अभिषेक शर्मा का 18 गेंदों में अर्धशतक, वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे तेज फिफ्टी जड़ने वाले भारतीय बने
सारांश
मुख्य बातें
अभिषेक शर्मा ने 11 अक्टूबर 2026 को इंदौर के होल्कर स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में महज 18 गेंदों में अर्धशतक ठोककर इतिहास रच दिया। बाएं हाथ के इस विस्फोटक बल्लेबाज ने विराट कोहली और संजू सैमसन को पीछे छोड़ते हुए वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज का खिताब अपने नाम किया।
रिकॉर्ड का पूरा ब्यौरा
विराट कोहली ने 2019 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 21 गेंदों में अर्धशतक लगाया था, जो अब तक भारतीयों में सर्वश्रेष्ठ था। इसी सीरीज के दूसरे टी20 में संजू सैमसन ने भी 21 गेंदों में फिफ्टी जड़ी थी। अभिषेक ने दोनों दिग्गजों को एक झटके में पीछे छोड़ दिया।
वैश्विक संदर्भ में देखें तो अभिषेक ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल में संयुक्त रूप से तीसरा सबसे तेज अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। डेविड वॉर्नर और कॉलिन मुनरो भी इससे पहले 18 गेंदों में कैरेबियाई गेंदबाजों के खिलाफ फिफ्टी जड़ चुके हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे तेज अर्धशतक का विश्व रिकॉर्ड क्विंटन डिकॉक के नाम है, जिन्होंने 2023 में केवल 15 गेंदों में यह कारनामा किया था।
टी20 में 2,000 रन का मील का पत्थर
इस पारी के दौरान अभिषेक शर्मा ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 2,000 रन पूरे करने का ऐतिहासिक मुकाम भी हासिल किया। गेंदों के लिहाज से वे इस प्रारूप में सबसे तेज 2,000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने यह उपलब्धि केवल 1,024 गेंदें खेलकर हासिल की — जो इस प्रारूप में एक असाधारण उपलब्धि है।
गौरतलब है कि अभिषेक की टी20 में बल्लेबाजी की गति और निरंतरता ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद ओपनरों में से एक बना दिया है।
मैच की शुरुआत और पावरप्ले का दबदबा
टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पिछले मैच में 82 रनों की तूफानी पारी खेलने वाले संजू सैमसन इस बार केवल 3 रन बनाकर पवेलियन लौट गए — उन्हें शेमार जोसेफ ने आउट किया।
हालांकि, पहले विकेट के जल्दी गिरने का अभिषेक की लय पर कोई असर नहीं पड़ा। उन्होंने कैरेबियाई गेंदबाजों पर पूरी तरह हावी होते हुए ताबड़तोड़ रन बटोरे। अभिषेक की आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत टीम इंडिया ने पहले 6 ओवर के पावरप्ले में 87 रन बनाए — जो किसी भी मैच में टीम के लिए एक मजबूत आधार साबित होता है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि अभिषेक की इस पारी ने साबित किया है कि वे न केवल आक्रामक बल्लेबाज हैं, बल्कि दबाव की परिस्थितियों में भी अपनी स्वाभाविक शैली बनाए रखते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय टीम पाँच मैचों की सीरीज में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है।
आने वाले मुकाबलों में अभिषेक का यह फॉर्म टीम इंडिया के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।