मेगन शट की 4 विकेट की कहर, सदरलैंड-पेरी का तूफान; ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को 3-0 से किया क्लीन स्वीप
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम ने 14 अक्टूबर 2026 को ब्रिस्बेन में खेले गए तीसरे और अंतिम वनडे में बांग्लादेश को 8 विकेट से रौंदकर तीन मैचों की श्रृंखला 3-0 से जीत ली। मेगन शट की घातक गेंदबाजी और एनाबेल सदरलैंड तथा एलिसा पेरी की विस्फोटक बल्लेबाजी ने यह एकतरफा जीत सुनिश्चित की।
बांग्लादेश की बल्लेबाजी: दो अपवाद, बाकी निराशा
पहले बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेश की टीम ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और पूरी टीम 49.5 ओवर में महज 172 रन बनाकर पवेलियन लौट गई। शोर्ना अख्तर ने सर्वाधिक 54 रन बनाए, जबकि शर्मिन अख्तर ने 93 गेंदों में 50 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। इन दोनों को छोड़ दें तो टीम की शेष सात बल्लेबाजें दहाई का आँकड़ा भी नहीं छू सकीं, जो बांग्लादेशी बल्लेबाजी की कमज़ोरी को उजागर करता है।
मेगन शट की कहर बरपाती गेंदबाजी
मेगन शट ने 10 ओवर के अपने स्पेल में केवल 16 रन खर्च करते हुए 4 विकेट झटके — यह इस मैच का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन रहा। एश्ले गार्डनर और एनाबेल सदरलैंड ने दो-दो विकेट लिए, जबकि एलिसा पेरी और एलेना किंग ने एक-एक विकेट अपने नाम किए। बांग्लादेश की ओर से सुल्ताना खातून और दिशा बिस्वास ने एक-एक विकेट लिया।
सदरलैंड-पेरी की अटूट साझेदारी, ऑस्ट्रेलिया की आसान जीत
173 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत डाँवाँडोल रही। जॉर्जिया वोल — जिन्होंने दूसरे वनडे में नाबाद शतक लगाया था — केवल 11 रन बनाकर आउट हुईं। बेथ मूनी भी 14 गेंदों में 21 रन बनाकर पवेलियन लौटीं। इसके बाद एलिसा पेरी और एनाबेल सदरलैंड ने मोर्चा संभाला।
पेरी ने 64 गेंदों में 8 चौकों की मदद से 65 रन की नाबाद पारी खेली, जबकि सदरलैंड ने 52 गेंदों में 12 चौकों की बदौलत धमाकेदार 74 रन बनाए। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 104 गेंदों में 137 रनों की अटूट साझेदारी कर ऑस्ट्रेलिया को केवल 22.4 ओवर में लक्ष्य तक पहुँचा दिया।
क्लीन स्वीप का संदेश
यह 3-0 की जीत ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम की उस वर्चस्व की निरंतरता है जो उन्होंने अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में वर्षों से स्थापित कर रखी है। गौरतलब है कि बांग्लादेश की टीम तीनों मुकाबलों में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी और बल्लेबाजी के सामने बेबस दिखी। आगे बांग्लादेश को अपनी बल्लेबाजी की गहराई और निचले क्रम की कमज़ोरी पर गंभीरता से काम करना होगा।