स्थान है, क्योंकि यहीं पर महात्मा गांधी एक बैरिस्टर से एक जननेता में तब्दील हुए थे; साथ ही, चंपारण सत्याग्रह ने सत्य, साहस और न्याय के माध्यम से राष्ट्र की आत्मा को जागृत किया।

बिहार की समृद्ध बौद्धिक और आध्यात्मिक विरासत को रेखांकित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि इसी पवित्र भूमि पर गौतम बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी; यहीं पर प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय एक वैश्विक शिक्षा के केंद्र के रूप में खड़ा था, और यहीं से चाणक्य जैसे महान विचारक निकले थे।

राधाकृष्णन ने कहा कि 'महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय' का नामकरण अत्यंत प्रतीकात्मक है, जो गांधीजी के सामाजिक न्याय, ग्रामीण उत्थान और नैतिक नेतृत्व के आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने महारानी जानकी कुंवर के योगदान की भी सराहना की, जिनकी परोपकारी भावना और भूमि दान ने इस क्षेत्र में शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी; उन्होंने कहा कि ऐसी दूरदर्शिता शिक्षा और सामाजिक प्रगति की नींव को मजबूत करती है।

उपराष्ट्रपति ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि विश्वविद्यालय ने 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020' को लागू किया है और नए एकीकृत पाठ्यक्रम शुरू किए हैं।

उन्होंने 'भारतीय ज्ञान प्रणाली केंद्र' की स्थापना और 'फिट इंडिया मूवमेंट' के तहत खेल और फिटनेस पर विश्वविद्यालय के जोर की सराहना की।

Point of View

बल्कि यह हमारा सामूहिक दायित्व है कि हम तकनीक का उपयोग जिम्मेदारी से करें। यह राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
NationPress
11/04/2026

Frequently Asked Questions

उपराष्ट्रपति ने छात्रों को क्या सलाह दी?
उपराष्ट्रपति ने छात्रों से तकनीक का जिम्मेदारी से उपयोग करने की सलाह दी।
महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय का महत्व क्या है?
यह विश्वविद्यालय गांधीजी के आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है और चंपारण सत्याग्रह का ऐतिहासिक महत्व है।
उपराष्ट्रपति ने किस बात पर खुशी जताई?
उन्होंने स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में महिला टॉपरों की उपलब्धियों पर खुशी जताई।
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