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एपीएल ड्राफ्ट से ओली पोप बाहर, विल स्मीड और डेविड विली ने भी नाम वापस लिया

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एपीएल ड्राफ्ट से ओली पोप बाहर, विल स्मीड और डेविड विली ने भी नाम वापस लिया

सारांश

ओली पोप, विल स्मीड और डेविड विली ने एपीएल ड्राफ्ट से नाम वापस लिया — ईसीबी के नैतिक दबाव के बाद। लेकिन डेविड मलान अभी भी पंजीकृत हैं, जो यह सवाल खड़ा करता है: क्या बोर्ड की नैतिकता चुनिंदा है?

मुख्य बातें

ओली पोप ने 24 अक्टूबर को होने वाले एपीएल ड्राफ्ट से अपना नाम वापस ले लिया।
विल स्मीड और डेविड विली ने भी ड्राफ्ट से हटने का निर्णय किया।
ईसीबी के मेन्स क्रिकेट मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की ने खिलाड़ियों से नैतिक रुख अपनाने की अपील की।
ईसीबी चेयरमैन रिचर्ड थॉम्पसन ने एनओसी देने से पहले सावधानी बरतने की बात कही थी।
डेविड मलान अभी भी ड्राफ्ट में पंजीकृत हैं और आईसीसी व ईसीबी के मार्गदर्शन का इंतजार कर रहे हैं।

इंग्लैंड के बल्लेबाज ओली पोप ने अफगानिस्तान प्रीमियर लीग टी20 (एपीएल) के 24 अक्टूबर को होने वाले ड्राफ्ट से अपना नाम वापस ले लिया है। उनके साथ विल स्मीड और डेविड विली ने भी ड्राफ्ट में भाग न लेने का फैसला किया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के वरिष्ठ अधिकारियों ने खिलाड़ियों को नैतिक रुख अपनाने के लिए सार्वजनिक रूप से प्रोत्साहित किया था।

पृष्ठभूमि: ईसीबी और अफगानिस्तान क्रिकेट का विवाद

इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) तालिबान सरकार द्वारा महिलाओं के साथ किए जाने वाले बर्ताव के विरोध में अफगानिस्तान के साथ कोई द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज खेलने से इनकार करता रहा है। बावजूद इसके, बोर्ड ने शुरुआत में एपीएल के लिए खिलाड़ियों को नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) देने पर विचार किया था।

ईसीबी के चेयरमैन रिचर्ड थॉम्पसन ने पिछले सप्ताह कहा था कि एपीएल में खेलने के लिए इंग्लिश खिलाड़ियों को एनओसी देने से पहले बहुत सोच-समझकर निर्णय लेना होगा। इससे स्पष्ट था कि बोर्ड इस मुद्दे पर अपनी नैतिक स्थिति को लेकर असमंजस में था।

ईसीबी के मैनेजिंग डायरेक्टर का बयान

मेन्स क्रिकेट के मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की ने सोमवार की सुबह इंग्लिश खिलाड़ियों को एपीएल में भागीदारी पर सही नैतिक रुख अपनाने के लिए हौसलाअफजाई की। उन्होंने यह भी कहा कि वे पोप के ड्राफ्ट में पंजीकरण के फैसले पर उनसे बात करेंगे।

की ने कहा, 'कानूनी तौर पर, खिलाड़ियों को लीग में जाकर खेलने से रोकना मुश्किल है। लेकिन खिलाड़ियों को एक नैतिक स्टैंड लेने के लिए तैयार रहना होगा। मेरे लिए यह कहना आसान है कि मैं इसमें जाकर नहीं खेलूंगा, लेकिन यह फैसला लेना असल में खिलाड़ियों पर निर्भर करता है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया, 'मैं इस बात से सहमत नहीं हूं कि अफगानिस्तान में महिलाओं के साथ कैसा बर्ताव किया जाता है, इसलिए यह ऐसा कुछ नहीं है जो मैं जाकर करूंगा।'

डेविड मलान अभी भी ड्राफ्ट में शामिल

इंग्लैंड के बल्लेबाज डेविड मलान अभी भी एपीएल ड्राफ्ट में पंजीकृत इंग्लिश खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने ईसीबी और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) का हवाला देते हुए अपनी संभावित भागीदारी का बचाव किया। मलान का कहना है कि एक खिलाड़ी के तौर पर वे आईसीसी और अपने बोर्ड से मार्गदर्शन लेते हैं।

