प्राची पांडे का ऐतिहासिक कांस्य: एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत को पैरा टेबल टेनिस का पहला पदक
सारांश
मुख्य बातें
पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी प्राची पांडे ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में जापान के आइची-नागोया में महिला एकल क्लास-6 स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया — यह इस स्पर्धा में भारत का पहला पदक है। 33 वर्षीया प्राची, जो विश्व रैंकिंग में 17वें स्थान पर हैं, अपने पहले ही एशियन पैरा गेम्स में पदक मंच तक पहुँचीं।
सॉफ्टवेयर डेस्क से खेल के मैदान तक
उत्तर प्रदेश की मूल निवासी प्राची ने चंडीगढ़ स्थित पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से एमटेक की पढ़ाई की और 2020 से 2023 के बीच फुल-स्टैक सॉफ्टवेयर डेवलपर के रूप में काम किया। बढ़ती न्यूरोलॉजिकल बीमारी से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद उन्होंने 2023 में तकनीकी करियर छोड़कर पैरा टेबल टेनिस को पूर्णकालिक रूप से अपनाने का साहसिक निर्णय लिया। यह यात्रा दृढ़ संकल्प और निरंतर परिश्रम की प्रेरक मिसाल है।
प्रतियोगिता में मुख्य घटनाक्रम
प्राची ने आइची-नागोया में सेमीफाइनल तक का सफर तय किया, जहाँ उनका सामना इराक की नजला अल-दय्येनी से हुआ — जो विश्व रैंकिंग में पाँचवें स्थान पर हैं और मौजूदा पैरालंपिक एवं एशियन पैरा गेम्स चैंपियन हैं। इस मुक़ाबले में हार के बाद भी कांस्य पदक जीतना वैश्विक मंच पर प्राची की बढ़ती साख को दर्शाता है।
घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियाँ
घरेलू मंच पर प्राची ने 2022 और 2023 में राष्ट्रीय पैरा टेबल टेनिस चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीते। पहले खेलो इंडिया पैरा गेम्स 2023 में स्वर्ण जीता और 2025 के संस्करण में अपना खिताब बरकरार रखा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने 2023 में ब्राजील पैरा ओपन में अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ (ITTF) का पहला पदक जीता। तब से वे रैंकिंग टूर्नामेंटों में कुल 12 पदक जीत चुकी हैं — जिनमें 4 रजत और 8 कांस्य शामिल हैं। हालिया प्रदर्शन में 2026 के ITTF वर्ल्ड पैरा फ्यूचर गोल्ड कोस्ट में रजत पदक तथा नखोन रत्चासिमा (2026), काऊशुंग (2025) और कोस्टा ब्रावा (2025) में कांस्य पदक शामिल हैं।
साई एनसीओई गांधीनगर और खेलो इंडिया की भूमिका
प्राची जून 2023 से भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCOE) में प्रशिक्षण ले रही हैं। यह केंद्र पैरा खेलों के नोडल केंद्र के रूप में नामित है और यहाँ छह पैरा खेलों में विशेष कार्यक्रम संचालित हैं। यहाँ प्रतिदिन तीन प्रशिक्षण सत्र, फिजियोथेरेपी, मानसिक तैयारी और खेल विज्ञान विशेषज्ञों की टीम उनकी सहायता करती है। एशियन पैरा गेम्स 2026 की तैयारी के लिए वार्षिक प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिता कैलेंडर (ACTC) के तहत उन्हें लगभग ₹26.86 लाख की वित्तीय सहायता भी दी गई।
प्राची पांडे के अपने शब्दों में
अपनी ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्राची ने कहा, 'अपने पहले एशियन पैरा गेम्स में भारत के लिए पदक जीतना मेरा सपना सच होने जैसा है और यह मेरे लिए बेहद गर्व का क्षण है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम करने से लेकर एशियन पैरा गेम्स के पदक मंच तक पहुँचने का मेरा सफर चुनौतियों, त्याग और दृढ़ संकल्प से भरा रहा है।' उन्होंने SAI, खेलो इंडिया कार्यक्रम, अपने कोच और खेल विज्ञान टीम का आभार जताया। गौरतलब है कि यह पदक न केवल प्राची की व्यक्तिगत जीत है, बल्कि भारतीय पैरा खेल ढाँचे की बढ़ती ताकत का प्रमाण भी है।