भुवनेश्वर कुमार न्यूजीलैंड T20 सीरीज में पहली पसंद हों — पुजारा
सारांश
मुख्य बातें
भारत के पूर्व टेस्ट बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने कहा है कि न्यूजीलैंड में खेली जाने वाली आगामी पाँच मैचों की टी-20 इंटरनेशनल सीरीज में नई गेंद के साथ भुवनेश्वर कुमार टीम की पहली पसंद होने चाहिए। पुजारा के मुताबिक, न्यूजीलैंड की परिस्थितियाँ इस अनुभवी स्विंग गेंदबाज के लिए बेहद अनुकूल हैं और वहाँ वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकते हैं।
भुवनेश्वर की वापसी और सीरीज की शुरुआत
भुवनेश्वर कुमार ने बेंगलुरु में वेस्टइंडीज के खिलाफ पाँचवें और आखिरी टी-20 इंटरनेशनल मैच के ज़रिए भारतीय टीम में वापसी की थी। हालाँकि, बारिश के कारण वह मैच रद्द हो गया था और भुवनेश्वर को अपनी वापसी को मैदान पर साबित करने का मौका नहीं मिला। अब गुरुवार से क्राइस्टचर्च के हेगली ओवल में शुरू हो रही इस सीरीज में उनसे काफी उम्मीदें जुड़ी हैं।
पुजारा का विश्लेषण — स्विंग के लिए माकूल हालात
पुजारा ने 'जियोस्टार' पर कहा, 'न्यूजीलैंड के हालात को देखते हुए नई गेंद के साथ भुवनेश्वर पहली पसंद होने चाहिए, क्योंकि उनके पास गेंद को स्विंग कराने की बेहतरीन कला है। अगर न्यूजीलैंड में गेंद स्विंग नहीं करेगी, तो फिर कहाँ करेगी? वहाँ के हालात उनके लिए एकदम सही हैं। अगर पिच से थोड़ी भी मदद मिलती है, तो वह नई गेंद के साथ पिच से बेहतरीन मूवमेंट निकाल सकते हैं।'
गौरतलब है कि न्यूजीलैंड की घास वाली पिचें और नम हवा परंपरागत रूप से सीम और स्विंग गेंदबाज़ी के लिए अनुकूल मानी जाती हैं — ऐसे में भुवनेश्वर जैसे अनुभवी गेंदबाज़ की तकनीकी दक्षता और भी प्रासंगिक हो जाती है।
अभिषेक नायर की राय — IPL में निरंतरता ने दिलाई वापसी
भारत के पूर्व क्रिकेटर और पूर्व सहायक कोच अभिषेक नायर ने कहा कि भुवनेश्वर कुमार ने आईपीएल में लगातार दो सीजन तक उम्दा प्रदर्शन करके राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह फिर से पक्की की। उन्होंने मौजूदा चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के लिए तब गेंदबाज़ी की जब परिस्थितियाँ तेज़ गेंदबाज़ों के अनुकूल बिल्कुल नहीं थीं।
नायर ने कहा, 'आईपीएल में पिचें तेज़ गेंदबाज़ों के लिए मददगार नहीं होतीं बल्कि काफी सपाट होती हैं। इसके बावजूद, पिछले दो वर्षों से वह पारी की शुरुआत में दो ओवर और अंत में दो ओवर फेंक रहे हैं — जो खेल के सबसे मुश्किल चरण होते हैं। ऐसा करने के लिए अनुभव की ज़रूरत होती है। भुवनेश्वर कुमार की काबिलियत पर तो कभी कोई सवाल ही नहीं रहा।'
पुजारा से तुलना — शांत मगर भरोसेमंद
नायर ने भुवनेश्वर के शांत स्वभाव और लगातार प्रदर्शन की तुलना बल्लेबाज़ के रूप में चेतेश्वर पुजारा के करियर से की। उन्होंने कहा, 'मैं बहुत खुश हूँ कि भुवनेश्वर को मौका मिला है — इतने वर्षों से वह उस गेंदबाज़ की भूमिका में रहे जैसे बल्लेबाज़ के तौर पर चेतेश्वर पुजारा। आप तब तक उन पर ध्यान नहीं देते, जब तक ध्यान न जाए। लेकिन जब उनके आँकड़े देखते हैं — चाहे घरेलू क्रिकेट हो, डीवाई पाटिल टूर्नामेंट हो या आईपीएल — तो प्रदर्शन और निरंतरता साफ नज़र आती है।'
आगे क्या होगा
भुवनेश्वर कुमार के लिए यह सीरीज न केवल व्यक्तिगत पुनर्वापसी की परीक्षा है, बल्कि भारत की पेस-बॉलिंग रणनीति की भी अग्नि-परीक्षा है। क्राइस्टचर्च की परिस्थितियाँ अगर अनुकूल रहीं, तो नायर और पुजारा दोनों का यह दृष्टिकोण सही साबित हो सकता है। सीरीज के परिणाम आने वाले महीनों में टी-20 विश्व कप चयन को भी प्रभावित कर सकते हैं।