अश्विन ने पुडुचेरी पिच की तारीफ की, एक्स पर लिखा — ऐसे वेन्यू पर ही खेला जाए वनडे
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने 11 अक्टूबर 2026 को पुडुचेरी के क्रिकेट एसोसिएशन सीचेम ग्राउंड की पिच की जमकर तारीफ की। इंडिया ए और ऑस्ट्रेलिया ए के बीच जारी अनाधिकारिक वनडे सीरीज को देखते हुए उन्होंने एक्स पर लिखा कि इसी तरह की पिचों पर वनडे क्रिकेट खेला जाना चाहिए।
अश्विन ने एक्स पर क्या कहा
अश्विन ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'अभी। ऐसा लग रहा है कि पुडुचेरी ऐसी पिचें बना रहा है जिन पर वनडे खेले जाने चाहिए। 250 रन का पीछा करना मुश्किल लग रहा है। ऐसी पिचें बनाने से बल्लेबाजों से ज़्यादा उम्मीद होगी। उनकी रणनीतिक सोच और गेम जागरूकता बढ़ेगी।' यह बयान इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है क्योंकि हाल के दिनों में भारत में पिचों पर हाई-स्कोरिंग खेल को लेकर बहस छिड़ी हुई है।
सीरीज में पिच का असर — आँकड़े क्या कहते हैं
पुडुचेरी की पिचों पर 300 से कम के स्कोर भी आसानी से बचाव-योग्य साबित हुए। पहले वनडे में ऑस्ट्रेलिया ए ने 274 रन बनाए और इंडिया ए को 149 रन पर समेटकर 125 रन से जीत दर्ज की। दूसरे मैच में ऑस्ट्रेलिया ए ने 275 रन बनाए और इंडिया ए को 206 रन पर आउट करके 69 रन से मुकाबला जीता। इससे ऑस्ट्रेलियाई टीम ने एक मैच बाकी रहते सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली।
तीसरे मैच में इंडिया ए ने पहली पारी में 275 रन का स्कोर खड़ा किया। उल्लेखनीय है कि पूरी सीरीज की पाँच पारियों में केवल एक शतक लगा, जो पहले वनडे में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ नाथन मैकस्वीनी के बल्ले से आया।
हालिया क्रिकेट में पिच विवाद का संदर्भ
अश्विन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज में गेंदबाज़ों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। रांची में खेले गए दूसरे टी20 में भारतीय टीम 249 रन बनाकर भी मैच हार गई। इसी तरह वनडे सीरीज के दौरान गुवाहाटी में वेस्टइंडीज 405 रन बनाने के बावजूद हार गई। इन दोनों रोमांचक लेकिन असंतुलित मुकाबलों के बाद क्रिकेट की दुनिया में पिच तैयार करने की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
अश्विन की राय क्रिकेट विशेषज्ञों की उस माँग से मेल खाती है जिसमें वनडे क्रिकेट में गेंद और बल्ले के बीच संतुलन बहाल करने की वकालत की जाती रही है। गौरतलब है कि आधुनिक वनडे क्रिकेट में बल्लेबाज़ी-अनुकूल पिचें बनाने की प्रवृत्ति बढ़ी है, जिससे मैचों में अत्यधिक रन बनते हैं और गेंदबाज़ों का योगदान पृष्ठभूमि में चला जाता है। अश्विन की टिप्पणी को मैदान प्रबंधन टीमों के लिए एक महत्त्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
आने वाले घरेलू और अंतरराष्ट्रीय वनडे मुकाबलों में पिच तैयार करने के तरीके पर बीसीसीआई की नज़र रहेगी, और पुडुचेरी का यह प्रयोग एक संभावित मॉडल बन सकता है।