19 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

विश्व साइकिल दिवस 2026: दिल्ली के हौज खास में रैली, साइकिलिंग को लाइफस्टाइल बनाने की अपील

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
विश्व साइकिल दिवस 2026: दिल्ली के हौज खास में रैली, साइकिलिंग को लाइफस्टाइल बनाने की अपील

सारांश

विश्व साइकिल दिवस पर दिल्ली के हौज खास में आयोजित रैली केवल एक प्रतीकात्मक आयोजन नहीं, बल्कि शहरी परिवहन की दिशा बदलने की पुकार थी। BYCS इंडिया और ICMR के अधिकारियों ने साइकिल को लाइफस्टाइल बनाने और ‘साइकिल टू वर्क’ संस्कृति को अपनाने पर ज़ोर दिया — प्रदूषण, ट्रैफिक और स्वास्थ्य संकट का एक साझा जवाब।

मुख्य बातें

3 जून 2026 को विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर दिल्ली के हौज खास में साइकिल रैली का आयोजन हुआ।
बीवाईसीएस इंडिया फाउंडेशन की सीईओ भैरवी जोशी के अनुसार, 55 से अधिक शहर ‘बाइसाइकिल मेयर्स’ के ज़रिए संगठन से जुड़े हैं।
ICMR के उप महानिदेशक जगदीश राजेश ने साइकिलिंग को स्वास्थ्य और राष्ट्र-निर्माण से जोड़ा।
बाइसाइकिल मेयर दिलीप सभरवाल ने ‘ साइकिल टू वर्क ’ अभियान को बढ़ावा देने की अपील की।
आयोजकों ने प्रदूषण, ट्रैफिक और तेल संकट के समाधान के रूप में साइकिल को रेखांकित किया।

विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर 3 जून 2026, बुधवार को राजधानी दिल्ली के हौज खास में एक बड़ी साइकिल रैली का आयोजन किया गया, जिसमें नागरिकों, अधिकारियों और साइकिलिंग कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य साइकिलिंग को परिवहन के एक टिकाऊ, स्वस्थ और पर्यावरण-अनुकूल माध्यम के रूप में बढ़ावा देना तथा स्वच्छ गतिशीलता एवं हरित भविष्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

आयोजन का स्वरूप और उद्देश्य

रैली का आयोजन बीवाईसीएस इंडिया फाउंडेशन के नेतृत्व में हुआ, जो देशभर में ‘बाइसाइकिल मेयर्स’ के माध्यम से शहरी साइकिलिंग संस्कृति को आगे बढ़ाने का काम करती है। आयोजकों के अनुसार, यह पहल लोगों को यह संदेश देने के लिए थी कि साइकिल केवल एक खेल-गतिविधि नहीं, बल्कि रोज़मर्रा के आवागमन का व्यावहारिक विकल्प भी है।

‘55 से अधिक शहरों में नेटवर्क’

बीवाईसीएस इंडिया फाउंडेशन की सीईओ भैरवी जोशी ने बताया कि 55 से अधिक शहर ‘बाइसाइकिल मेयर्स’ के ज़रिए संगठन से जुड़े हुए हैं, जो स्थानीय स्तर पर साइकिलिंग को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय हैं। उन्होंने कहा, “साइकिलिंग को लेकर हमारा मुख्य कार्य जनजागृति करना है। इसके ज़रिए हम लोगों को साइकिल के फायदे बताते हैं और इसका अधिक से अधिक इस्तेमाल करने की अपील करते हैं।”

जोशी ने ज़ोर देकर कहा कि साइकिलिंग को केवल स्पोर्ट्स एक्टिविटी की दृष्टि से न देखा जाए, बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाया जाए और रोज़मर्रा के कामों के लिए साइकिल का उपयोग किया जाए।

स्वास्थ्य और राष्ट्रहित का जुड़ाव

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के उप महानिदेशक जगदीश राजेश ने आयोजन को ‘अच्छी पहल’ बताते हुए कहा कि साइकिलिंग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, बल्कि इसका नियमित उपयोग राष्ट्र-निर्माण में भी योगदान देता है। उनका कहना था कि कम कार्बन-उत्सर्जन और बेहतर सार्वजनिक स्वास्थ्य दोनों ही दीर्घकालिक राष्ट्रीय हित से जुड़े हैं।

