क्या योगी सरकार की पहल से अमरोहा पुलिस देशभर में साइबर सुरक्षा का केंद्र बन गई है?

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क्या योगी सरकार की पहल से अमरोहा पुलिस देशभर में साइबर सुरक्षा का केंद्र बन गई है?

सारांश

योगी सरकार के 'साइबर सुरक्षा इंटर्नशिप कार्यक्रम-2025' के तहत अमरोहा पुलिस ने साइबर अपराध की रोकथाम के लिए एक अभिनव पहल की है। यह कार्यक्रम न केवल तकनीकी ज्ञान प्रदान करता है, बल्कि युवाओं को डिजिटल प्रहरी के रूप में तैयार करने की दिशा में भी कार्यरत है।

मुख्य बातें

साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास।
युवाओं को डिजिटल प्रहरी के रूप में सशक्त बनाना।
अमरोहा पुलिस की नवाचार पहल।
सामुदायिक पुलिसिंग का नया मॉडल।
साइबर अपराध की रोकथाम के लिए विशेष प्रशिक्षण ।

लखनऊ, २६ जून (राष्ट्र प्रेस)। योगी सरकार प्रदेश में साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए लगातार प्रभावशाली कदम उठा रही है। योगी सरकार जहां एक ओर साइबर अपराध की रोकथाम के लिए विभिन्न तकनीकों का उपयोग कर रही है, वहीं जिला स्तर पर पुलिस विभाग द्वारा अभिनव उपाय किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अमरोहा पुलिस, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में 'साइबर सुरक्षा इंटर्नशिप कार्यक्रम-२०२५' के माध्यम से उत्तर प्रदेश के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों के छात्रों को साइबर अपराध की रोकथाम के लिए जागरूक कर रही है।

इसके साथ ही उन्हें अपराध पर नियंत्रण के तरीके भी सिखाए जा रहे हैं। यह केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि एक व्यापक आंदोलन है, जो युवाओं को सशक्त बनाकर समाज को साइबर सुरक्षित बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में तकनीक के माध्यम से कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

अमरोहा एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दृष्टि के अनुसार जिले में 'साइबर सुरक्षा इंटर्नशिप कार्यक्रम-२०२५' का आयोजन किया जा रहा है, जो ३० जून तक चलेगा। इस कार्यक्रम में छात्रों को साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के उपाय सिखाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, उन्हें लोगों को जागरूक करने का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के २२ राज्यों के छात्र-छात्राएं भी शामिल हो रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को साइबर सुरक्षा के प्रति न केवल तकनीकी रूप से प्रशिक्षित करना है, बल्कि उन्हें डिजिटल प्रहरी के रूप में समाज में तैयार करना भी है।

उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशिक्षुओं को अपने घर और स्कूलों में जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी भी दी जा रही है। अमरोहा पुलिस की यह पहल सामुदायिक पुलिसिंग का एक नया मॉडल प्रस्तुत कर रही है, जो दर्शाता है कि जब पुलिस और समाज एक साथ मिलकर कार्य करते हैं, तो डिजिटल युग की चुनौतियों का प्रभावी समाधान किया जा सकता है।

एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि सरकार ने पूर्व वर्षों में साइबर अपराधों को नियंत्रित करने के लिए विशेष साइबर थाना, साइबर हेल्पलाइन, डिजिटल धोखाधड़ी ट्रैकिंग सिस्टम और साइबर जागरूकता अभियानों जैसे कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अब इन प्रयासों में अमरोहा पुलिस की यह अभिनव इंटर्नशिप पहल एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में जुड़ गई है, जो भविष्य में एक मजबूत और जागरूक डिजिटल समाज के निर्माण में सहायता करेगी। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल उत्तर प्रदेश तक ही सीमित नहीं है। यूपी से २४८ प्रतिभागियों के अलावा बिहार (४८), राजस्थान (४२), दिल्ली (३०), हरियाणा (२९) सहित महाराष्ट्र, तमिलनाडु, जम्मू-कश्मीर, त्रिपुरा और ओडिशा से भी बड़ी संख्या में युवा भाग ले रहे हैं। अमरोहा पुलिस की इस अभिनव पहल से अमरोहा केवल भौगोलिक रूप से नहीं, बल्कि डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में भी एक राष्ट्रीय पहचान बना रहा है।

यह इंटर्नशिप कार्यक्रम पूरी तरह से नि:शुल्क है। इसके सभी सत्र ऑफलाइन आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि प्रतिभागियों में अनुशासन और संवाद कौशल को विकसित किया जा सके। प्रशिक्षण में राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों द्वारा साइबर कानून, डिजिटल फॉरेंसिक्स, एथिकल हैकिंग, ओएसआईएनटी, डार्क वेब, मोबाइल फॉरेंसिक्स आदि विषयों पर गहन जानकारी प्रदान की जा रही है। इसके अलावा, छात्रों को 'कैप्चर द फ्लैग' (सीटीएफ) साइबर गेम्स और वास्तविक केस स्टडीज के माध्यम से व्यवहारिक अनुभव भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे जमीनी स्तर पर साइबर अपराध की जांच प्रक्रियाओं को समझ सकें।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित होगा कि योगी सरकार की यह पहल न केवल तकनीकी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज में जागरूकता लाने और युवाओं को सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस प्रक्रिया में, पुलिस और समुदाय के बीच संबंधों को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है, जो कि एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साइबर सुरक्षा इंटर्नशिप कार्यक्रम कब शुरू हुआ?
यह कार्यक्रम ३० जून तक चलेगा, जिसमें विभिन्न राज्यों के छात्र भाग ले रहे हैं।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य युवाओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और उन्हें डिजिटल प्रहरी के रूप में तैयार करना है।
क्या यह कार्यक्रम नि:शुल्क है?
हाँ, यह इंटर्नशिप कार्यक्रम पूरी तरह से नि:शुल्क है।
इस कार्यक्रम में कौन से विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है?
प्रशिक्षण में साइबर कानून, डिजिटल फॉरेंसिक्स, एथिकल हैकिंग, और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी जा रही है।
कितने राज्यों के छात्र इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं?
इस कार्यक्रम में देश के २२ राज्यों के छात्र भाग ले रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस