विश्व साइकिल दिवस 2026: दिल्ली के हौज खास में रैली, साइकिलिंग को लाइफस्टाइल बनाने की अपील
सारांश
मुख्य बातें
विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर 3 जून 2026, बुधवार को राजधानी दिल्ली के हौज खास में एक बड़ी साइकिल रैली का आयोजन किया गया, जिसमें नागरिकों, अधिकारियों और साइकिलिंग कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य साइकिलिंग को परिवहन के एक टिकाऊ, स्वस्थ और पर्यावरण-अनुकूल माध्यम के रूप में बढ़ावा देना तथा स्वच्छ गतिशीलता एवं हरित भविष्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
आयोजन का स्वरूप और उद्देश्य
रैली का आयोजन बीवाईसीएस इंडिया फाउंडेशन के नेतृत्व में हुआ, जो देशभर में ‘बाइसाइकिल मेयर्स’ के माध्यम से शहरी साइकिलिंग संस्कृति को आगे बढ़ाने का काम करती है। आयोजकों के अनुसार, यह पहल लोगों को यह संदेश देने के लिए थी कि साइकिल केवल एक खेल-गतिविधि नहीं, बल्कि रोज़मर्रा के आवागमन का व्यावहारिक विकल्प भी है।
‘55 से अधिक शहरों में नेटवर्क’
बीवाईसीएस इंडिया फाउंडेशन की सीईओ भैरवी जोशी ने बताया कि 55 से अधिक शहर ‘बाइसाइकिल मेयर्स’ के ज़रिए संगठन से जुड़े हुए हैं, जो स्थानीय स्तर पर साइकिलिंग को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय हैं। उन्होंने कहा, “साइकिलिंग को लेकर हमारा मुख्य कार्य जनजागृति करना है। इसके ज़रिए हम लोगों को साइकिल के फायदे बताते हैं और इसका अधिक से अधिक इस्तेमाल करने की अपील करते हैं।”
जोशी ने ज़ोर देकर कहा कि साइकिलिंग को केवल स्पोर्ट्स एक्टिविटी की दृष्टि से न देखा जाए, बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाया जाए और रोज़मर्रा के कामों के लिए साइकिल का उपयोग किया जाए।
स्वास्थ्य और राष्ट्रहित का जुड़ाव
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के उप महानिदेशक जगदीश राजेश ने आयोजन को ‘अच्छी पहल’ बताते हुए कहा कि साइकिलिंग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, बल्कि इसका नियमित उपयोग राष्ट्र-निर्माण में भी योगदान देता है। उनका कहना था कि कम कार्बन-उत्सर्जन और बेहतर सार्वजनिक स्वास्थ्य दोनों ही दीर्घकालिक राष्ट्रीय हित से जुड़े हैं।
‘साइकिल टू वर्क’ की वकालत
बाइसाइकिल मेयर दिलीप सभरवाल ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, “आज विश्व बाइसाइकिल दिवस है। इसे पूरी दुनिया में मनाया जाता है और आज हम इसे यहां दिल्ली में मना रहे हैं।” उन्होंने बताया कि उनका मुख्य लक्ष्य ‘साइकिल टू वर्क’ की संस्कृति को बढ़ावा देना है।
सभरवाल ने कहा, “प्रदूषण और ट्रैफिक की समस्याएं, शारीरिक परेशानियां और तेल संकट — ऐसी अनेकों दिक्कतों का समाधान साइकिल ही है। साइकिल से हर व्यक्ति न सिर्फ फिट रह सकता है, बल्कि तेल की बचत होती है और हवा स्वच्छ होती है। इसी उद्देश्य के साथ हमने बुधवार को दिल्ली में साइकिल रैली का आयोजन किया है।”
क्यों मायने रखता है यह आयोजन
संयुक्त राष्ट्र ने 3 जून को विश्व साइकिल दिवस के रूप में मान्यता दी है, और भारत जैसे देशों में, जहाँ शहरी वायु गुणवत्ता और यातायात भीड़ लगातार चुनौती बने हुए हैं, यह दिन विशेष महत्व रखता है। दिल्ली, जो सर्दियों में अक्सर ‘गंभीर’ श्रेणी की वायु गुणवत्ता से जूझती है, के लिए साइकिल-केंद्रित परिवहन नीति को आलोचक एक संरचनात्मक समाधान मानते हैं। आयोजकों का कहना है कि आने वाले महीनों में इस तरह की रैलियाँ अन्य महानगरों में भी आयोजित की जाएँगी।