15 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अभिषेक नैन का लक्ष्य: एशियन चैंपियंस ट्रॉफी और लॉस एंजिलिस ओलंपिक में भारत के लिए गोल्ड

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अभिषेक नैन का लक्ष्य: एशियन चैंपियंस ट्रॉफी और लॉस एंजिलिस ओलंपिक में भारत के लिए गोल्ड

सारांश

एशिया में स्वर्ण पदक जीतने के बाद अभिषेक नैन की नज़र एशियन चैंपियंस ट्रॉफी और लॉस एंजिलिस ओलंपिक के गोल्ड पर है। चौथी कक्षा में छुट्टियों के लिए शुरू किया खेल आज देश के लिए इतिहास रचने का जुनून बन चुका है।

मुख्य बातें

अभिषेक नैन ने आगामी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में गोल्ड मेडल जीतने को अपना प्राथमिक लक्ष्य बताया।
लॉस एंजिलिस ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक लाने की इच्छा भी जाहिर की।
एशियन गेम्स 2026 में पाकिस्तान के खिलाफ मैच सबसे कड़ा रहा — भारत ने 3-0 की बढ़त के बाद स्कोर बराबर होने पर अंतिम मिनट में गोल कर जीत दर्ज की।
अभिषेक ने चौथी कक्षा में हॉकी शुरू की थी; जूनियर कैंप में चयन के बाद देश के लिए पदक जीतने का सपना जागा।
टोक्यो ओलंपिक के कांस्य पदक के बाद मिले जनसमर्थन को अभिषेक ने टीम के लिए प्रेरणादायक बताया।
युवा खिलाड़ियों को अनुशासन और प्रायोजन समर्थन का महत्व समझाया।

भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी अभिषेक नैन ने एशिया में स्वर्ण पदक जीतने के बाद देशभर से मिले अपार समर्थन पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उनका अगला लक्ष्य आगामी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में गोल्ड मेडल हासिल करना है। इसके साथ ही उन्होंने लॉस एंजिलिस ओलंपिक में भी भारत के लिए स्वर्ण पदक लाने की प्रबल इच्छाशक्ति जाहिर की। गुरुग्राम में एक विशेष बातचीत के दौरान अभिषेक ने अपने हॉकी सफर, टीम के अनुभव और युवा खिलाड़ियों के लिए अपना संदेश भी साझा किया।

एशिया गोल्ड के बाद देशवासियों का प्यार

अभिषेक ने बताया कि एशिया में स्वर्ण पदक जीतने के बाद देशवासियों की ओर से जो प्रेम और प्रोत्साहन मिला, वह अत्यंत उत्साहवर्धक रहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारतीय खेल प्रशंसक आगे भी सभी खेलों और खिलाड़ियों को इसी जोश के साथ समर्थन देते रहेंगे। उनके अनुसार, यह समर्थन ही खिलाड़ियों को और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है।

क्रिकेट बनाम हॉकी: तुलना नहीं, सम्मान

क्रिकेट और हॉकी की लोकप्रियता के सवाल पर अभिषेक ने स्पष्ट कहा कि क्रिकेट भले ही अधिक लोकप्रिय हो, परंतु दोनों खेलों की तुलना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी खेल देश के लिए खेले जाते हैं और हर खेल को जनता का प्रेम मिलना चाहिए। अभिषेक ने टोक्यो ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम के कांस्य पदक का स्मरण करते हुए कहा कि उस उपलब्धि के बाद भी देशवासियों ने खिलाड़ियों को भरपूर प्रोत्साहन दिया था, जो टीम के लिए अत्यंत प्रेरणादायक साबित हुआ था।

एशियन गेम्स 2026 में पाकिस्तान से कड़ी टक्कर

एशियन गेम्स 2026 के सबसे चुनौतीपूर्ण मुकाबले के बारे में पूछे जाने पर अभिषेक ने पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए मैच का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भारतीय टीम ने शुरुआत में 3-0 की बढ़त बना ली थी, लेकिन पाकिस्तान ने जोरदार वापसी करते हुए स्कोर बराबर कर दिया। इसके बाद भारत ने अंतिम मिनट में निर्णायक गोल दागकर मुकाबला अपने पक्ष में किया — यह जीत टीम के जज्बे और मानसिक दृढ़ता का प्रमाण रही।

