क्या गुजरात के गौरव चेतेश्वर पुजारा की क्रिकेट यात्रा वास्तव में अद्भुत रही?

सारांश
Key Takeaways
- चेतेश्वर पुजारा ने २४ अगस्त २०२३ को संन्यास लिया।
- उन्होंने १०३ टेस्ट मैचों में ७,१९५ रन बनाए।
- राजकोट से विश्व क्रिकेट तक उनका सफर प्रेरणादायक रहा।
- पुजारा ने अपने करियर में १९ शतक और ३५ अर्धशतक लगाए।
- वह क्रिकेट से जुड़े रहेंगे, भले ही वह अब खेल नहीं रहे हैं।
नई दिल्ली, २४ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय क्रिकेटर चेतेश्वर पुजारा ने रविवार को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा की। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस महान क्रिकेटर को उज्ज्वल भविष्य और निरंतर सफलता की शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर पोस्ट में लिखा, "गुजरात के गौरव चेतेश्वर पुजारा की क्रिकेट यात्रा अद्भुत रही। खासकर भारत की ऐतिहासिक विदेशी जीतों में उनकी मौजूदगी, बेजोड़ तकनीक और अटूट धैर्य ने देश को अनगिनत यादगार पल दिए हैं।"
उन्होंने कहा, "राजकोट से लेकर विश्व मंच तक, आपने सचमुच गुजरात की क्रिकेट भावना को मूर्त रूप दिया है। आपके उज्ज्वल भविष्य और निरंतर सफलता के लिए ढेरों शुभकामनाएं।"
राजकोट में जन्मे चेतेश्वर पुजारा ने संन्यास के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उन्हें भारत की ओर से खेलने पर फख्र है। टीम के साथ उनकी कुछ ऐसी यादें हैं, जो कभी भुलाई नहीं जा सकतीं।
पुजारा ने साझा किया कि वह करीब एक हफ्ते से संन्यास के बारे में सोच रहे थे। इस पर उन्होंने अपने परिवार और दिग्गज खिलाड़ियों से भी चर्चा की थी।
इसी के साथ, पुजारा ने २०१८ और २०२१ के ऑस्ट्रेलिया दौरे को अपने करियर का यादगार टूर्नामेंट बताया और सचिन तेंदुलकर, गौतम गंभीर, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण और महेंद्र सिंह धोनी जैसे दिग्गजों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने पर खुशी जताई।
पुजारा ने स्पष्ट किया कि भले ही वह क्रिकेट नहीं खेलेंगे, लेकिन क्रिकेट से जुड़े रहेंगे। इसके साथ ही उन्होंने भारत की युवा टीम की सराहना करते हुए भविष्य में शानदार प्रदर्शन जारी रखने की उम्मीद जताई है।
चेतेश्वर पुजारा ने अक्टूबर २०१० में अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने १०३ टेस्ट मुकाबलों की १७६ पारियों में ४३.६० की औसत के साथ ७,१९५ रन बनाए। इस दौरान उनकी पारी में १९ शतक और ३५ अर्धशतक शामिल रहे। पुजारा ने भारत की ओर से पांच वनडे मैच भी खेले, जिसमें ५१ रन बनाए।