अभिषेक शर्मा का 30 गेंदों में 69 रन: 'वेस्टइंडीज की योजना से बेहतर खेलना था'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने 12 अक्टूबर 2026 को इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेले गए तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि वेस्टइंडीज के खिलाफ उनकी सतर्क शुरुआत कोई संयोग नहीं, बल्कि पूर्व-नियोजित रणनीति थी। उन्होंने 30 गेंदों में 69 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 18 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया।
मैदान पर क्या हुआ
मैच की शुरुआत भारत के लिए आदर्श नहीं थी — पहले दो ओवरों में केवल 11 रन बने और संजू सैमसन जल्दी आउट हो गए। वेस्टइंडीज ने पहले ही ओवर में ऑफ-स्पिनर रोस्टन चेज को गेंदबाजी सौंपी, जो स्पष्ट रूप से अभिषेक को शुरुआत में ही बाँधने की रणनीति थी।
तीसरे ओवर के मध्य तक अभिषेक लय में आ गए और फिर कवर-प्वाइंट से शानदार ड्राइव लगाते हुए चेज की गेंदों पर लगातार छक्के जड़े। पावरप्ले में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने भारत को 223 रनों के मजबूत लक्ष्य तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई।
अभिषेक की रणनीति
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिषेक ने कहा, 'मेरे दिमाग में यह बात थी कि उनके पास मेरे खिलाफ एक योजना थी। जाहिर है कि पहले ओवर में एक ऑफ-स्पिनर (रोस्टन चेज) ने गेंदबाजी की। इसी कारण यह बस मेरे और उनके बीच की लड़ाई थी। मैंने पहले ओवर में उनका सम्मान किया क्योंकि मुझे लगता है कि वह इस सीरीज में वास्तव में अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं।'
उन्होंने आगे जोड़ा, 'उनके पास मेरे लिए एक योजना थी, और मुझे उससे बेहतर खेलना था।' यह टिप्पणी उनकी मानसिक परिपक्वता को दर्शाती है — एक ऐसे खिलाड़ी की जो विपक्षी की चाल को समझकर उसे पलटना जानता है।
ईशान किशन के साथ तालमेल
ईशान किशन के साथ अपनी साझेदारी पर बात करते हुए अभिषेक ने कहा, 'मुझे ईशान को हंसाना होता है, मुझे उन्हें थोड़ा रिलैक्स करना होता है। जब वह बल्लेबाजी करने आते हैं, तो उन्हें उस जोन में रहना पसंद होता है।' उन्होंने बताया कि आईपीएल में भी साथ खेलने के कारण दोनों एक-दूसरे को गहराई से समझते हैं।
अभिषेक के अनुसार, 'जब हम मैदान पर होते हैं तो हम हालात के बारे में ज्यादा बात नहीं करते। हम बस एक-दूसरे की बल्लेबाजी का आनंद लेते हैं और एक-दूसरे का साथ देते हैं।' गौरतलब है कि यह जोड़ी आईपीएल में भी कई यादगार साझेदारियाँ कर चुकी है।
वेस्टइंडीज के खतरे पर सतर्कता
223 रनों का बचाव करते हुए टीम की सोच के बारे में अभिषेक ने कहा, 'वेस्टइंडीज एक ऐसी टीम है, जिन्हें देखकर आप कभी नहीं कह सकते कि उनके खिलाफ मैच हमारी मुट्ठी में आ गया है।' उन्होंने शमार स्प्रिंगर की देर से आई विस्फोटक बल्लेबाजी का जिक्र करते हुए कहा कि वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों की मैच पलटने की क्षमता हमेशा खतरनाक होती है।
उन्होंने बताया, 'हम हडल में इस बारे में बात कर रहे थे कि हम आक्रामक रहेंगे, ढील नहीं देंगे और उन्हें वापसी का एक भी मौका नहीं देंगे।' यह रवैया भारत की टी20 रणनीति की उस सोच को दर्शाता है जो हर परिस्थिति में दबाव बनाए रखने को प्राथमिकता देती है।
आगे क्या
इस सीरीज में अभिषेक की निरंतर आक्रामक और बौद्धिक बल्लेबाजी ने उन्हें भारत के टी20 भविष्य के एक मज़बूत स्तंभ के रूप में स्थापित किया है। आने वाले मैचों में विपक्षी टीमें उनके लिए और परिष्कृत योजनाएँ बनाएँगी, और यह देखना दिलचस्प होगा कि वह किस तरह उन चुनौतियों का जवाब देते हैं।