भुवनेश्वर कुमार की टी20 में वापसी के बाद मोहम्मद शमी के लिए खुलेगा टीम इंडिया का दरवाज़ा?
सारांश
मुख्य बातें
मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार — भारतीय तेज़ गेंदबाज़ी की दो धुरियाँ — लंबे अरसे से टीम इंडिया के बाहर थीं। लेकिन मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कार्यकाल समाप्त होते ही पहला बड़ा बदलाव आ गया: अंतरिम मुख्य चयनकर्ता प्रज्ञान ओझा ने न्यूज़ीलैंड दौरे के लिए चुनी गई टी20 टीम में भुवनेश्वर कुमार को वापस बुलाया। अब सवाल है कि क्या यह बदलाव शमी की भी घर-वापसी की राह खोलेगा?
चार साल बाद भुवनेश्वर की वापसी
दाएँ हाथ के मध्यम-गति गेंदबाज़ भुवनेश्वर कुमार ने अपना आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच 22 नवंबर 2022 को न्यूज़ीलैंड के खिलाफ खेला था। लगभग चार वर्ष के अंतराल के बाद उन्हें उसी न्यूज़ीलैंड दौरे पर भारत की टी20 टीम में जगह मिली है — एक प्रतीकात्मक संयोग।
इन चार वर्षों में भुवनेश्वर घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में लगातार सक्रिय और प्रभावशाली रहे। आईपीएल 2025 में उन्होंने 14 मैचों में 17 विकेट लिए, जबकि आईपीएल 2026 में 16 मैचों में 28 विकेट झटके — रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को लगातार दो आईपीएल खिताब दिलाने में उनकी गेंदबाज़ी की केंद्रीय भूमिका रही। इसके बावजूद अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह देना उचित नहीं समझा।
ओझा के पद संभालते ही स्थिति बदली और आईपीएल 2026 में भुवनेश्वर के शानदार प्रदर्शन को आधार बनाकर उन्हें तत्काल टी20 दल में शामिल किया गया।
शमी के लिए वापसी की उम्मीद क्यों बढ़ी
मोहम्मद शमी ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल (9 मार्च 2025) के बाद से टीम इंडिया की जर्सी नहीं पहनी है। पिछले करीब डेढ़ साल में वे घरेलू क्रिकेट में बंगाल की तरफ से तीनों प्रारूपों में खेले और लगातार प्रभावी रहे, लेकिन राष्ट्रीय टीम में वापसी के दरवाज़े बंद रहे।
अगरकर ने हमेशा उनकी फिटनेस पर सवाल उठाए और उन्हें टीम से दूर रखा। अब अगरकर के जाने के बाद माना जा रहा है कि भुवनेश्वर की वापसी की तरह शमी को भी नए चयन पैनल से न्याय मिल सकता है।
शमी का वनडे रिकॉर्ड — वापसी का सबसे मज़बूत तर्क
शमी के पक्ष में उनके आँकड़े स्वयं बोलते हैं। वे वनडे विश्व कप इतिहास के पाँचवें सबसे सफल गेंदबाज़ हैं। 2015, 2019 और 2023 — तीन विश्व कपों में खेले गए 18 मैचों में उन्होंने 55 विकेट लिए हैं। कुल 108 वनडे में उनके नाम 206 विकेट दर्ज हैं।
गौरतलब है कि वनडे विश्व कप 2023 में शमी ने टूर्नामेंट में रिकॉर्ड गेंदबाज़ी की थी और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भी भारत को चैंपियन बनाने में उनकी गेंद ने निर्णायक भूमिका निभाई। यह प्रदर्शन ही उनकी वापसी का सबसे पुख्ता दावा है।
मौजूदा तेज़ आक्रमण में खाली जगह
भारत का मौजूदा तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण जसप्रीत बुमराह को छोड़कर विशेषज्ञों की नज़र में अपेक्षाकृत कमज़ोर नज़र आता है। यह ऐसे समय में आया है जब अगले वनडे विश्व कप की तैयारियाँ आकार ले रही हैं। ऐसे में शमी जैसे अनुभवी और सिद्ध गेंदबाज़ की वापसी टीम को गहराई और संतुलन दे सकती है।
नए चयन पैनल पर अब नज़रें टिकी हैं कि क्या वे शमी को आगामी श्रृंखलाओं में मौका देते हैं — यह निर्णय भारतीय क्रिकेट के अगले चक्र की दिशा तय कर सकता है।