बीसीसीआई ने अरुणाचल प्रदेश की पुरुष-महिला टीमों के लिए सीधे सेलेक्शन ट्रायल शुरू किए
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अरुणाचल प्रदेश की सीनियर पुरुष, सीनियर महिला, पुरुष अंडर-16 और पुरुष अंडर-23 टीमों के लिए सीधे सेलेक्शन ट्रायल की शुरुआत की है, ताकि राज्य की टीमें मौजूदा घरेलू क्रिकेट सीजन में भाग ले सकें। ईटानगर के दिल्ली पब्लिक स्कूल में मंगलवार सुबह 8 बजे से ये ट्रायल्स आरंभ हुए, जो अरुणाचल प्रदेश में जारी कानूनी विवाद के बीच बीसीसीआई की एक महत्त्वपूर्ण हस्तक्षेपकारी कार्रवाई है।
मुख्य घटनाक्रम
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने पुष्टि की कि बोर्ड ने एपेक्स काउंसिल के सदस्य एम. खैरुल जमाल मजूमदार को इन ट्रायल्स का संयोजक नियुक्त किया है। सैकिया ने कहा, 'अरुणाचल में राज्य के बाहर के कुछ स्वतंत्र सिलेक्टर्स के साथ ट्रायल्स चल रहे हैं। एसोसिएशन इन ट्रायल्स में शामिल नहीं है, क्योंकि बीसीसीआई सीधे ट्रायल्स करा रहा है और हम अरुणाचल की टीमों को रणजी ट्रॉफी और दूसरे टूर्नामेंट्स में भेजने की कोशिश कर रहे हैं।'
गौरतलब है कि अरुणाचल क्रिकेट एसोसिएशन (एसीए) के दो गुटों के बीच चल रहे कानूनी विवाद — जो गुवाहाटी उच्च न्यायालय की ईटानगर बेंच में विचाराधीन है — के कारण राज्य की टीमें रणजी ट्रॉफी, वीनू मांकड़ ट्रॉफी और अंडर-19 महिला टी20 ट्रॉफी में भाग नहीं ले सकी थीं। अरुणाचल ने अहमदाबाद में नागालैंड के खिलाफ अपना पहला रणजी ट्रॉफी मैच भी छोड़ दिया था।
स्वतंत्र सिलेक्टर्स का पैनल
बीसीसीआई ने असम के तीन स्वतंत्र सिलेक्टर्स — पूर्व खिलाड़ी सत्य गोपाल चक्रवर्ती, जयंत चौधरी और दीप बोरा — का पैनल नियुक्त किया है। चक्रवर्ती इस पैनल के चेयरमैन हैं। इस पैनल की जिम्मेदारी है कि रणजी ट्रॉफी, कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी, सीनियर महिला T20 ट्रॉफी और विजय मर्चेंट ट्रॉफी के लिए अरुणाचल की टीमें तैयार की जाएँ।
ट्रायल्स का विवरण
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, ईटानगर के दिल्ली पब्लिक स्कूल में चल रहे इन ट्रायल्स में सीनियर महिला, पुरुष अंडर-16, पुरुष अंडर-23 और सीनियर पुरुष — चारों वर्गों के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। यह ट्रायल्स एसीए के किसी भी गुट की भागीदारी के बिना, सीधे बीसीसीआई की देखरेख में आयोजित किए जा रहे हैं।
बीसीसीआई का रुख और आगे की राह
सैकिया ने स्पष्ट किया, 'हम इस सीजन के घरेलू मुकाबलों में हिस्सा लिए बिना टीमों को बाहर नहीं रहने दे सकते।' यह बयान दर्शाता है कि बोर्ड अरुणाचल के खिलाड़ियों के हितों की रक्षा के लिए कानूनी पेचीदगियों से परे जाकर व्यावहारिक कदम उठाने को तत्पर है। आने वाले दिनों में चुनी गई टीमें घरेलू टूर्नामेंट्स में भेजी जाएँगी।