बेबी सहाना रवि का एशियन पैरा गेम्स में ऐतिहासिक ब्रॉन्ज, स्टैंडिंग कैटेगरी में भारत का पहला पदक
सारांश
मुख्य बातें
भारत की बेबी सहाना रवि ने नागोया में जारी एशियन पैरा गेम्स में पैरा टेबल टेनिस महिला सिंगल्स क्लास 9 स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। स्टैंडिंग कैटेगरी (खड़े होकर खेलने वाली श्रेणी) में एशियन पैरा गेम्स के मंच पर यह भारत का पहला पदक है। तमिलनाडु के होसुर की इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी की यह उपलब्धि वर्षों की अथक मेहनत और अदम्य जज़्बे की परिणति है।
मुख्य घटनाक्रम
महिला सिंगल्स क्लास 9 के सेमीफाइनल में सहाना को चीन की माओ जिंगडियन के हाथों 0-3 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बावजूद उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल मुकाबला जीतकर भारत की झोली में एक यादगार पदक डाला। यह पदक इसलिए भी विशेष है क्योंकि स्टैंडिंग कैटेगरी में एशियन पैरा गेम्स के इतिहास में भारत ने पहले कभी कोई पदक नहीं जीता था।
सहाना का सफर — संघर्ष से शिखर तक
सहाना ने 2014 में जब वह 5वीं कक्षा में थीं, टेबल टेनिस से पहला परिचय किया। 2015 में वह कोरोनेशन क्लब से जुड़ीं, जहाँ उनके पहले कोच राज अरविंदन अलगार ने उनकी प्रतिभा को तराशा। 9वीं कक्षा के बाद उन्होंने नियमित स्कूल छोड़ नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) के माध्यम से पढ़ाई जारी रखी और प्रतिदिन 6 से 8 घंटे की कठोर ट्रेनिंग को अपनी दिनचर्या बनाया।
सितंबर 2022 में वह चेन्नई के एसडीएटी-एकेजी टेबल टेनिस डेवलपमेंट सेंटर चली गईं, जहाँ वह वर्तमान में कोच मुरलीधर राव — जो अचंता शरत कमल के पूर्व कोच भी रहे हैं — की देखरेख में प्रशिक्षण ले रही हैं। उनके बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में सीनियर मल्टी-स्पोर्ट डेब्यू और हांगझोऊ एशियन पैरा गेम्स 2022 में 5वें स्थान से आज के ब्रॉन्ज तक का सफर उनके निरंतर विकास को दर्शाता है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर सहाना की चमक
गौरतलब है कि सहाना ने 2024 वर्ल्ड एबिलिटीस्पोर्ट यूथ गेम्स और 2025 में दुबई में हुए यूथ एशियन पैरा गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर पहले ही अपनी विश्वस्तरीय काबिलियत साबित कर दी थी। उनके माता-पिता ने हर कदम पर उनके पैरालिंपियन बनने के सपने को सहयोग दिया, जो उनकी सफलता की आधारशिला रहा।
अन्य भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन
इसी स्पर्धा में प्राची पांडे ने महिला सिंगल्स क्लास 6 में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। सेमीफाइनल में उन्हें मिस्र की अल-दयेनी से 0-3 से हार झेलनी पड़ी। वहीं, सोनलबेन पटेल ने महिला सिंगल्स क्लास 3 में साउथ कोरिया की यूं जियू से सेमीफाइनल में 7-11, 5-11, 6-11 से हारने के बाद ब्रॉन्ज पर कब्ज़ा किया।
पैरालिंपिक मेडलिस्ट भाविना पटेल महिला सिंगल्स क्लास 4-5 में ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफल रहीं। सेमीफाइनल में उन्हें चीन की झांग बियान ने 7-11, 5-11, 7-11 के स्कोर से पराजित किया था। यह ऐसे समय में आया है जब भारत पैरा खेलों में अपनी उपस्थिति को वैश्विक स्तर पर मज़बूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
आगे की राह
इन पदकों के साथ भारतीय पैरा टेबल टेनिस टीम ने नागोया एशियन पैरा गेम्स में अपना मज़बूत प्रदर्शन दर्ज किया है। सहाना की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के पैरा एथलीटों के लिए एक प्रेरणास्रोत बनने का माद्दा रखती है और भविष्य में पैरालिंपिक पदक की उम्मीदें और प्रबल हो गई हैं।