चौथी कक्षा से शुरू हुई हॉकी की यात्रा

अभिषेक नैन ने बताया कि उन्होंने चौथी कक्षा में हॉकी खेलना शुरू किया था। उस समय उनका मकसद महज स्कूल से छुट्टियाँ पाना और भविष्य में रोजगार की संभावना तलाशना था। हालाँकि, जूनियर भारतीय टीम के शिविर में चयन के बाद उनके सपनों ने नई ऊँचाई पकड़ी और उन्होंने देश के लिए पदक जीतने का संकल्प लिया। यह सफर इस बात का उदाहरण है कि समर्पण और अनुशासन किसी भी साधारण शुरुआत को असाधारण मंजिल तक पहुँचा सकते हैं।

युवा खिलाड़ियों के लिए संदेश

युवा पीढ़ी को संबोधित करते हुए अभिषेक ने कहा कि खिलाड़ियों को अनुशासन में रहकर अपनी प्रैक्टिस पर पूरा भरोसा रखना चाहिए। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि प्रायोजन और आर्थिक सहयोग खिलाड़ियों को मानसिक तनाव से मुक्त रखते हुए अभ्यास और प्रतिस्पर्धा में बेहतर प्रदर्शन करने में सहायक होते हैं। आगे की राह पर नजर रखते हुए अभिषेक का संकल्प स्पष्ट है — एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में गोल्ड और फिर लॉस एंजिलिस ओलंपिक में इतिहास रचना।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि ओलंपिक स्वर्ण की भूखी है — यह बदलाव महज बयानबाजी नहीं, बल्कि एशियन गेम्स के प्रदर्शन से पुष्ट होता है। हालाँकि, लॉस एंजिलिस 2028 तक का रास्ता लंबा है और प्रतिस्पर्धा वैश्विक है। असली सवाल यह है कि क्या भारतीय हॉकी के ढाँचागत समर्थन — प्रायोजन, कोचिंग और मैदान — उस महत्वाकांक्षा की बराबरी कर पाएंगे जो अभिषेक जैसे खिलाड़ी सार्वजनिक मंच पर व्यक्त कर रहे हैं।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक नैन का अगला बड़ा लक्ष्य क्या है?
अभिषेक नैन ने आगामी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में गोल्ड मेडल जीतने को अपना तत्काल लक्ष्य बताया है। इसके अलावा उन्होंने लॉस एंजिलिस ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक लाने की इच्छा भी जाहिर की है।
एशियन गेम्स 2026 में भारत का सबसे कठिन मुकाबला किससे रहा?
अभिषेक नैन के अनुसार एशियन गेम्स 2026 में पाकिस्तान के खिलाफ मैच सबसे कड़ा रहा। भारत ने 3-0 की बढ़त के बाद स्कोर बराबर होने पर अंतिम मिनट में गोल दागकर जीत हासिल की।
अभिषेक नैन ने हॉकी कब और क्यों शुरू की?
अभिषेक नैन ने चौथी कक्षा में हॉकी खेलना शुरू किया था, शुरुआत में स्कूल से छुट्टियाँ पाने और रोजगार की संभावना के उद्देश्य से। जूनियर भारतीय टीम के शिविर में चयन के बाद उनका लक्ष्य देश के लिए पदक जीतना बन गया।
अभिषेक नैन का क्रिकेट और हॉकी की लोकप्रियता पर क्या कहना है?
अभिषेक नैन ने माना कि क्रिकेट अधिक लोकप्रिय है, लेकिन उनके अनुसार दोनों खेलों की तुलना उचित नहीं है। उनका मानना है कि सभी खेल देश के लिए खेले जाते हैं और हर खेल को जनता का समान प्यार मिलना चाहिए।
युवा हॉकी खिलाड़ियों को अभिषेक नैन की क्या सलाह है?
अभिषेक नैन ने युवा खिलाड़ियों को अनुशासन में रहकर अपनी प्रैक्टिस पर भरोसा रखने की सलाह दी है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रायोजन और आर्थिक सहयोग खिलाड़ियों को मानसिक तनाव से मुक्त रखते हुए बेहतर प्रदर्शन में मदद करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. कल
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 4 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले