चहल और ईशांत ने लॉन्च की एनर्जी ड्रिंक 'एक्वॉन', बोले — 'अच्छा प्रोडक्ट खुद नंबर वन बनता है'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और ईशांत शर्मा ने 13 जुलाई को गुरुग्राम में मिलकर अपनी नई एनर्जी ड्रिंक 'एक्वॉन' को बाज़ार में उतारा। चहल के अनुसार यह ड्रिंक हर उम्र के लोगों के लिए तैयार की गई है और इसमें शुगर की मात्रा 10 प्रतिशत रखी गई है, जिसे शरीर की ज़रूरत के हिसाब से संतुलित बताया गया है। यह दोनों क्रिकेटरों का पहला संयुक्त उद्यम है।
कैसे हुई 'एक्वॉन' की शुरुआत
चहल ने बताया कि क्रिकेट करियर के साथ-साथ अपना एक ब्रांड खड़ा करने की इच्छा लंबे समय से थी। उन्होंने कहा, 'मेरे हिसाब से यह एनर्जी ड्रिंक हर किसी के लिए है। जिस तरह से हम बचपन में रसना पीते थे, तो इसका आप वैसे ही इस्तेमाल कर सकते हैं। खिलाड़ी से लेकर हर उम्र के लोग इसे ले सकते हैं।' इस प्रोडक्ट को बाज़ार में लाने में दोनों को 7 से 8 महीने का समय लगा, जिस दौरान कई तरह की ड्रिंक का परीक्षण किया गया।
व्यस्त क्रिकेट शेड्यूल के बीच उद्यमिता
चहल ने स्वीकार किया कि आईपीएल और काउंटी क्रिकेट में सक्रिय रहते हुए इस प्रोजेक्ट के लिए समय निकालना चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने कहा, 'हम एक तरफ क्रिकेट खेल रहे हैं... हालांकि, हम चाहते थे कि हमारा भी एक ब्रांड होना चाहिए और समय था, तो हमने सोचा चलिए इसे शुरू करते हैं।' चहल ने यह भी जोड़ा कि एक्वॉन में मौजूद शुगर की मात्रा उन खिलाड़ियों के लिए फायदेमंद है जो मैदान पर त्वरित ऊर्जा के लिए चॉकलेट का सहारा लेते हैं।
ईशांत का 'प्रोडक्ट-फर्स्ट' दर्शन
ईशांत शर्मा ने बताया कि दोनों का पूरा ध्यान एक गुणवत्तापूर्ण उत्पाद बनाने पर रहा है, न कि मार्केटिंग टैगलाइन पर। उन्होंने कहा, 'अब तक हमने टैगलाइन पर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया है। हमारा पूरा ध्यान एक अच्छा प्रोडक्ट बनाने पर रहा है... जैसे-जैसे यह प्रोडक्ट लोगों को पसंद आएगा, वैसे-वैसे हम इसके बारे में सोचेंगे।' ईशांत ने दावा किया कि स्वाद के मामले में एक्वॉन बाज़ार में मौजूद अन्य एनर्जी ड्रिंक से बेहतर है।
प्रतिस्पर्धा पर क्रिकेट वाला नज़रिया
ईशांत ने प्रतिस्पर्धा को क्रिकेट के नज़रिये से समझाया। उन्होंने कहा, 'अगर आपका प्रोडक्ट अच्छा है, तो इससे फर्क नहीं पड़ता है कि मार्केट में आपके कितने प्रतिद्वंद्वी हैं... अगर आपका प्रोडक्ट अच्छा है, तो वो नंबर वन होगा।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत का एनर्जी ड्रिंक बाज़ार तेज़ी से बढ़ रहा है और कई घरेलू व अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड आपस में कड़ी टक्कर दे रहे हैं। क्रिकेटरों का उद्यमिता की ओर यह रुझान हाल के वर्षों में एक उभरती प्रवृत्ति बन चुकी है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि एक्वॉन किस हद तक उपभोक्ताओं के बीच अपनी जगह बना पाती है।