गौरतलब है कि यह विवाद क्रिकेट और राजनीति के उस जटिल चौराहे को उजागर करता है, जहाँ व्यक्तिगत आर्थिक हितों और सामूहिक नैतिक जिम्मेदारी के बीच तनाव बना रहता है।

आगे क्या होगा

एपीएल का ड्राफ्ट 24 अक्टूबर को निर्धारित है। यह देखना बाकी है कि ईसीबी मलान और अन्य पंजीकृत खिलाड़ियों के मामले में एनओसी देने का अंतिम निर्णय क्या लेता है। खेल जगत में यह बहस भी जारी है कि क्या व्यक्तिगत खिलाड़ियों पर राजनीतिक और नैतिक फैसलों का बोझ डालना उचित है, या यह जिम्मेदारी शासकीय निकायों की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

विल स्मीड और डेविड विली का एपीएल से हटना व्यक्तिगत नैतिकता की जीत लग सकती है, लेकिन असली सवाल यह है कि ईसीबी अभी तक स्पष्ट नीतिगत निर्देश क्यों नहीं दे पाया। जब बोर्ड द्विपक्षीय सीरीज से परहेज करता है, तो उसी देश की लीग के लिए एनओसी पर 'सावधानी से सोचना' एक विरोधाभास है। रॉब की का 'नैतिक हौसलाअफजाई' वाला बयान बताता है कि बोर्ड खुद निर्देश देने से बच रहा है और जिम्मेदारी खिलाड़ियों पर डाल रहा है। डेविड मलान का अभी भी ड्राफ्ट में बने रहना यह भी दर्शाता है कि यह 'नैतिक सहमति' अभी पूरी नहीं है।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओली पोप ने एपीएल ड्राफ्ट से नाम क्यों वापस लिया?
ओली पोप ने 24 अक्टूबर को होने वाले अफगानिस्तान प्रीमियर लीग ड्राफ्ट से अपना नाम वापस ले लिया। ईसीबी के मेन्स क्रिकेट मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की ने खिलाड़ियों को नैतिक रुख अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया था, जिसके बाद यह निर्णय आया।
अफगानिस्तान प्रीमियर लीग (एपीएल) क्या है?
अफगानिस्तान प्रीमियर लीग (एपीएल) एक टी20 क्रिकेट लीग है जिसमें अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी ड्राफ्ट के माध्यम से चुने जाते हैं। इस लीग को लेकर विवाद है क्योंकि तालिबान शासन के तहत अफगानिस्तान में महिला क्रिकेट पर प्रतिबंध है।
ईसीबी की अफगानिस्तान के साथ क्रिकेट पर क्या नीति है?
ईसीबी तालिबान सरकार द्वारा महिलाओं के साथ किए जाने वाले बर्ताव के विरोध में अफगानिस्तान के साथ कोई द्विपक्षीय सीरीज खेलने से इनकार करता रहा है। हालांकि, एपीएल के लिए एनओसी देने पर बोर्ड ने शुरुआत में विचार किया था।
कौन से इंग्लिश खिलाड़ी अभी भी एपीएल ड्राफ्ट में शामिल हैं?
बल्लेबाज डेविड मलान अभी भी एपीएल ड्राफ्ट में इंग्लैंड के पंजीकृत खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने ईसीबी और आईसीसी के मार्गदर्शन का हवाला देते हुए अपनी भागीदारी का बचाव किया है।
रॉब की ने एपीएल पर क्या कहा?
ईसीबी के मेन्स क्रिकेट मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की ने कहा कि कानूनी रूप से खिलाड़ियों को लीग में खेलने से रोकना मुश्किल है, लेकिन उन्होंने व्यक्तिगत रूप से अफगानिस्तान में महिलाओं के प्रति बर्ताव से असहमति जताई। उन्होंने खिलाड़ियों पर नैतिक निर्णय छोड़ते हुए कहा कि यह फैसला अंततः उनका अपना है।
राष्ट्र प्रेस
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