विराट कोहली का कार्डिफ में ऐतिहासिक प्रदर्शन: सेना देशों के खिलाफ 30 अर्धशतक, तोड़े 4 बड़े रिकॉर्ड
सारांश
मुख्य बातें
विराट कोहली ने 16 जुलाई को कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में 66 गेंदों पर 8 चौकों की मदद से 65 रन बनाते हुए एक ही पारी में चार बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए। इस पारी के साथ कोहली सेना देशों — दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया — के खिलाफ सर्वाधिक अर्धशतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए।
सेना देशों के खिलाफ अर्धशतकों का नया शिखर
कोहली का यह सेना देशों के विरुद्ध 30वाँ अर्धशतक था, जिसने उन्हें इस विशेष सूची में शीर्ष पर पहुँचा दिया। राहुल द्रविड़ (29 अर्धशतक) दूसरे और सचिन तेंदुलकर (25 अर्धशतक) तीसरे स्थान पर हैं। गौरतलब है कि यह उपलब्धि उन्होंने क्रिकेट के सबसे कड़े प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ हासिल की है, जो इस रिकॉर्ड को और भी विशेष बनाती है।
विरोधी मैदान पर सर्वाधिक वनडे रन
कोहली विरोधी टीम के घरेलू मैदान पर सर्वाधिक वनडे रन बनाने वाले बल्लेबाजों की वैश्विक सूची में भी शीर्ष पर आ गए हैं। उन्होंने श्रीलंका के दिग्गज कुमार संगकारा (5,518 रन) को पीछे छोड़ते हुए अब तक विरोधी मैदान पर 5,538 रन अर्जित किए हैं। रिकी पोंटिंग (5,090) तीसरे और सचिन तेंदुलकर (5,065) चौथे स्थान पर हैं।
विदेशी धरती पर 8,000 वनडे रन का मील का पत्थर
इस पारी के साथ कोहली ने विदेशी धरती पर वनडे प्रारूप में 8,000 रन पूरे कर लिए और यह उपलब्धि हासिल करने वाले तीसरे भारतीय बन गए। उनसे पहले सचिन तेंदुलकर (11,450 रन) और सौरव गांगुली (8,111 रन) यह कीर्तिमान स्थापित कर चुके हैं।
इंग्लैंड के खिलाफ 50+ स्कोर का नया कीर्तिमान
कोहली इंग्लैंड के विरुद्ध सर्वाधिक 50+ स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए। उन्होंने 33वीं बार यह उपलब्धि हासिल की, जबकि सचिन तेंदुलकर (32), राहुल द्रविड़ (26), महेंद्र सिंह धोनी (24) और सुनील गावस्कर (23) शीर्ष-5 में शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब कोहली के वनडे करियर को लेकर कई तरह की चर्चाएँ चल रही थीं।
मैच का स्कोरकार्ड
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम 44 ओवरों में 233 रन पर सिमट गई। श्रेयस अय्यर ने 66 रन के साथ सर्वाधिक योगदान दिया, जबकि कोहली ने 65 रन बनाए। इंग्लैंड की ओर से जोफ्रा आर्चर और गस एटकिंसन ने 3-3 विकेट लेकर भारतीय पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई। यह देखना होगा कि शेष सीरीज में भारत इस प्रदर्शन को टीम स्तर पर कैसे बेहतर बनाता है।