क्या सोने-चांदी ने एक और नया रिकॉर्ड बनाया है?

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क्या सोने-चांदी ने एक और नया रिकॉर्ड बनाया है?

सारांश

सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापार तनावों के कारण सुरक्षित निवेश के विकल्पों की मांग में वृद्धि हुई है। जानें इस मामले में विशेषज्ञों की राय और बाजार की स्थिति।

Key Takeaways

  • सोने की कीमतों में 4% की वृद्धि हुई है।
  • चांदी ने भी नया रिकॉर्ड बनाया है।
  • अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापार तनाव बढ़ रहा है।
  • विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी की मांग में वृद्धि होगी।
  • निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों में निवेश करना चाहिए।

नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बुधवार को सोने की कीमतों में 4 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे यह एक बार फिर रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया। चांदी ने भी अपने पिछले रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नया सबसे ऊँचा स्तर प्राप्त किया। अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापारिक तनावों में वृद्धि और डॉलर के कमजोर होने की चिंताओं के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश के विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं, यानी सोने और चांदी की ओर।

बुधवार के कारोबारी सत्र में एमसीएक्स पर गोल्ड फरवरी वायदा 1,58,339 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया, वहीं सिल्वर मार्च वायदा 3,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुँच गई।

खबर लिखे जाने तक (सुबह लगभग 11.50 बजे) एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 7,363 रुपये यानी 4.89 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,57,928 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। जबकि, मार्च डिलीवरी वाली चांदी 10,499 रुपये यानी 3.24 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 3,34,171 रुपये प्रति किलो पर पहुँच गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने ने नया रिकॉर्ड बनाया। कॉमेक्स पर अमेरिकी सोना 4,849 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस तक पहुँच गया। वहीं, चांदी की कीमतें 92.5 से 95.7 डॉलर के दायरे में बनी रहीं।

कीमतों में यह वृद्धि उस खबर के बाद आई, जिसमें कहा गया कि अमेरिका फरवरी से यूरोप के आठ देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की योजना बना रहा है। इसके साथ ही जून तक इन टैरिफ को 25 प्रतिशत तक बढ़ाने की भी संभावना है। इसके जवाब में यूरोपीय देश भी अमेरिका के खिलाफ व्यापारिक कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि मध्यम और लंबी अवधि में चांदी का भविष्य काफी मजबूत दिखाई देता है। सप्लाई में कमी और उद्योगों में बढ़ती मांग के कारण 2026 तक चांदी की कीमत 110 से 120 डॉलर तक जा सकती है।

एमसीएक्स पर चांदी के फ्यूचर्स में वर्तमान में 3,30,000 से 3,32,000 रुपये का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले महीनों में यह कीमत 3,35,000 से 3,50,000 रुपये प्रति किलो तक पहुँच सकती है।

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के विशेषज्ञ मनोज कुमार जैन ने कहा कि अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापार युद्ध बढ़ने और वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट से निवेशकों में घबराहट बढ़ गई है। ऐसे में लोग जोखिम भरे निवेशों से दूर होकर सोने और चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों में निवेश कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में वृद्धि, जापान के बॉंड बाजार में बिकवाली और रुपये की कमजोरी ने भी सोने और चांदी की कीमतों को समर्थन दिया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में मजबूत मांग भी सोने और चांदी की कीमतों को ऊँचा बनाए रखने में मदद कर रही है।

साथ ही, केंद्रीय बैंकों की खरीद, भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई से बचाव और आसान मौद्रिक नीति की उम्मीदें भी सोने और चांदी को मजबूती दे रही हैं।

Point of View

NationPress
21/01/2026

Frequently Asked Questions

सोने की कीमतों में इतनी वृद्धि क्यों हुई है?
सोने की कीमतों में वृद्धि का कारण अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापार तनाव और डॉलर की कमजोरी है।
क्या चांदी की कीमतें भी बढ़ी हैं?
जी हाँ, चांदी की कीमतें भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई हैं।
क्या यह वृद्धि स्थायी है?
विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी की कीमतें आने वाले वर्षों में और बढ़ सकती हैं।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों में निवेश करने पर विचार करना चाहिए, जैसे सोना और चांदी।
क्या वैश्विक घटनाएँ हमारे बाजार को प्रभावित कर सकती हैं?
हाँ, वैश्विक घटनाएँ जैसे व्यापारिक तनाव हमारे स्थानीय बाजारों पर प्रभाव डाल सकती हैं।
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