अभिषेक नैन का लक्ष्य: एशियन चैंपियंस ट्रॉफी और लॉस एंजिलिस ओलंपिक में भारत के लिए गोल्ड
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी अभिषेक नैन ने एशिया में स्वर्ण पदक जीतने के बाद देशभर से मिले अपार समर्थन पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उनका अगला लक्ष्य आगामी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में गोल्ड मेडल हासिल करना है। इसके साथ ही उन्होंने लॉस एंजिलिस ओलंपिक में भी भारत के लिए स्वर्ण पदक लाने की प्रबल इच्छाशक्ति जाहिर की। गुरुग्राम में एक विशेष बातचीत के दौरान अभिषेक ने अपने हॉकी सफर, टीम के अनुभव और युवा खिलाड़ियों के लिए अपना संदेश भी साझा किया।
एशिया गोल्ड के बाद देशवासियों का प्यार
अभिषेक ने बताया कि एशिया में स्वर्ण पदक जीतने के बाद देशवासियों की ओर से जो प्रेम और प्रोत्साहन मिला, वह अत्यंत उत्साहवर्धक रहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारतीय खेल प्रशंसक आगे भी सभी खेलों और खिलाड़ियों को इसी जोश के साथ समर्थन देते रहेंगे। उनके अनुसार, यह समर्थन ही खिलाड़ियों को और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है।
क्रिकेट बनाम हॉकी: तुलना नहीं, सम्मान
क्रिकेट और हॉकी की लोकप्रियता के सवाल पर अभिषेक ने स्पष्ट कहा कि क्रिकेट भले ही अधिक लोकप्रिय हो, परंतु दोनों खेलों की तुलना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी खेल देश के लिए खेले जाते हैं और हर खेल को जनता का प्रेम मिलना चाहिए। अभिषेक ने टोक्यो ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम के कांस्य पदक का स्मरण करते हुए कहा कि उस उपलब्धि के बाद भी देशवासियों ने खिलाड़ियों को भरपूर प्रोत्साहन दिया था, जो टीम के लिए अत्यंत प्रेरणादायक साबित हुआ था।
एशियन गेम्स 2026 में पाकिस्तान से कड़ी टक्कर
एशियन गेम्स 2026 के सबसे चुनौतीपूर्ण मुकाबले के बारे में पूछे जाने पर अभिषेक ने पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए मैच का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भारतीय टीम ने शुरुआत में 3-0 की बढ़त बना ली थी, लेकिन पाकिस्तान ने जोरदार वापसी करते हुए स्कोर बराबर कर दिया। इसके बाद भारत ने अंतिम मिनट में निर्णायक गोल दागकर मुकाबला अपने पक्ष में किया — यह जीत टीम के जज्बे और मानसिक दृढ़ता का प्रमाण रही।
चौथी कक्षा से शुरू हुई हॉकी की यात्रा
अभिषेक नैन ने बताया कि उन्होंने चौथी कक्षा में हॉकी खेलना शुरू किया था। उस समय उनका मकसद महज स्कूल से छुट्टियाँ पाना और भविष्य में रोजगार की संभावना तलाशना था। हालाँकि, जूनियर भारतीय टीम के शिविर में चयन के बाद उनके सपनों ने नई ऊँचाई पकड़ी और उन्होंने देश के लिए पदक जीतने का संकल्प लिया। यह सफर इस बात का उदाहरण है कि समर्पण और अनुशासन किसी भी साधारण शुरुआत को असाधारण मंजिल तक पहुँचा सकते हैं।
युवा खिलाड़ियों के लिए संदेश
युवा पीढ़ी को संबोधित करते हुए अभिषेक ने कहा कि खिलाड़ियों को अनुशासन में रहकर अपनी प्रैक्टिस पर पूरा भरोसा रखना चाहिए। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि प्रायोजन और आर्थिक सहयोग खिलाड़ियों को मानसिक तनाव से मुक्त रखते हुए अभ्यास और प्रतिस्पर्धा में बेहतर प्रदर्शन करने में सहायक होते हैं। आगे की राह पर नजर रखते हुए अभिषेक का संकल्प स्पष्ट है — एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में गोल्ड और फिर लॉस एंजिलिस ओलंपिक में इतिहास रचना।