ईरान-इजरायल संघर्ष का असर: सोने और चांदी में भारी उछाल

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ईरान-इजरायल संघर्ष का असर: सोने और चांदी में भारी उछाल

सारांश

पश्चिम एशिया में जारी ईरान-इजरायल संघर्ष ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ने के लिए मजबूर किया है। इस कारण सोने और चांदी की कीमतों में वृद्धि हुई है। जानिए इस स्थिति का बाजार पर क्या असर हो रहा है।

Key Takeaways

  • पश्चिम एशिया में संघर्ष का सोने और चांदी की कीमतों पर प्रभाव।
  • मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कीमतों में तेजी।
  • डॉलर इंडेक्स और बॉंड यील्ड में वृद्धि।
  • बाजार में स्थिरता के लिए विशेषज्ञों की सलाह।
  • कीमती धातुओं के लिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर।

मुंबई, 4 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में चल रहे ईरान-इजरायल-अमेरिका संघर्ष के कारण, शेयर बाजार में गिरावट के बीच निवेशक सोने और चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। यही कारण है कि बुधवार के शुरुआती कारोबारी सत्र में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने की कीमतों में 1 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई, जबकि चांदी में 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखी गई।

एमसीएक्स पर अप्रैल डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स 1.44 प्रतिशत यानी 2,324 रुपए बढ़कर 1,63,432 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुँच गया। वहीं, मई डिलीवरी वाला सिल्वर फ्यूचर्स 2.65 प्रतिशत यानी 7,021 रुपए चढ़कर 2,72,339 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया।

हालांकि, इससे पहले के सत्र में सोने और चांदी में भारी गिरावट आई थी। अप्रैल गोल्ड फ्यूचर्स 3 प्रतिशत गिरकर 1,61,108 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जबकि मई सिल्वर फ्यूचर्स लगभग 5 प्रतिशत टूटकर 2,65,318 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ। इसकी मुख्य वजह डॉलर इंडेक्स में मजबूती और अमेरिकी 10 साल के बॉंड यील्ड में वृद्धि थी।

डॉलर इंडेक्स बढ़कर कई महीनों के उच्च स्तर 99.33 पर पहुँच गया, जबकि अमेरिकी 10 साल के बॉंड यील्ड 4 प्रतिशत के पार चला गया। निवेशकों को यह चिंता है कि ऊर्जा कीमतों में तेजी से महंगाई बढ़ सकती है, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व को ब्याज दरें ऊँची रखने या बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ सकता है।

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष कम होने के संकेत नहीं दिख रहे हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद से मिसाइल हमलों का सिलसिला जारी है। इजरायल ने मंगलवार को तेहरान और बेरूत में नए हमले करने का दावा किया। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि युद्ध चार से पांच हफ्तों तक चल सकता है, लेकिन जरूरत पड़ी तो वह इससे अधिक समय तक भी जारी रह सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि कीमती धातुओं का लंबी अवधि का रुझान मजबूत बना हुआ है, लेकिन फिलहाल बाजार में स्थिरता का इंतजार करना बेहतर होगा।

एक विशेषज्ञ ने सलाह दी है कि आज के सत्र में सोना और चांदी में नई पोजिशन लेने से बचना चाहिए और बाजार में कुछ स्थिरता आने का इंतजार करना चाहिए।

एक्सपर्ट के अनुसार, एमसीएक्स पर सोने को 1,59,100-1,57,700 रुपए पर सपोर्ट और 1,63,500-1,65,800 रुपए पर रेजिस्टेंस है। वहीं, चांदी के लिए 2,57,700-2,51,500 रुपए सपोर्ट और 2,71,000-2,78,800 रुपए रेजिस्टेंस स्तर बताया गया है।

Point of View

जबकि डॉलर की मजबूती और बॉंड यील्ड में वृद्धि से चिंताएँ भी बढ़ रही हैं।
NationPress
15/03/2026

Frequently Asked Questions

ईरान-इजरायल संघर्ष का सोने की कीमतों पर क्या असर है?
ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण निवेशक सोने को एक सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं, जिससे इसकी कीमतों में वृद्धि हो रही है।
क्या चांदी की कीमतें भी बढ़ रही हैं?
जी हां, चांदी की कीमतों में भी तेजी आई है, जैसा कि हाल के कारोबारी सत्रों में देखा गया।
डॉलर इंडेक्स की स्थिति क्या है?
डॉलर इंडेक्स कई महीनों के उच्च स्तर 99.33 पर पहुँच गया है, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ी है।
क्या निवेशकों को सोने और चांदी में नई पोजिशन लेनी चाहिए?
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में स्थिरता का इंतजार करना बेहतर होगा।
सोने और चांदी के लिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर क्या हैं?
सोने के लिए सपोर्ट 1,59,100-1,57,700 रुपए और रेजिस्टेंस 1,63,500-1,65,800 रुपए है। चांदी के लिए सपोर्ट 2,57,700-2,51,500 रुपए और रेजिस्टेंस 2,71,000-2,78,800 रुपए है।
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