9 अक्टूबर 2026
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विश्व डाक दिवस 2026: योगी, भजनलाल, रेखा गुप्ता समेत कई मुख्यमंत्रियों ने डाक कर्मियों को दी शुभकामनाएं

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विश्व डाक दिवस 2026: योगी, भजनलाल, रेखा गुप्ता समेत कई मुख्यमंत्रियों ने डाक कर्मियों को दी शुभकामनाएं

सारांश

विश्व डाक दिवस पर देश के कई मुख्यमंत्रियों — योगी आदित्यनाथ, भजनलाल शर्मा, रेखा गुप्ता, सम्राट चौधरी और नायब सैनी — ने एक्स पर डाक कर्मियों को शुभकामनाएं दीं। डिजिटल युग में भी विश्वास और सेवा की प्रतीक भारतीय डाक की भूमिका को सभी नेताओं ने सराहा।

मुख्य बातें

9 अक्टूबर 2026 को विश्व डाक दिवस के अवसर पर देश के कई मुख्यमंत्रियों ने डाक कर्मियों को बधाई दी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय डाक तंत्र को 'विश्व की सबसे सशक्त, व्यापक व विश्वसनीय डाक व्यवस्था' बताया।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि भारतीय डाक पीढ़ियों से करोड़ों लोगों को जोड़ती आई है।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने PM मोदी के नेतृत्व में डिजिटलीकरण और वित्तीय समावेशन में डाक विभाग की भूमिका को रेखांकित किया।
राजस्थान, बिहार और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों ने भी डाककर्मियों की सेवा और समर्पण को नमन किया।

विश्व डाक दिवस के अवसर पर 9 अक्टूबर 2026 को देशभर के कई मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं ने भारतीय डाक कर्मियों को शुभकामनाएं दीं और भारतीय डाक सेवा की ऐतिहासिक भूमिका को रेखांकित किया। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, बिहार और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी भावनाएं साझा कीं।

मुख्यमंत्रियों की शुभकामनाएं

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा कि भारतीय डाक तंत्र विश्व की सबसे सशक्त, व्यापक एवं विश्वसनीय डाक व्यवस्थाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि यह सेवा देश के हर कोने, हर वर्ग और हर नागरिक को विश्वास, संवेदना एवं सेवा के सूत्र में पिरोकर राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करती है।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि देश के कोने-कोने तक लोगों को जोड़ने और आवश्यक संदेशों व सेवाओं को पहुँचाने में डाक व्यवस्था ने वर्षों से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शर्मा ने यह भी रेखांकित किया कि बदलते समय के साथ नए आयामों को अपनाते हुए डाक विभाग आज भी जनसेवा और संपर्क का सशक्त माध्यम बना हुआ है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा कि भारतीय डाक विश्व की सबसे बड़ी डाक व्यवस्थाओं में से एक है, जिसने पीढ़ियों से देश के करोड़ों लोगों को एक-दूसरे से जोड़े रखा है। उन्होंने कहा कि चाहे अपनों की चिट्ठियाँ हों, खुशियों के संदेश हों या आज की आधुनिक सेवाएं — भारतीय डाक सेवा विश्वास की अनूठी पहचान है।

बिहार और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों की बधाई

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर कहा कि संचार और सेवा के माध्यम से देश को जोड़ने वाले डाककर्मियों का समर्पण और सेवाभाव सदैव सराहनीय रहा है। उन्होंने डाककर्मियों के योगदान को नमन किया।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक्स पर लिखा कि डाक विभाग ने दूरियों को नज़दीकियों में बदलने और जन-जन तक संवाद पहुँचाने में अतुलनीय भूमिका निभाई है। उन्होंने इसे देश को एकता के सूत्र में पिरोने वाला माध्यम बताया।

केंद्रीय नेताओं का संदेश

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय डाक विभाग ने आधुनिक तकनीक और नवाचार के माध्यम से अपनी सेवाओं को नई गति दी है। उन्होंने डिजिटलीकरण, वित्तीय समावेशन और त्वरित सेवाओं के विस्तार को डाक विभाग की उपलब्धियों के रूप में गिनाया।

उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने भी एक्स पर संदेश साझा करते हुए भारतीय डाक परिवार की निष्ठा एवं समर्पण को नमन किया और कहा कि इस सेवा ने देश को संवाद और विश्वास की मज़बूत डोर से जोड़े रखा है।

भारतीय डाक सेवा की विरासत और आधुनिक भूमिका

गौरतलब है कि भारतीय डाक दुनिया का सबसे बड़ा डाक नेटवर्क माना जाता है, जो देश के हर कोने — शहरों से लेकर दूरदराज़ के गाँवों तक — में अपनी सेवाएं पहुँचाता है। डिजिटल युग में इस विभाग ने स्पीड पोस्ट, ई-कॉमर्स डिलीवरी, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और आधार सेवाओं जैसी आधुनिक पहलों के ज़रिए अपनी प्रासंगिकता बनाए रखी है।

यह ऐसे समय में मायने रखता है जब डिजिटल संचार के विस्तार के बावजूद डाक विभाग वित्तीय समावेशन और ग्रामीण कनेक्टिविटी का अहम स्तंभ बना हुआ है। आगे यह देखना होगा कि सरकारी नीतियाँ इस विभाग के आधुनिकीकरण को और किस दिशा में ले जाती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनके पीछे एक बड़ा सवाल छिपा है — क्या भारतीय डाक विभाग को सिर्फ तारीफ़ों की ज़रूरत है, या नीतिगत दिशा की भी? डिजिटल युग में जब निजी कोरियर और ई-कॉमर्स कंपनियाँ डिलीवरी बाज़ार पर हावी हो रही हैं, तब डाक विभाग की प्रासंगिकता को केवल 'भावनात्मक जुड़ाव' तक सीमित रखना काफ़ी नहीं है। वित्तीय समावेशन और ग्रामीण कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में इसकी भूमिका को ठोस नीतिगत समर्थन और बजटीय प्रतिबद्धता चाहिए। नेताओं की तारीफें तब सार्थक होंगी, जब वे विधानसभाओं और संसद में डाक कर्मियों की सेवा शर्तों और विभागीय आधुनिकीकरण पर भी उतनी ही मुखरता दिखाएं।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्व डाक दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
विश्व डाक दिवस प्रतिवर्ष 9 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन 1874 में स्विट्ज़रलैंड के बर्न में यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (UPU) की स्थापना की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, ताकि डाक सेवाओं की समाज में भूमिका को रेखांकित किया जा सके।
9 अक्टूबर 2026 को किन मुख्यमंत्रियों ने डाक कर्मियों को बधाई दी?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक्स पर शुभकामनाएं साझा कीं। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने भी संदेश दिए।
भारतीय डाक सेवा आज डिजिटल युग में किस तरह प्रासंगिक बनी हुई है?
भारतीय डाक ने स्पीड पोस्ट, ई-कॉमर्स डिलीवरी, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और आधार सेवाओं जैसी आधुनिक पहलों के ज़रिए खुद को डिजिटल दौर में ढाला है। यह विभाग विशेषतः ग्रामीण और दूरदराज़ के क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन और संचार का प्रमुख माध्यम बना हुआ है।
योगी आदित्यनाथ ने विश्व डाक दिवस पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा कि भारतीय डाक तंत्र विश्व की सबसे सशक्त, व्यापक और विश्वसनीय डाक व्यवस्थाओं में से एक है, जो देश के हर नागरिक को विश्वास, संवेदना एवं सेवा के सूत्र में पिरोकर राष्ट्रीय एकता को मज़बूत करती है।
भारतीय डाक विभाग के आधुनिकीकरण में क्या प्रगति हुई है?
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय डाक विभाग ने आधुनिक तकनीक और नवाचार के माध्यम से अपनी सेवाओं को नई गति दी है। डिजिटलीकरण, वित्तीय समावेशन और त्वरित सेवाओं का विस्तार इसके प्रमुख पहलू रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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