ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण सोने-चांदी की कीमतों में उछाल, निवेशकों की बढ़ी रुचि

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ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण सोने-चांदी की कीमतों में उछाल, निवेशकों की बढ़ी रुचि

सारांश

पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल-अमेरिका संघर्ष के चलते सोने और चांदी की कीमतों में तेजी आई है। निवेशक सुरक्षित विकल्पों की तलाश में हैं, जिससे एमसीएक्स पर सोने में 1%25 और चांदी में 2.5%25 की वृद्धि हुई है। जानें क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ इस स्थिति पर।

Key Takeaways

  • ईरान-इजरायल संघर्ष से सोने और चांदी की कीमतों में तेजी।
  • सोने में 1%25 और चांदी में 2.5%25 की वृद्धि।
  • विशेषज्ञों का सुझाव, स्थिरता का इंतजार करना।
  • डॉलर इंडेक्स के उच्च स्तर का प्रभाव।
  • निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह।

मुंबई, 4 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में चल रहे ईरान-इजरायल-अमेरिका के संघर्ष के कारण शेयर बाजार में गिरावट के बीच निवेशक अब सोना और चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं। इसी कारण से, बुधवार के शुरुआती कारोबारी सत्र में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के दाम में 1 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई, जबकि चांदी में 2.5 प्रतिशत की तेजी देखी गई।

एमसीएक्स पर अप्रैल डिलीवरी वाले गोल्ड फ्यूचर्स की कीमत 1.44 प्रतिशत बढ़कर 2,324 रुपए के साथ 1,63,432 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुँच गई। वहीं, मई डिलीवरी वाले सिल्वर फ्यूचर्स में 2.65 प्रतिशत की बढ़त के साथ 7,021 रुपए की वृद्धि के बाद 2,72,339 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया।

हालांकि पिछले सत्र में सोने और चांदी में भारी गिरावट आई थी। अप्रैल गोल्ड फ्यूचर्स 3 प्रतिशत गिरकर 1,61,108 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ, जबकि मई सिल्वर फ्यूचर्स लगभग 5 प्रतिशत टूटकर 2,65,318 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था। इसका मुख्य कारण डॉलर इंडेक्स में मजबूती और अमेरिकी 10 साल के बॉंड यील्ड में वृद्धि है।

डॉलर इंडेक्स कई महीनों के उच्चतम स्तर 99.33 पर पहुँच गया है, जबकि अमेरिकी 10 साल के बॉंड यील्ड 4 प्रतिशत से अधिक हो गया। निवेशकों को चिंता है कि ऊर्जा की कीमतों में वृद्धि महंगाई को बढ़ा सकती है, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व को ब्याज दरों को उच्च रखने या बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष में कमी के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद से मिसाइल हमलों का सिलसिला जारी है। इजरायल ने मंगलवार को तेहरान और बेरूत में नए हमलों का दावा किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि यह युद्ध चार से पांच हफ्ते तक चल सकता है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर इससे अधिक समय भी लग सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि कीमती धातुओं का दीर्घकालिक रुझान मजबूत बना हुआ है, लेकिन वर्तमान में बाजार में स्थिरता का इंतजार करना बेहतर होगा।

एक विशेषज्ञ ने सलाह दी है कि आज के कारोबारी सत्र में सोना और चांदी में नई पोजिशन लेने से बचना चाहिए और बाजार में कुछ स्थिरता आने का इंतजार करना चाहिए।

एक्सपर्ट के अनुसार, एमसीएक्स पर सोने के लिए 1,59,100-1,57,700 रुपए पर सपोर्ट और 1,63,500-1,65,800 रुपए पर रेजिस्टेंस स्तर है। चांदी के लिए सपोर्ट स्तर 2,57,700-2,51,500 रुपए और रेजिस्टेंस स्तर 2,71,000-2,78,800 रुपए है।

Point of View

जिससे सोने और चांदी की कीमतों में तेजी आई है। यह स्थिति बाजार की अस्थिरता को दर्शाती है, और निवेशकों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
NationPress
09/03/2026

Frequently Asked Questions

ईरान-इजरायल संघर्ष का सोने की कीमतों पर क्या प्रभाव पड़ा है?
ईरान-इजरायल संघर्ष के चलते सोने की कीमतों में 1%25 से अधिक की वृद्धि हुई है, जिससे निवेशकों की रुचि बढ़ी है।
चांदी की कीमत में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
चांदी की कीमत में 2.5%25 की तेजी आई है, जो निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प की ओर इशारा करती है।
क्या निवेशकों को अभी सोने या चांदी में निवेश करना चाहिए?
विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशकों को बाजार में स्थिरता का इंतजार करना चाहिए इससे पहले कि वे नई पोजिशन लें।
डॉलर इंडेक्स का क्या प्रभाव पड़ा है?
डॉलर इंडेक्स बढ़कर 99.33 पर पहुँच गया है, जिससे सोने और चांदी की कीमतों में अस्थिरता देखी जा रही है।
क्या ईरान-इजरायल संघर्ष का कोई अंत निकट है?
अभी तक संघर्ष के खत्म होने के कोई संकेत नहीं हैं, और भविष्य में स्थिति और भी बिगड़ सकती है।
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