एएफआई ने एथलीट स्पॉन्सरशिप के लिए पूर्व अनुमति नियम का विवरण साझा किया

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एएफआई ने एथलीट स्पॉन्सरशिप के लिए पूर्व अनुमति नियम का विवरण साझा किया

सारांश

एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) ने खिलाड़ियों के स्पॉन्सरशिप अनुबंधों के लिए पूर्व अनुमति आवश्यक करने के अपने फैसले का स्पष्टीकरण दिया है। यह कदम खिलाड़ियों और स्पॉन्सर्स के हितों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है, जिसमें कानूनी जटिलताओं से बचने की सलाह दी जाएगी।

Key Takeaways

  • पूर्व अनुमति अब खिलाड़ियों के स्पॉन्सरशिप समझौतों के लिए अनिवार्य है।
  • फेडरेशन ने खिलाड़ियों को कानूनी सलाह देने का आश्वासन दिया है।
  • एएफआई स्पॉन्सर्स से कोई शुल्क नहीं लेता है।
  • यह नियम खिलाड़ियों के हितों की सुरक्षा के लिए है।
  • अनुरोध पर तीन दिनों में पुष्टि प्राप्त होगी।

नई दिल्ली, ८ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) ने बुधवार को खिलाड़ियों के स्पॉन्सरशिप सौदों के लिए पूर्व स्वीकृति को अनिवार्य करने के अपने निर्णय पर स्पष्टीकरण दिया। फेडरेशन का कहना है कि यह कदम खिलाड़ियों और स्पॉन्सर्स दोनों के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है। एएफआई के अनुसार, उनकी कानूनी टीम खिलाड़ियों को संभावित खतरों और कानूनी जटिलताओं से बचाने के लिए मार्गदर्शन करेगी, ताकि वे किसी भी अनुबंध में बिना पूरी समझ के न फंसें।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह एएफआई ने यह नियम लागू किया था, जिसके तहत अब किसी भी खिलाड़ी को किसी स्पॉन्सर या थर्ड पार्टी के साथ समझौता करने से पहले फेडरेशन से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

एक बयान में फेडरेशन ने कहा, "एएफआई को अपने हालिया निर्णय पर मिली प्रतिक्रिया के बारे में जानकारी है, जिसमें एथलीट्स के लिए किसी तीसरे पक्ष के साथ समझौता करने से पहले फेडरेशन से मंजूरी लेना आवश्यक किया गया है। यह सोच-समझकर लिया गया निर्णय कुछ स्पॉन्सर्स द्वारा एएफआई का ध्यान इस ओर खींचने के बाद आया है। हम चाहते हैं कि एथलीट अनुबंध पर हस्ताक्षर करने में उलझने के बजाय अपनी ट्रेनिंग और प्रतियोगिताओं पर ध्यान केंद्रित करें।"

एएफआई ने यह भी स्पष्ट किया कि वह एथलीट्स के एंडोर्समेंट डील के माध्यम से पैसे कमाने के रास्ते में नहीं आना चाहता, लेकिन वह भारतीय एथलीट्स के हितों की रक्षा करेगा। साथ ही, फेडरेशन ने यह भी बताया कि कॉन्ट्रैक्ट और समझौतों के लिए पहले से मंजूरी मांगते समय, वह न ही एथलीट्स से और न ही स्पॉन्सर्स से कोई शुल्क लेता है।

फेडरेशन ने आगे कहा, "एएफआई में, हम एथलीट्स के कल्याण के प्रति सचेत हैं और उनके एंडोर्समेंट डील के जरिए पैसे कमाने के रास्ते में नहीं आना चाहते। हालाँकि, हम एथलीट्स और भारतीय एथलेटिक्स के हितों की रक्षा करेंगे। एएफआई का मानना है कि एथलीट स्पॉन्सर के साथ साइन किए गए कॉन्ट्रैक्ट को खत्म करने के नतीजों को समझे बिना ही ऐसे बदलाव कर लेते हैं।"

फेडरेशन ने कहा, "कॉन्ट्रैक्ट और समझौतों के लिए पहले से मंजूरी मांगते समय, एएफआई यह सुनिश्चित कर रहा है कि उसकी कानूनी टीम एथलीट्स को संभावित कठिनाइयों से बचाने के लिए मार्गदर्शन करती रहे। एएफआई यह स्पष्ट करता है कि एथलीट्स को ऐसी सेवाएं देते समय, वह न तो एथलीट्स से और न ही स्पॉन्सर्स से एक भी पैसा लेता है।"

फेडरेशन ने स्पॉन्सर्स को भी सलाह दी थी कि वे किसी भी समझौते को तभी आगे बढ़ाएं जब एएफआई से यह पुष्टि हो जाए कि एथलीट ने आवश्यक मंजूरी ले ली है। एएफआई अनुरोध मिलने के तीन दिनों के भीतर पुष्टि भेज देगा।

Point of View

NationPress
09/04/2026

Frequently Asked Questions

एएफआई का नया नियम क्या है?
एएफआई ने खिलाड़ियों के स्पॉन्सरशिप समझौतों के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य की है।
इस नियम का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य खिलाड़ियों और स्पॉन्सर्स के हितों की सुरक्षा करना है।
क्या एएफआई स्पॉन्सर्स से कोई शुल्क लेता है?
नहीं, एएफआई स्पॉन्सर्स या एथलीट्स से कोई शुल्क नहीं लेता है।
किसी खिलाड़ी को समझौता करने से पहले क्या करना होगा?
खिलाड़ी को एएफआई से पूर्व अनुमति लेनी होगी।
एएफआई से पुष्टि कब मिलेगी?
अनुरोध मिलने के तीन दिनों के भीतर एएफआई पुष्टि भेजेगा।
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