क्या योगी सरकार के पास नीति और जनता के भले की नियत नहीं है?
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ, २४ दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा ने उत्तर प्रदेश सरकार के अनुपूरक बजट को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पहले सरकार ने आठ लाख करोड़ का बजट पेश किया और इसे ऐतिहासिक बताया। लेकिन, सिर्फ आंकड़े और कागज में रखने से जनता का भला नहीं होगा।
आराधना मिश्रा ने बताया कि केवल पैंतीस फीसदी ही मूल बजट खर्च हो पाया है। कई महत्वपूर्ण विभागों में बीस-तीस फीसदी ही धन का उपयोग हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित फ्लैगशिप प्रोग्राम जैसे टैब और स्मार्टफोन में से कई में शून्य प्रतिशत खर्च हुआ।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह पूरी तरह से दुखद है। सरकार के पास न कोई ठोस नीति है और न ही जनता के भले की कोई सच्ची नियत। बजट केवल आंकड़ों और कागज में रहने से कुछ नहीं होगा। उनका कहना है कि अगर बजट का सही उपयोग नहीं होगा तो जनता को कैसे फायदा होगा।
आराधना मिश्रा ने सुझाव दिया कि सरकार को केवल बजट का शोर मचाने के बजाय जनता तक सही तरीके से संसाधन पहुंचाने चाहिए।
उन्नाव मामले पर भी उन्होंने अपने विचार साझा किए। पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत और पीड़िता की मां के प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि उन्होंने पूरे मामले को परिवार के साथ करीब से देखा और समझा। उन्होंने परिवार के साथ अपनी संवेदनाएं साझा कीं और कहा कि न्यायालय का निर्णय सबूतों के आधार पर लिया गया होगा।
जब उनसे पूछा गया कि उस समय प्रियंका गांधी भी उनके साथ थीं, क्या उनकी भूमिका रही, तो उन्होंने कहा कि वह परिवार के समर्थन में थीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका और उनकी पार्टी का पूरा समर्थन पीड़ित परिवार के साथ है, पहले था और आज भी है।