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क्या भारत का रियल एस्टेट बाजार 2047 तक 10 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचेगा?

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क्या भारत का रियल एस्टेट बाजार 2047 तक 10 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचेगा?

सारांश

एक नई रिपोर्ट ने भविष्यवाणी की है कि भारत का रियल एस्टेट बाजार 2047 तक 10 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच सकता है। मांग में वृद्धि, संस्थागतकरण और आर्थिक विकास से जुड़े कारक इस वृद्धि के पीछे हैं, जिससे भारत का ऑफिस स्टॉक 2 अरब वर्ग फुट के पार जा सकता है।

मुख्य बातें

भारत का रियल एस्टेट बाजार 2047 तक 10 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच सकता है।
ऑफिस स्टॉक 2 अरब वर्ग फुट से अधिक हो सकता है।
शहरीकरण की गति तेज हो रही है।
रियल एस्टेट का GDP में योगदान बढ़ रहा है।
सरकारी और निजी भागीदारी से विकास को गति मिलेगी।

नई दिल्ली, 12 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2047 तक मांग में वृद्धि, बढ़ते संस्थागतकरण और मजबूत आर्थिक विकास की संभावनाओं के चलते कुल ऑफिस स्टॉक 2 अरब वर्ग फुट से अधिक होने की संभावना है। इसके साथ ही, रियल एस्टेट क्षेत्र का बाजार 2047 तक 10 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है।

कोलियर्स ने कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) के सहयोग से एक रिपोर्ट में कहा है कि भारत में 'ग्रेड ए' ऑफिस स्टॉक 2010 से तीन गुना बढ़कर वर्तमान में 80 करोड़ वर्ग फुट से अधिक हो गया है। यह वृद्धि टेक्नोलॉजी, बीएफएसआई, इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) और घरेलू कंपनियों की बढ़ती मांग के कारण हुई है।

औद्योगिक और वेयरहाउसिंग के क्षेत्र में, ग्रेड ए स्टॉक का स्तर 2025 में 250 मिलियन वर्ग फुट के आंकड़े को पार कर जाएगा, जो मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, निजी क्षेत्र की भागीदारी और उपभोक्ता मांग के साथ-साथ वेयरहाउसिंग आवश्यकताओं में वृद्धि के कारण 2010 के स्तर की तुलना में कई गुना बढ़ गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इनकम लेवल में अनुमानित वृद्धि और प्रगतिशील आवास नीतियों के समर्थन से, 2047 तक वार्षिक आवास बिक्री दोगुनी होकर 10 लाख यूनिट हो सकती है।

भारतीय शहरों का तेजी से शहरीकरण हो रहा है। 2050 तक कुल जनसंख्या का 53 प्रतिशत हिस्सा शहरी क्षेत्रों में रहने वालों का होगा, जो कि वर्तमान में 37 प्रतिशत है।

कोलियर्स इंडिया के नेशनल डायरेक्टर और रिसर्च हेड विमल नादर ने कहा, "भारत न केवल अपने इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार कर रहा है; बल्कि शहरी जीवन के भविष्य की पुनर्कल्पना भी कर रहा है।"

भारत का रियल एस्टेट क्षेत्र सभी परिसंपत्ति वर्गों में तेज गति से बहुआयामी विकास के लिए तैयार है।

निरंतर सरकारी प्रोत्साहन और कई निजी व सार्वजनिक हितधारकों के कारण भारत 2030 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। इसके अलावा, भारतीय अर्थव्यवस्था 2047 तक 35-40 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच सकती है।

इस आर्थिक परिवर्तन का मुख्य कारण रियल एस्टेट क्षेत्र का सकल घरेलू उत्पाद में योगदान लगातार बढ़ना है, जो कि 2000 के दशक की शुरुआत में 5 प्रतिशत से बढ़कर आज 6-8 प्रतिशत हो गया है और इसके 14-20 प्रतिशत तक पहुँचने का अनुमान है।

क्रेडाई के प्रेसिडेंट शेखर पटेल ने कहा, "2047 तक, भारतीय रियल एस्टेट को केवल वर्ग फुट या संपत्ति के मूल्य में नहीं मापा जाएगा बल्कि यह लाखों नागरिकों के लिए हमारे द्वारा निर्मित जीवन की गुणवत्ता से परिभाषित होगा।"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत का रियल एस्टेट बाजार कब 10 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच सकता है?
रिपोर्ट के अनुसार, भारत का रियल एस्टेट बाजार 2047 तक 10 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है।
भारत में ऑफिस स्टॉक का क्या भविष्य है?
भारत में ऑफिस स्टॉक 2047 तक 2 अरब वर्ग फुट से अधिक होने की संभावना है।
रियल एस्टेट क्षेत्र का GDP में क्या योगदान है?
रियल एस्टेट क्षेत्र का सकल घरेलू उत्पाद में योगदान 2000 के दशक की शुरुआत में 5 प्रतिशत से बढ़कर आज 6-8 प्रतिशत हो गया है।
क्या भारत में शहरीकरण बढ़ रहा है?
जी हाँ, रिपोर्ट के अनुसार, 2050 तक कुल जनसंख्या का 53 प्रतिशत हिस्सा शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का होगा।
क्रेडाई के प्रेसिडेंट ने क्या कहा?
क्रेडाई के प्रेसिडेंट शेखर पटेल ने कहा कि 2047 तक भारतीय रियल एस्टेट की गुणवत्ता लाखों नागरिकों के जीवन से परिभाषित होगी।
राष्ट्र प्रेस
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