‘साइकिल टू वर्क’ की वकालत

बाइसाइकिल मेयर दिलीप सभरवाल ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, “आज विश्व बाइसाइकिल दिवस है। इसे पूरी दुनिया में मनाया जाता है और आज हम इसे यहां दिल्ली में मना रहे हैं।” उन्होंने बताया कि उनका मुख्य लक्ष्य ‘साइकिल टू वर्क’ की संस्कृति को बढ़ावा देना है।

सभरवाल ने कहा, “प्रदूषण और ट्रैफिक की समस्याएं, शारीरिक परेशानियां और तेल संकट — ऐसी अनेकों दिक्कतों का समाधान साइकिल ही है। साइकिल से हर व्यक्ति न सिर्फ फिट रह सकता है, बल्कि तेल की बचत होती है और हवा स्वच्छ होती है। इसी उद्देश्य के साथ हमने बुधवार को दिल्ली में साइकिल रैली का आयोजन किया है।”

क्यों मायने रखता है यह आयोजन

संयुक्त राष्ट्र ने 3 जून को विश्व साइकिल दिवस के रूप में मान्यता दी है, और भारत जैसे देशों में, जहाँ शहरी वायु गुणवत्ता और यातायात भीड़ लगातार चुनौती बने हुए हैं, यह दिन विशेष महत्व रखता है। दिल्ली, जो सर्दियों में अक्सर ‘गंभीर’ श्रेणी की वायु गुणवत्ता से जूझती है, के लिए साइकिल-केंद्रित परिवहन नीति को आलोचक एक संरचनात्मक समाधान मानते हैं। आयोजकों का कहना है कि आने वाले महीनों में इस तरह की रैलियाँ अन्य महानगरों में भी आयोजित की जाएँगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

सुरक्षित बुनियादी ढाँचा और कर-प्रोत्साहन मिलकर मॉडल शिफ्ट लाते हैं; भारत में अब तक यह तीनों ज़मीन पर सीमित हैं। दिल्ली में वायु गुणवत्ता संकट हर साल दोहराया जाता है, लेकिन साइकिलिंग-आधारित ‘लास्ट माइल’ नीति बजट दस्तावेज़ों से बाहर नहीं निकल पाई। जागरूकता ज़रूरी है, पर असली बदलाव तब आएगा जब साइकिल-समर्थक बुनियादी ढाँचा निवेश का हिस्सा बनेगा।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्व साइकिल दिवस 2026 कब मनाया गया?
विश्व साइकिल दिवस 3 जून 2026, बुधवार को मनाया गया। इस अवसर पर दिल्ली के हौज खास में एक साइकिल रैली का आयोजन किया गया, जिसमें साइकिलिंग को टिकाऊ परिवहन के रूप में बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया गया।
दिल्ली में साइकिल रैली का आयोजन किसने किया?
रैली का आयोजन बीवाईसीएस इंडिया फाउंडेशन के नेतृत्व में किया गया, जिसकी सीईओ भैरवी जोशी हैं। यह संगठन ‘बाइसाइकिल मेयर्स’ कार्यक्रम के माध्यम से देश के 55 से अधिक शहरों में सक्रिय है।
‘साइकिल टू वर्क’ अभियान का उद्देश्य क्या है?
‘साइकिल टू वर्क’ अभियान का उद्देश्य लोगों को रोज़मर्रा के आवागमन के लिए साइकिल अपनाने के लिए प्रेरित करना है। बाइसाइकिल मेयर दिलीप सभरवाल के अनुसार, यह प्रदूषण, ट्रैफिक, स्वास्थ्य समस्याओं और तेल संकट का साझा समाधान प्रस्तुत करता है।
साइकिलिंग के स्वास्थ्य और पर्यावरणीय लाभ क्या हैं?
ICMR के उप महानिदेशक जगदीश राजेश के अनुसार, साइकिलिंग शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है और राष्ट्र-निर्माण में योगदान देती है। यह वायु प्रदूषण कम करने, ईंधन की बचत और शहरी ट्रैफिक का दबाव घटाने में भी सहायक है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 29 मिनट पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले