5वीं एशियन कप ब्रिज चैंपियनशिप: भारत ने पणजी में 3 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज समेत 4 मेडल जीते
सारांश
मुख्य बातें
मेजबान भारत ने 27 जून 2026 को पणजी में संपन्न 5वीं एशियन कप ब्रिज चैंपियनशिप में कुल 4 मेडल — तीन सिल्वर और एक ब्रॉन्ज — जीतकर एशिया के शीर्ष ब्रिज देशों के बीच अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। टीम चैंपियनशिप और मैच प्वाइंट फाइनल, दोनों स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।
इंडिया बी सीनियर्स का शानदार सफर
चैंपियनशिप का सबसे यादगार प्रदर्शन 'इंडिया बी सीनियर्स' टीम का रहा। इस टीम ने लीग स्टेज में शीर्ष स्थान हासिल किया और सेमीफाइनल में जापान को रोमांचक मुकाबले में हराकर गोल्ड मेडल फाइनल में प्रवेश किया। फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कड़े संघर्ष के बाद टीम को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
टीम में सुकमल दास, हेमंत जालान, जितेंद्र सोलानी, अनिल पाध्ये, राजेश दलाल और राजू तोलानी शामिल थे। कोच एवं एनपीसी एनल शाह के मार्गदर्शन में यह टीम फाइनल के अंतिम क्षणों तक खिताबी दावेदार बनी रही।
मेंस टीम और मैच प्वाइंट में भी पदक
मेंस टीम चैंपियनशिप में 'इंडिया ए' टीम ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। मैच प्वाइंट फाइनल में भी भारत का परचम लहराया — सवलीन और साधना गुप्ता ने विमेंस पेयर्स में सिल्वर मेडल हासिल किया, जबकि सुबीर मजूमदार और सुजीत कुमार भट्टाचार्जी ने सीनियर्स पेयर्स में सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
एचसीएल फ्रेंडशिप पेयर्स में स्वर्णिम सफलता
चैंपियनशिप के साथ आयोजित एचसीएल फ्रेंडशिप पेयर्स इवेंट में भारत ने और भी बेहतर प्रदर्शन किया। अरुण बापट और अजय खरे ने 616.64 अंक के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि कामना शर्मा और अभिजीत पाल ने 586.82 अंक के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
अन्य देशों के विजेता
टीम चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल एशिया के प्रमुख ब्रिज देशों के बीच बंटे। ऑस्ट्रेलिया ने सीनियर्स खिताब जीता, हांगकांग चीन मेन्स इवेंट का चैंपियन बना, इंडोनेशिया ने विमेंस खिताब अपने नाम किया और चीन ने मिक्स्ड टीम्स का ताज जीता। मैच प्वाइंट फाइनल में वेई हो और सन वेई ली (चीनी ताइपे) ने मेंस खिताब, बारबरा ट्रैविस और लोरी स्मिथ (ऑस्ट्रेलिया) ने विमेंस इवेंट, सुक किंग चान और कोन वोंग (हांगकांग चीन) ने मिक्स्ड खिताब, तथा यंगहोंग चेंग और वेई वेई त्साओ (चीनी ताइपे) ने सीनियर्स पेयर्स का खिताब जीता।
भारत की बढ़ती ब्रिज पहचान
यह आयोजन युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) द्वारा समर्थित था। कुल मिलाकर मुख्य चैंपियनशिप में 3 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज तथा फ्रेंडशिप पेयर्स में 1 गोल्ड और 1 ब्रॉन्ज जीतकर भारत ने एशिया के शीर्ष ब्रिज देशों के बीच अपनी साख को और मजबूत किया है। आगामी अंतरराष्ट्रीय ब्रिज स्पर्धाओं में भारत की इस मजबूत पीढ़ी से और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।