क्या बैक्टीरियल इंफेक्शन से दिल का दौरा पड़ सकता है?

सारांश
Key Takeaways
- बैक्टीरियल इंफेक्शन दिल के दौरे का एक संभावित कारण है।
- धमनी में बायोफिल्म बैक्टीरिया की उपस्थिति को दर्शाती है।
- यह अध्ययन दिल की बीमारियों के इलाज में नए रास्ते खोल सकता है।
- सूजन से थक्के बन सकते हैं, जो दिल के दौरे का कारण बनते हैं।
- भविष्य में टीकाकरण के लिए नई संभावनाएँ खुल सकती हैं।
नई दिल्ली, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। अब तक हम दिल के दौरे के पीछे केवल ब्लॉकेज और कोलेस्ट्रॉल को जिम्मेदार मानते थे, लेकिन एक नवीनतम अध्ययन ने यह दर्शाया है कि दिल के दौरे का कारण बैक्टीरियल इंफेक्शन भी हो सकता है।
यह अध्ययन फिनलैंड और यूके के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया है और इसे अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के जर्नल में प्रकाशित किया गया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह खोज दिल की बीमारियों के इलाज, परीक्षण और यहां तक कि वैक्सीन विकसित करने के नए रास्ते खोल सकती है।
पहले यह माना जाता था कि कोरोनरी आर्टरी रोग की शुरुआत केवल ऑक्सीडाइज्ड एलडीएल कोलेस्ट्रॉल से होती है। शरीर इसे बाहरी चीज के रूप में पहचानता है और धीरे-धीरे धमनी में ब्लॉकेज बनने लगता है।
हालांकि, लंबे समय से यह संदेह था कि इसमें जीवाणुओं (बैक्टीरिया) की भूमिका हो सकती है, लेकिन इसके लिए ठोस सबूत नहीं थे। शोधकर्ताओं ने पाया कि धमनी में बनने वाले एथेरो स्क्लेरोटिक प्लेक में अक्सर बैक्टीरिया की बायोफिल्म मौजूद होती है।
यह बायोफिल्म एक जिलेटिन जैसी परत होती है, जिसमें बैक्टीरिया छिपे रहते हैं। इस अवस्था में ये बैक्टीरिया लंबे समय तक सुप्त रह सकते हैं और शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली और एंटीबायोटिक दवाओं से सुरक्षित रहते हैं।
इस अध्ययन का नेतृत्व करने वाले फिनलैंड के टैम्पीयर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर पेक्का करहुनेन ने कहा, "कोरोनरी धमनी रोग में जीवाणुओं की भागीदारी का संदेह लंबे समय से रहा है, लेकिन प्रत्यक्ष और ठोस सबूतों का अभाव रहा है।"
अगर शरीर में कोई वायरल इंफेक्शन या कोई बाहरी ट्रिगर होता है, तो ये निष्क्रिय बैक्टीरिया अचानक सक्रिय हो जाते हैं। बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं और सूजन उत्पन्न करते हैं। सूजन के कारण धमनी में जमा प्लेक की परत कमजोर होकर फट जाती है।
जब यह परत टूटती है, तो वहां खून का थक्का (थ्रोम्बस) बनता है, और यह थक्का दिल का दौरा ला सकता है।
यह खोज दर्शाती है कि दिल का दौरा केवल कोलेस्ट्रॉल से नहीं, बल्कि बैक्टीरिया और संक्रमण से भी संबंधित हो सकता है। यह भविष्य में हार्ट अटैक रोकने के लिए नए उपचार और टीकाकरण के लिए एक बड़ी उम्मीद है। अब दिल की बीमारियों के इलाज और परीक्षण के नए तरीके विकसित किए जा सकते हैं।