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योगी सरकार के सुधारों का असर: मदरसा बोर्ड परीक्षा में 18.29% छात्रों की बढ़ी भागीदारी

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योगी सरकार के सुधारों का असर: मदरसा बोर्ड परीक्षा में 18.29% छात्रों की बढ़ी भागीदारी

सारांश

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा मदरसा शिक्षा में किए गए सुधारों के परिणामस्वरूप छात्र-छात्राओं की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। जानें इस सकारात्मक बदलाव के पीछे की कहानी।

मुख्य बातें

मदरसा शिक्षा में बढ़ा छात्र-छात्राओं का विश्वास 18.29 प्रतिशत की वृद्धि हुई है पारदर्शिता और नकलविहीन परीक्षा का महत्व सकारात्मक माहौल का निर्माण महत्वपूर्ण परिणाम समय पर घोषित होंगे

लखनऊ, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश में मदरसा शिक्षा प्रणाली को पारदर्शिता, आधुनिकता और व्यवस्थित बनाने के लिए योगी सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है।

इसका नतीजा यह है कि यूपी मदरसा शिक्षा परिषद की वर्ष 2026 की परीक्षा में छात्रों की संख्या में वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 12,510 अधिक परीक्षार्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया, जो मदरसा शिक्षा प्रणाली में बढ़ते विश्वास का संकेत है। साल 2025 में जहां कुल 68,423 विद्यार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया था, वहीं इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 80,933 हो गई, यानी लगभग 18.29 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

योगी सरकार द्वारा परीक्षा के संचालन में पारदर्शिता, नकलविहीन वातावरण और समयबद्ध परिणाम की व्यवस्था ने विद्यार्थियों तथा अभिभावकों का भरोसा और मजबूत किया है। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा संचालित अरबी-फारसी की मुंशी/मौलवी (सेकेण्डरी) एवं आलिम (सीनियर सेकेण्डरी) परीक्षा 9 फरवरी को प्रदेशभर में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई थी। परीक्षा 71 जनपदों के 277 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली में मुंशी/मौलवी परीक्षा और दूसरी पाली में आलिम अरबी परीक्षा हुई।

मुंशी/मौलवी परीक्षा में कुल 62,232 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें 32,389 छात्र और 29,843 छात्राएं शामिल थीं। वहीं आलिम परीक्षा में 18,701 विद्यार्थी पंजीकृत हुए, जिनमें 9,092 छात्र तथा 9,609 छात्राएं थीं। ये आंकड़े यह भी दिखाते हैं कि मदरसा शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है।

योगी सरकार ने परीक्षा को निष्पक्ष और नकलविहीन बनाने के लिए इस बार विशेष इंतजाम किए थे। जनपद स्तर पर सचल दल, आंतरिक निरीक्षण टीम, सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। इसके साथ ही परिषद स्तर पर केंद्रीकृत निगरानी व्यवस्था लागू की गई, जिसके तहत सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से परीक्षा केंद्रों की लगातार मॉनिटरिंग की गई। सख्त व्यवस्था का ही परिणाम रहा कि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुई।

मदरसा शिक्षा परिषद के अधिकारियों का कहना है कि मई में परीक्षा परिणाम घोषित करने की तैयारी अंतिम चरण में है। समय पर परिणाम आने से विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई, प्रवेश प्रक्रिया और अन्य शैक्षिक योजनाओं में लाभ मिलेगा।

वहीं, मदरसा शिक्षा को मुख्यधारा से जोड़ने, आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की दिशा में योगी सरकार के प्रयासों ने सकारात्मक माहौल निर्मित किया है। इसी भरोसे का परिणाम है कि इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में छात्र-छात्राओं ने मदरसा बोर्ड परीक्षा में भाग लेकर सरकार की नीतियों पर अपनी मुहर लगाई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कि भविष्य के लिए एक स्वस्थ संकेत है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

योगी सरकार ने मदरसा शिक्षा में क्या सुधार किए हैं?
योगी सरकार ने मदरसा शिक्षा में पारदर्शिता, नकलविहीन परीक्षा और समयबद्ध परिणाम की व्यवस्था लागू की है।
इस वर्ष मदरसा बोर्ड परीक्षा में कितने छात्रों ने भाग लिया?
इस वर्ष 80,933 छात्रों ने मदरसा बोर्ड परीक्षा में भाग लिया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 18.29 प्रतिशत अधिक है।
राष्ट्र प्रेस
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