30 जुलाई 2026
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पश्चिम बंगाल एसआईआर विवाद: तृणमूल कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप का किया स्वागत, चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप

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पश्चिम बंगाल एसआईआर विवाद: तृणमूल कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप का किया स्वागत, चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप

सारांश

कोलकाता में जारी चुनावी हलचल के बीच तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर प्रक्रिया में पड़ोसी राज्यों के न्यायाधीशों की तैनाती का आदेश दिया है।

मुख्य बातें

तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर प्रक्रिया में पड़ोसी राज्यों के न्यायिक अधिकारियों की तैनाती का आदेश दिया।
भाजपा-चुनाव आयोग के नियमों में मनमानी को रोकने के लिए कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
चुनाव आयोग को 28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने की अनुमति दी गई है।
यह मामला बंगाल की चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ा है।

कोलकाता, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में चुनावों को लेकर हलचल जारी है। इसी संदर्भ में आखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस ने भारत निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर कहा है कि भारत निर्वाचन आयोग ने बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के संचालन पर अपना नियंत्रण खो दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लगातार आग्रह पर इसके नियम और शर्तें सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्पष्ट रूप से निर्धारित की जा रही हैं।

आज एक अनूठा कदम उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट को चुनाव आयोग की घोर अक्षमता और प्रशासनिक विफलता के कारण उत्पन्न भारी गतिरोध को दूर करने के लिए पड़ोसी राज्यों के न्यायाधीशों की तैनाती की अनुमति देने के लिए मजबूर होना पड़ा। यह हस्तक्षेप अपने आप में बहुत कुछ दर्शाता है।

कोर्ट ने दोहराया कि चुनाव आयोग द्वारा अधिसूचित या बाद में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्वीकृत सभी दस्तावेज, जिनमें आधार और माध्यमिक प्रवेश पत्र शामिल हैं, लंबित दावों और आपत्तियों के निपटान के लिए स्वीकार किए जाने चाहिए। यह स्पष्ट निर्देश भाजपा-चुनाव आयोग द्वारा मनमाने ढंग से नियमों को बदलने और दस्तावेजी मानकों में हेरफेर करने के प्रयास को विफल कर देता है।

बंगाल में मतदाताओं को चुनिंदा रूप से निशाना बनाने, डराने-धमकाने और परेशान करने की साजिश एक बार फिर न्यायिक बाधा से टकरा गई है। चुनाव आयोग जैसे संस्थानों को कानून की सीमाओं के भीतर कार्य करना चाहिए, न कि पक्षपातपूर्ण हितों के इशारे पर।

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) की प्रक्रिया में ओडिशा और झारखंड के न्यायिक अधिकारियों को शामिल किए जाने के आदेश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर विवाद पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया है। कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को २८ फरवरी को पश्चिम बंगाल की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने की अनुमति भी दी है। तृणमूल कांग्रेस ने इस फैसले का स्वागत किया है।

-राष्ट्र प्रेस

ओमप्रकाश/वीसी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बंगाल एसआईआर विवाद क्या है?
बंगाल एसआईआर विवाद में तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान में लिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या आदेश दिए हैं?
सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा और झारखंड के न्यायिक अधिकारियों को एसआईआर प्रक्रिया में शामिल करने का आदेश दिया है।
तृणमूल कांग्रेस का इस पर क्या रुख है?
तृणमूल कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप का स्वागत किया है और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
चुनाव आयोग की भूमिका क्या है?
चुनाव आयोग की भूमिका निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि आयोग पक्षपात कर रहा है।
मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख क्या है?
सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को 28 फरवरी को पश्चिम बंगाल की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने की अनुमति दी है।
राष्ट्र प्रेस
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