क्या भारत दुनिया में एक मजबूत ग्लोबल पावर हब के रूप में उभर रहा है?

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क्या भारत दुनिया में एक मजबूत ग्लोबल पावर हब के रूप में उभर रहा है?

सारांश

भारत अपनी जनसंख्या, विकास दर और इनोवेशन इकोसिस्टम के माध्यम से एक शक्तिशाली वैश्विक पावर हब के रूप में उभर रहा है। यह वैश्विक उद्योग लीडर्स का मानना है कि भारत में निवेश और विकास की अपार संभावनाएँ हैं।

Key Takeaways

  • भारत का युवा कार्यबल एक महत्वपूर्ण शक्ति है।
  • जनसांख्यिकीय अनुकूलता वैश्विक निवेश आकर्षित करने का मुख्य कारक है।
  • इनोवेशन और विकास की अपार संभावनाएँ हैं।
  • दावोस में चर्चाएँ सतत विकास पर केंद्रित हैं।
  • भारत ग्लोबल पावर हब बनने की ओर अग्रसर है।

दावोस, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत अपनी विशाल जनसंख्या, तेज विकास दर और बढ़ते इनोवेशन इकोसिस्टम के माध्यम से वैश्विक स्तर पर एक शक्तिशाली ग्लोबल पावर हब के रूप में उभरता जा रहा है। यह बात ग्लोबल इंडस्ट्री लीडर्स द्वारा गुरुवार को साझा की गई।

विश्व आर्थिक मंच में हो रही बैठकों के दौरान, बिजनेस लीडर्स ने भारत के बढ़ते महत्व और दीर्घकालिक अंतरराष्ट्रीय निवेश को आकर्षित करने की इसकी क्षमता पर प्रकाश डाला।

ताइवान में फोरम फॉर बिजनेस के संस्थापक तू चांग ने कहा कि भारत की जनसांख्यिकीय अनुकूलता इसे आज की महत्वपूर्ण आर्थिक शक्तियों में से एक बनाती है।

चांग ने कहा, “भारत एक सशक्त वैश्विक शक्ति केंद्र के रूप में उभर रहा है। विशाल और युवा जनसंख्या के चलते भारत में विकास और नवाचार की अपार संभावनाएं हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि भारत को पहले ही वैश्विक आर्थिक विकास के प्रमुख केंद्रों में से एक के रूप में देखा जा रहा है और यह आने वाले वर्षों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।

विश्व आर्थिक मंच इस वर्ष सतत विकास, पूंजी प्रवाह, निवेश और राजनीतिक चुनौतियों सहित कई मुद्दों पर चर्चा कर रहा है, जो सभी आर्थिक प्रगति से घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए हैं।

उन्होंने बताया, “देश की जनसांख्यिकीय अनुकूलता और बढ़ती अर्थव्यवस्था ऐसे प्रमुख कारक हैं जो वैश्विक निवेश को आकर्षित करेंगे।”

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत सरकार आर्थिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए ठोस प्रयास कर रही है।

तू चांग ने कहा, “भारत का युवा कार्यबल एक प्रमुख शक्ति है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश आने वाले वर्षों में और भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए अच्छी स्थिति में है।”

कैनियस इंटरनेशनल के संस्थापक मिलिंद पिंपरीकर ने कहा कि इस वर्ष विश्व आर्थिक मंच में चर्चाओं का केंद्र जिम्मेदार तरीके से प्रौद्योगिकियों का विस्तार करना है।

उन्होंने कहा कि कैनियस महाराष्ट्र सरकार और भारत सरकार के साथ मिलकर एक नया ढांचा तैयार करने पर काम कर रहा है, जो स्टार्टअप्स और डीप-टेक नवाचारों को विकास से लेकर बड़े पैमाने पर व्यावसायीकरण तक पहुंचने में मदद करेगा।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के साथ डीप-टेक्नोलॉजी के व्यावसायीकरण के लिए समर्पित एक संस्थान स्थापित करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जो भारत में नवाचार-आधारित विकास को बढ़ावा देगा।

ऑस्ट्रेलिया स्थित फ्रंटियर वन के सह-संस्थापक फ्रैंक मीहान ने कहा, "भारत की मजबूत आर्थिक गति, विस्तारित बुनियादी ढांचा और परिपक्व व्यावसायिक पारिस्थितिकी तंत्र इसे वैश्विक निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाते हैं।"

इसके अतिरिक्त, भारतीय लीडर्स भी देश में निवेश आकर्षित करने के लिए दावोस गए हुए हैं। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हार्दिक सांघवी ने एनवीडिया में क्वांटम एल्गोरिदम इंजीनियरिंग की निदेशक एलीका क्योसेवा, ईडीएफ के चेयरमैन बर्नार्ड फोंटाना और लिंडे यूरोप के सीईओ रोजर ब्रिट्सगी से मुलाकात की।

इसके अलावा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पोर्ट ऑफ रॉटरडैम अथॉरिटी के सीईओ बौडविजन सीमन्स से मुलाकात की।

Point of View

बल्कि यह विश्व में एक स्थिर और सशक्त शक्ति के रूप में भारत की पहचान को भी बढ़ावा देता है। यह न केवल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।
NationPress
22/01/2026

Frequently Asked Questions

भारत एक ग्लोबल पावर हब क्यों बन रहा है?
भारत की बड़ी जनसंख्या, तेज विकास दर और मजबूत इनोवेशन इकोसिस्टम इसे एक ग्लोबल पावर हब बना रहे हैं।
भारत में निवेश के लिए क्या संभावनाएँ हैं?
भारत में जनसांख्यिकीय अनुकूलता और बढ़ती अर्थव्यवस्था वैश्विक निवेश को आकर्षित कर रही है।
प्रधानमंत्री मोदी का योगदान क्या है?
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार आर्थिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए ठोस प्रयास कर रही है।
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