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क्या योगी सरकार की पुलिस ने 8 साल में 30 हजार से अधिक अपराधियों को सलाखों के पीछे डाला?

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क्या योगी सरकार की पुलिस ने 8 साल में 30 हजार से अधिक अपराधियों को सलाखों के पीछे डाला?

सारांश

योगी सरकार ने पिछले आठ वर्षों में यूपी पुलिस के माध्यम से जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है, जिससे 30 हजार से अधिक अपराधियों को सलाखों के पीछे डाला गया है। क्या ये कदम प्रदेश की कानून व्यवस्था को सुधारने में सफल हुए हैं?

मुख्य बातें

योगी सरकार ने 30,000 से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया।
मेरठ जोन में सबसे अधिक गिरफ्तारी हुई।
पुलिस बल को आधुनिक हथियारों से लैस किया गया।
कानून व्यवस्था में सुधार हेतु जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई।
अपराधियों के लिए उत्तर प्रदेश में कोई स्थान नहीं है।

लखनऊ, 17 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। योगी सरकार की मजबूत कानून व्यवस्था न केवल देश में, बल्कि विदेशों में भी सुर्खियां बटोर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले आठ वर्षों में यूपी पुलिस ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई की है।

इसी कारण, यूपी पुलिस ने वर्ष 2017 से अब तक कुल 30 हजार से अधिक अपराधियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया, जिसमें 9 हजार से अधिक अपराधियों को पैर में गोली लगी। यूपी पुलिस ने अपराधियों की धरपकड़ के लिए अब तक 14 हजार से अधिक कार्रवाई की, जिससे प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ।

डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए निरंतर कार्रवाई की जा रही है। पिछले आठ वर्षों में यूपी पुलिस द्वारा अपराधियों की धरपकड़ के लिए 14,973 कार्रवाई की गई। इस दौरान 30,694 अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। पुलिस पर हमला करने वाले 9,467 अपराधियों के पैर में गोली लगी, जबकि 238 अपराधी मारे गए। प्रदेश में सबसे अधिक पश्चिम के मेरठ जोन में कार्रवाई की गई, जहां 7,969 अपराधी गिरफ्तार किए गए, जबकि 2,911 घायल हुए।

इसी तरह आगरा जोन में 5,529 अपराधी गिरफ्तार किए गए, जबकि 741 घायल हुए। वहीं, बरेली जोन में 4,383 अपराधी पकड़े गए और 921 घायल हुए। इसके अलावा वाराणसी जोन में 2,029 अपराधी अरेस्ट किए गए और 620 घायल हुए।

डीजीपी ने बताया कि कमिश्नरेट में सबसे अधिक गौतमबुद्धनगर में 1,983 गिरफ्तार किए गए और 1,180 घायल हुए। गाजियाबाद कमिश्नरेट में 1,133 गिरफ्तार किए गए और 686 घायल हुए। इसके अलावा आगरा कमिश्नरेट में 1,060 अपराधी गिरफ्तार किए गए और 271 घायल हुए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की सत्ता संभालते ही सबसे पहला लक्ष्य प्रदेश में कानून का राज स्थापित करना और अपराधियों को नेस्तनाबूद करना रखा। उनकी स्पष्ट चेतावनी थी कि अपराधियों के लिए उत्तर प्रदेश में कोई जगह नहीं है। उन्हें या तो अपराध छोड़ना होगा या प्रदेश को।

इस दिशा में उठाए गए सख्त कदमों ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को एक नई दिशा दी है। इसके लिए सीएम योगी ने न केवल पुलिस बल को आधुनिक हथियारों और प्रशिक्षण से सुसज्जित किया, बल्कि उनके मनोबल को भी ऊंचा किया।

पिछले आठ वर्षों की सख्त नीति और अभियान का यही परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश देश के सबसे सुरक्षित राज्यों में गिना जाने लगा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

योगी सरकार की सख्त कानून व्यवस्था ने प्रदेश में अपराधों की दर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि, हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि इस प्रकार की नीतियों का दीर्घकालिक प्रभाव क्या होगा।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

योगी सरकार ने कितने अपराधियों को गिरफ्तार किया?
योगी सरकार ने पिछले 8 वर्षों में 30,694 अपराधियों को गिरफ्तार किया।
कौन सा जोन सबसे अधिक गिरफ्तारी में अग्रणी है?
मेरठ जोन में सबसे अधिक 7,969 अपराधियों की गिरफ्तारी हुई है।
कानून व्यवस्था में सुधार के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस बल को आधुनिक हथियारों और प्रशिक्षण से सुसज्जित किया है।
गिरफ्तार किए गए अपराधियों में से कितनों को गोली लगी?
गिरफ्तारी के दौरान 9,467 अपराधियों को पैर में गोली लगी।
क्या अपराधियों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अपराधियों के लिए उत्तर प्रदेश में कोई स्थान नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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