मोहम्मद शमी फिर टीम इंडिया से बाहर: न्यूजीलैंड सीरीज में नजरअंदाज, विश्व कप 2027 की दावेदारी पर सवाल
सारांश
मुख्य बातें
अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2026 को घोषित न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 वनडे और 2 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम में एक बार फिर जगह नहीं मिली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की चयन समिति द्वारा की गई इस घोषणा ने शमी के भविष्य को लेकर तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर तब जब 9 मार्च 2025 को चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल के बाद से वे लगातार राष्ट्रीय टीम से बाहर हैं।
मुख्य घटनाक्रम
अजीत अगरकर के मुख्य चयनकर्ता पद से हटने के बाद प्रज्ञान ओझा को अंतरिम मुख्य चयनकर्ता नियुक्त किया गया था। प्रज्ञान ने अपनी पहली टीम में भुवनेश्वर कुमार को स्थान देकर संकेत दिया था कि अनुभवी खिलाड़ियों के लिए दरवाजे खुल सकते हैं। 36 वर्षीय भुवनेश्वर ने लगभग 4 साल के अंतराल के बाद टीम इंडिया में वापसी की थी।
इसी आधार पर शमी की वापसी की उम्मीदें बढ़ी थीं, विशेष रूप से जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति में उनका चयन लगभग तय माना जा रहा था। लेकिन चयन समिति ने न्यूजीलैंड सीरीज के लिए भी शमी को दरकिनार कर दिया।
शमी का रिकॉर्ड और मौजूदा फॉर्म
मोहम्मद शमी ने अब तक 108 वनडे में 206 विकेट लिए हैं। विश्व कप 2023 में उन्होंने केवल 7 मैचों में 24 विकेट लेकर टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में अपनी जगह बनाई थी। चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल के बाद टीम से बाहर होने के बावजूद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में हर फॉर्मेट में हिस्सा लिया और बेहतरीन प्रदर्शन कर अपनी फिटनेस व फॉर्म साबित की। वह अभी भी रणजी ट्रॉफी में खेल रहे हैं। उल्लेखनीय है कि शमी ने जून 2023 के बाद से कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है।
चयन समिति की रणनीति पर सवाल
न्यूजीलैंड सीरीज के लिए घोषित गेंदबाजी लाइनअप में प्रसिद्ध कृष्णा (जो चोटिल हैं), युवा अंशुल कंबोज, यश ठाकुर और औकिब नबी को शामिल किया गया है। आलोचकों का कहना है कि इन गेंदबाजों का प्रदर्शन अभी उस स्तर का नहीं है कि उन्हें शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज पर प्राथमिकता दी जाए।
गौरतलब है कि विश्व कप 2027 में अब लगभग 1 वर्ष का समय शेष है। दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियों में तेज गेंदबाजों की अहम भूमिका होती है, और विशेषज्ञों के अनुसार शमी जैसे अनुभव और स्विंग-सीम गेंदबाजी की क्षमता वाले खिलाड़ी को उन परिस्थितियों में दरकिनार करना जोखिम भरा निर्णय हो सकता है।
भुवनेश्वर की वापसी से जगी थी उम्मीद
भुवनेश्वर कुमार की टीम इंडिया में वापसी ने क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों में यह धारणा बनाई थी कि नई चयन समिति अनुभव को तरजीह देगी। उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ पांचवें टी20 में अर्शदीप सिंह की चोट के बाद भी शामिल किया गया। इस पृष्ठभूमि में शमी का लगातार बाहर रहना और भी हैरान करने वाला माना जा रहा है।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब भारत विश्व कप 2027 की तैयारियों को अंतिम रूप देने की ओर बढ़ रहा है। यदि शमी को आगामी सीरीज में भी नजरअंदाज किया जाता है, तो क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि उनके लिए राष्ट्रीय टीम में वापसी के रास्ते व्यावहारिक रूप से बंद हो सकते हैं। सिराज टीम में हैं और बुमराह की वापसी भी संभावित है, लेकिन शमी की गेंदबाजी की जो विशिष्ट क्षमता है, वह टीम में किसी अन्य गेंदबाज के पास फिलहाल नजर नहीं आती।