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मोर्ने मोर्केल ने भुवनेश्वर कुमार का किया बचाव, बोले — 'बाहरी शोर भूलो, खुद पर ध्यान दो'

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मोर्ने मोर्केल ने भुवनेश्वर कुमार का किया बचाव, बोले — 'बाहरी शोर भूलो, खुद पर ध्यान दो'

सारांश

चार साल बाद टी20 टीम में लौटे भुवनेश्वर कुमार पहले दो मैचों में 12.37 की इकॉनमी से जूझ रहे हैं। बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्केल ने उनका बचाव किया और कहा — आईपीएल में 45 विकेट लेने वाले इस अनुभवी गेंदबाज को बस थोड़ा वक्त चाहिए, आलोचना नहीं।

मुख्य बातें

बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्केल ने 26 अक्टूबर 2026 को वेलिंगटन प्रेस कॉन्फ्रेंस में भुवनेश्वर कुमार का बचाव किया।
भुवनेश्वर ने पहले दो टी20 में क्रमशः 49 और 50 रन दिए; इकॉनमी रेट 12.37 — भारतीय गेंदबाजों में सबसे खराब।
भुवनेश्वर की आखिरी अंतरराष्ट्रीय पारी नवंबर 2022 , एडिलेड ओवल में टी20 विश्व कप सेमीफाइनल में थी — करीब चार साल का अंतराल।
पिछले दो आईपीएल सीजन में आरसीबी के लिए 45 विकेट लेकर वापसी का मौका मिला।
भारत सीरीज में 2-0 से आगे; तीसरा टी20 वेलिंगटन की तेज हवाओं के बीच खेला जाएगा।

भारत के बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्केल ने सीनियर तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का खुलकर बचाव किया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भुवनेश्वर अपने कोटे के ओवरों में क्रमशः 49 और 50 रन खर्च कर चुके हैं, जिससे उनका इकॉनमी रेट 12.37 तक पहुँच गया — यह भारतीय गेंदबाजों में सबसे खराब रहा। 26 अक्टूबर 2026 को वेलिंगटन में तीसरे टी20 से पूर्व एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोर्केल ने स्पष्ट किया कि यह फॉर्म की नहीं, बल्कि अनुकूलन की समस्या है।

चार साल बाद वापसी और उम्मीदों का बोझ

36 वर्षीय भुवनेश्वर कुमार ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी से पहले आखिरी बार नवंबर 2022 में एडिलेड ओवल में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। करीब चार साल के अंतराल के बाद उनकी राष्ट्रीय टीम में वापसी ने जहाँ प्रशंसकों में उत्साह जगाया, वहीं पहले दो मैचों में खराब प्रदर्शन के बाद आलोचनाओं का सिलसिला भी शुरू हो गया।

मोर्केल ने इस संदर्भ में सहानुभूति जताते हुए कहा, 'भुवनेश्वर की वापसी को लेकर मुझे काफी सहानुभूति है। चार साल बाद वापसी करने पर लोगों की उम्मीदें होना स्वाभाविक है। उन्होंने आईपीएल में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है और शानदार गेंदबाजी की है। सबसे पहली बात तो यह है कि उन्हें उम्मीदों के दबाव को नजरअंदाज कर देना चाहिए।'

आईपीएल प्रदर्शन की बदौलत मिला मौका

भुवनेश्वर ने पिछले दो इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) सीजन में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के लिए कुल 45 विकेट लिए और टीम को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई। नई गेंद के साथ उनकी निरंतरता और भरपूर अनुभव ने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया और उन्हें भारत की टी20 टीम में एक और अवसर मिला।

मोर्केल ने यह भी स्वीकार किया कि अंतरराष्ट्रीय और फ्रेंचाइजी क्रिकेट के बीच का अंतर महीन लेकिन निर्णायक होता है। उन्होंने कहा, 'उनके चयन से पहले उन्होंने एक महीने तक ट्रेनिंग तो की, लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट का स्तर बिल्कुल अलग होता है, जहाँ छोटी-छोटी गलतियों का भी बड़ा असर पड़ता है। शेड्यूल की वजह से उन्हें बहुत कम ट्रेनिंग के साथ ही खुद को तैयार करना पड़ा।'

कोच का संदेश — लय खुद आएगी

मोर्केल ने भुवनेश्वर को दिए अपने संदेश को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोहराया। उन्होंने कहा, 'उनके पास कौशल और अनुभव — सब कुछ है। मगर अंत में हमें क्रिकेट के खेल का सम्मान करना चाहिए और उन्हें कुछ मैचों में खुद को ढालने का समय देना चाहिए। जब से वह टीम से जुड़े हैं, तब से मेरा संदेश यही रहा है कि किसी चीज के पीछे भागने की जरूरत नहीं है। बस आप जैसे हैं, वैसे ही रहें। हर मैच के साथ आप बेहतर होते जाएंगे और अपनी लय पा लेंगे। इसलिए बाहर की बातों पर ध्यान न दें — बस खुद पर ध्यान दें और खेल से जुड़ें।'

वेलिंगटन की तेज हवाओं से नई चुनौती

पाँच मैचों की सीरीज में 2-0 से आगे चल रही भारतीय टीम को तीसरे टी20 में वेलिंगटन की प्रसिद्ध तेज हवाओं से भी जूझना होगा। मोर्केल ने इसे एक अनूठी चुनौती बताया। उन्होंने कहा, 'यहाँ की हवा एक बहुत बड़ी चुनौती है। आज सुबह मैं होटल में था और पूरी इमारत हिल रही थी। यह हमारे लिए एक नया अनुभव होगा, जिससे खिलाड़ियों को जल्दी से तालमेल बिठाना होगा। मगर हम इस चुनौती का डटकर सामना करने के लिए तैयार हैं, न कि कोई बहाना बनाने के लिए।'

यह देखना दिलचस्प होगा कि तीसरे टी20 में भुवनेश्वर मोर्केल के भरोसे पर खरे उतरते हैं या नहीं — और क्या वेलिंगटन की विषम परिस्थितियाँ उनकी स्विंग गेंदबाजी के लिए नई संभावनाएँ खोल सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब सीरीज जीतने का दबाव हो। भुवनेश्वर की आईपीएल सफलता फ्रेंचाइजी सेटिंग में थी, जहाँ परिस्थितियाँ और टीम की रणनीति अलग होती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, विशेषकर वेलिंगटन जैसी मुश्किल परिस्थितियों में, उनकी कमियाँ अधिक उजागर हो सकती हैं। यदि तीसरे मैच में भी यही हाल रहा, तो बचाव के बयानों की जगह कठोर टीम चयन निर्णयों की आवश्यकता होगी।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भुवनेश्वर कुमार का न्यूजीलैंड टी20 सीरीज में प्रदर्शन कैसा रहा है?
पहले दो मैचों में भुवनेश्वर ने अपने कोटे के ओवरों में क्रमशः 49 और 50 रन दिए, जिससे उनका इकॉनमी रेट 12.37 रहा — यह भारतीय गेंदबाजों में सबसे खराब था। चार साल बाद अंतरराष्ट्रीय टी20 में लौटे इस अनुभवी गेंदबाज की वापसी अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी।
भुवनेश्वर कुमार ने चार साल बाद टीम में वापसी कैसे की?
भुवनेश्वर ने पिछले दो आईपीएल सीजन में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के लिए कुल 45 विकेट लिए और टीम को चैंपियन बनाने में मदद की। इसी शानदार प्रदर्शन के आधार पर चयनकर्ताओं ने उन्हें न्यूजीलैंड टी20 सीरीज के लिए राष्ट्रीय टीम में शामिल किया।
बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्केल ने भुवनेश्वर को क्या सलाह दी?
मोर्केल ने भुवनेश्वर को सलाह दी कि वे उम्मीदों के दबाव और बाहरी आलोचनाओं को नजरअंदाज करें और बस अपने स्वाभाविक खेल पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि हर मैच के साथ गेंदबाज बेहतर होगा और अपनी लय पा लेगा।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 सीरीज का अभी क्या हाल है?
पाँच मैचों की टी20 सीरीज में भारत 2-0 से आगे है। तीसरा मैच वेलिंगटन में खेला जाना है, जहाँ तेज हवाएँ खिलाड़ियों के लिए अतिरिक्त चुनौती बन सकती हैं।
भुवनेश्वर कुमार ने आखिरी बार अंतरराष्ट्रीय टी20 कब खेला था?
भुवनेश्वर ने आखिरी बार नवंबर 2022 में एडिलेड ओवल में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इस प्रकार न्यूजीलैंड सीरीज उनकी करीब चार साल बाद अंतरराष्ट्रीय टी20 में वापसी है।
राष्ट्र प्रेस
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