25 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या अस्थमा के उपचार के बाद भी रक्त में सूजन वाली कोशिकाएं बनी रहती हैं?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या अस्थमा के उपचार के बाद भी रक्त में सूजन वाली कोशिकाएं बनी रहती हैं?

सारांश

क्या बायोलॉजिकल दवाएं अस्थमा के मरीजों के लिए पर्याप्त हैं? नए अध्ययन में पाया गया है कि रक्त में सूजन वाली कोशिकाएं बनी रहती हैं, जिससे उपचार को निरंतर बनाए रखने की आवश्यकता होती है। जानिए इस अध्ययन के महत्वपूर्ण निष्कर्ष और भविष्य के उपचार पर इसके प्रभाव।

मुख्य बातें

बायोलॉजिकल दवाएं गंभीर अस्थमा के इलाज में सहायक हैं।
रक्त में सूजन वाली कोशिकाएं खत्म नहीं होतीं।
इलाज को निरंतर जारी रखना आवश्यक है।
शोध में उन्नत तकनीकों का उपयोग किया गया।
भविष्य में अधिक प्रभावी उपचार विकसित करने की संभावनाएं।

नई दिल्ली, 26 जून (राष्ट्र प्रेस)। बायोलॉजिकल दवाएं या बायोलॉजिक्स गंभीर अस्थमा के मरीजों की जिंदगी में सुधार लाती हैं, लेकिन एक नए अध्ययन में पाया गया है कि इन दवाओं के उपयोग के बाद भी कुछ प्रतिरक्षा कोशिकाएं रक्त में बनी रहती हैं, जो सूजन को बढ़ाने में सहायक होती हैं।

स्वीडन के कैरोलिंस्का इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन में बताया कि गंभीर अस्थमा के इलाज में उपयोग होने वाली बायोलॉजिक दवाएं, जैसे मेपोलिजुमैब और डुपिलमैब, मरीजों की स्थिति में सुधार करती हैं, फिर भी ये रक्त में सूजन पैदा करने वाली कुछ इम्यून कोशिकाओं को समाप्त नहीं कर पातीं।

यह अध्ययन वैज्ञानिक पत्रिका 'एलर्जी' में प्रकाशित हुआ है। शोध में बताया गया है कि इन कोशिकाओं की उपस्थिति के कारण यदि इलाज बंद किया जाए तो एयरवे में सूजन पुनः शुरू हो सकती है।

शोधकर्ताओं ने 40 गंभीर अस्थमा के मरीजों के रक्त के नमूनों का विश्लेषण किया। इन दवाओं ने मरीजों के लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद की, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से सूजन पैदा करने वाली प्रतिरक्षा कोशिकाओं की संख्या में कमी की बजाय वृद्धि देखी गई।

कैरोलिंस्का इंस्टीट्यूट में टिश्यू इम्यूनोलॉजी की प्रोफेसर जेनी मोज्सबर्ग ने कहा, "बायोलॉजिक्स सूजन की जड़ को खत्म नहीं करतीं। यह दर्शाता है कि बीमारी को नियंत्रित करने के लिए इलाज को जारी रखना आवश्यक है।"

शोध में फ्लो साइटोमेट्री और सिंगल सेल सीक्वेंसिंग जैसी उच्च तकनीक का उपयोग किया गया जिससे प्रतिरक्षा कोशिकाओं के गुणों और कार्यों का पता लगाया गया।

शोधकर्ता लोरेंज विर्थ ने बताया, "इलाज के दौरान सूजन पैदा करने वाली कोशिकाएं कम होने की बजाय बढ़ गईं। यह बताता है कि इलाज में कमी या बंद करने पर एयरवे में सूजन क्यों लौट आती है।"

बायोलॉजिक्स पिछले एक दशक से गंभीर अस्थमा के इलाज में उपयोग हो रही है, लेकिन इसके लंबे समय तक के प्रभावों के बारे में जानकारी सीमित है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि इन दवाओं के लंबे समय तक उपयोग के प्रभावों को समझना आवश्यक है। रिसर्च टीम अब उन मरीजों के नमूनों का विश्लेषण करने की योजना बना रही है, जो लंबे समय से इलाज करवा रहे हैं। इसके साथ ही, वे फेफड़ों के ऊतकों की जांच करेंगे ताकि एयरवे में प्रतिरक्षा कोशिकाओं पर पड़ने वाले प्रभावों को समझा जा सके।

शोधकर्ताओं का मानना है कि इस खोज से भविष्य में अधिक प्रभावी उपचार विकसित करने में मदद मिलेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

ताकि मरीजों को बेहतर जीवन मिल सके।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बायोलॉजिकल दवाएं क्या हैं?
बायोलॉजिकल दवाएं ऐसी दवाएं होती हैं जो मानव शरीर में प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होने वाले पदार्थों से बनाई जाती हैं और गंभीर बीमारियों, जैसे अस्थमा, के इलाज के लिए उपयोग की जाती हैं।
क्या बायोलॉजिक्स अस्थमा का पूरा इलाज कर सकते हैं?
नहीं, एक नए अध्ययन के अनुसार, बायोलॉजिक्स अस्थमा के लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद करती हैं, लेकिन ये सूजन पैदा करने वाली कोशिकाओं को पूरी तरह खत्म नहीं कर पातीं।
क्या इलाज को जारी रखना आवश्यक है?
हाँ, इस अध्ययन से स्पष्ट होता है कि इलाज को निरंतर बनाए रखना आवश्यक है, ताकि सूजन को नियंत्रित किया जा सके।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले