क्या नजम सेठी ने आईसीसी-बीसीबी विवाद में पीसीबी के रुख का समर्थन किया?

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क्या नजम सेठी ने आईसीसी-बीसीबी विवाद में पीसीबी के रुख का समर्थन किया?

सारांश

बांग्लादेश अपने टी20 विश्व कप के मैच भारत में न खेलने की जिद के चलते बाहर होने के कगार पर है। पूर्व पीसीबी अध्यक्ष नजम सेठी ने आईसीसी के निर्णय का समर्थन किया है। क्या पाकिस्तान अन्य देशों का समर्थन जुटा पाएगा?

मुख्य बातें

बांग्लादेश विश्व कप से बाहर होने के कगार पर है।
आईसीसी ने बांग्लादेश की सुरक्षा चिंताओं की अनदेखी की है।
नजम सेठी ने पीसीबी के रुख का समर्थन किया है।
बांग्लादेश के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन महत्वपूर्ण है।
स्कॉटलैंड बांग्लादेश का संभावित विकल्प बन सकता है।

नई दिल्ली, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश अपने टी20 विश्व कप 2026 में भाग लेने के लिए भारत में खेलने से इंकार करके बाहर होने के कगार पर खड़ा है। जैसे ही आईसीसी का अंतिम निर्णय आएगा, बांग्लादेश को विश्व कप से बाहर कर दिया जाएगा और उसकी जगह स्कॉटलैंड को दे दी जाएगी। पाकिस्तान बांग्लादेश की इस स्थिति को गलत नहीं मान रहा है और आईसीसी पर आरोप लगा रहा है। पूर्व पीसीबी अध्यक्ष नजम सेठी ने अन्य देशों के क्रिकेट बोर्डों से समर्थन की मांग की है।

नजम सेठी ने शुक्रवार को आईसीसी में भारत के प्रभाव का उल्लेख करते हुए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के साथ चल रहे विवाद में पीसीबी के रुख का समर्थन किया। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड अपने टी20 विश्व कप के मैच भारत में नहीं खेलना चाहता, बल्कि श्रीलंका में खेलने की इच्छा रखता है। आईसीसी ने बांग्लादेश के अनुरोध को स्वीकार नहीं किया। पाकिस्तान ने बांग्लादेश की चिंताओं का समर्थन किया और आईसीसी को एक ईमेल भेजकर अपना समर्थन जताया। इस मुद्दे पर आईसीसी के बोर्ड सदस्यों ने मतदान किया। पाकिस्तान को छोड़कर अन्य किसी देश ने बांग्लादेश का साथ नहीं दिया।

नजम सेठी ने बांग्लादेश का समर्थन करने के लिए पीसीबी के अध्यक्ष मोहसिन नकवी की सराहना की और उनकी खेल की समझ पर भरोसा जताया।

सेठी ने कहा, "बांग्लादेश ने विश्व कप का बॉयकॉट करने का निर्णय लिया है। अब यह देखना बाकी है कि पीसीबी क्या निर्णय लेता है। मोहसिन नकवी खेल को अच्छी तरह समझते हैं और सभी पहलुओं की गहरी जानकारी रखते हैं। वे जो भी निर्णय लेंगे, वह सही होगा।"

सेठी ने बांग्लादेश के उद्देश्य के लिए वैश्विक समर्थन की अपील की और कहा कि एकजुट होकर विरोध करने से आईसीसी को भारत के प्रभाव से आगे देखने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। अगर पाकिस्तान के बाद अन्य देश भी बांग्लादेश के समर्थन में खड़े होते हैं, तो आईसीसी को एहसास होगा कि यह इंडियन क्रिकेट काउंसिल नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद है।

टी20 विश्व कप शुरू होने में दो सप्ताह से कम समय बचा है। आईसीसी और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के बीच गतिरोध जारी है। यह मामला बीसीसीआई द्वारा कोलकाता नाइट राइडर्स को बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने के आदेश देने के बाद बढ़ा। रहमान को आईपीएल से हटाए जाने के बाद ही बीसीबी ने बांग्लादेश क्रिकेट टीम को विश्व कप के लिए भारत न भेजने का निर्णय लिया। बांग्लादेश सरकार ने देश में आईपीएल ब्रॉडकास्ट पर बैन लगा दिया। बीसीबी ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए आईसीसी से विश्व कप के ग्रुप मैच भारत से बाहर स्थानांतरित करने की औपचारिक अपील की। आईसीसी ने बांग्लादेश का अनुरोध नहीं माना है, जिसके बाद बीसीबी ने अपनी टीम को भारत न भेजने का अंतिम निर्णय ले लिया है। आईसीसी जल्द ही बांग्लादेश के विकल्प के रूप में स्कॉटलैंड की घोषणा कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के प्रभाव को भी उजागर करता है। पाकिस्तान की अपील से यह स्पष्ट होता है कि उन्हें आईसीसी के निर्णयों में अधिक पारदर्शिता की आवश्यकता है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश ने टी20 विश्व कप में खेलने से क्यों इनकार किया?
बांग्लादेश ने सुरक्षा चिंताओं के चलते भारत में मैच खेलने से इनकार किया है।
आईसीसी का नज़रिया इस विवाद पर क्या है?
आईसीसी ने बांग्लादेश के अनुरोध को स्वीकार नहीं किया है।
नजम सेठी का इस मामले में क्या कहना है?
नजम सेठी ने पीसीबी के रुख का समर्थन किया है और अन्य देशों से सहयोग की अपील की है।
क्या पाकिस्तान अन्य देशों का समर्थन प्राप्त कर पाएगा?
यह देखना बाकी है कि पाकिस्तान बांग्लादेश के समर्थन में अन्य देशों को कैसे एकजुट कर पाता है।
राष्ट्र प्रेस
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