विंबलडन पहुंचीं दीप्ति शर्मा, धोनी और जोकोविच की मानसिक ताकत को बताया एक जैसी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ऑल-राउंडर दीप्ति शर्मा इन दिनों लंदन में विंबलडन 2025 का आनंद ले रही हैं। इस दौरान उन्होंने भारत के पूर्व कप्तान एमएस धोनी और 24 ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुके सर्बियाई टेनिस दिग्गज नोवाक जोकोविच की तुलना करते हुए एक अहम बयान दिया — दोनों की सबसे बड़ी खासियत है विपरीत परिस्थितियों में भी अडिग और शांत बने रहना। 3 जुलाई को जियो हॉटस्टार पर दिए एक इंटरव्यू में दीप्ति ने खुलकर अपनी पसंद और प्रेरणा के बारे में बात की।
धोनी और जोकोविच में दीप्ति को दिखी एक जैसी खूबी
दीप्ति ने जोकोविच की मानसिक दृढ़ता की तारीफ करते हुए कहा, 'जब आप जोकोविच की बात करते हैं, तो हर कोई उनकी मानसिक ताकत की बात करता है। वह ऐसे इंसान हैं जो कभी हार नहीं मानते, चाहे हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों।' उन्होंने इसी खूबी को एमएस धोनी से जोड़ते हुए कहा, 'क्रिकेट में, मुझे लगता है कि एमएस धोनी सर भी काफी हद तक ऐसे ही हैं। वह बहुत शांत रहने के लिए जाने जाते हैं। ऐसा कभी नहीं लगता कि वह किसी मुश्किल हालात में हैं।'
दीप्ति ने आगे कहा, 'जोकोविच और धोनी दोनों में यही खास बात है — जब सबसे ज्यादा जरूरत हो, तो वे शांत और मजबूत बने रहते हैं। उनसे हम शांत रहना और मुश्किल हालात से निकलना सीखते हैं।' यह तुलना खेल जगत के दो अलग-अलग विधाओं के महानायकों को एक ही धरातल पर रखती है।
जोकोविच बने दीप्ति के सबसे पसंदीदा खिलाड़ी
दीप्ति ने स्वीकार किया कि वह रोजर फेडरर और राफेल नडाल जैसे दिग्गजों के खेल को देखते हुए बड़ी हुई हैं, लेकिन अब नोवाक जोकोविच उनके सबसे पसंदीदा टेनिस खिलाड़ी बन चुके हैं। उन्होंने कहा, 'जोकोविच मेरे पसंदीदा खिलाड़ी हैं। मैं उनके खेल को बहुत करीब से फॉलो करती हूं। जिस तरह से वह कोर्ट पर लड़ते हैं, उनकी मानसिक ताकत और उनका कभी हार न मानने वाला रवैया, मैं सच में इन सबकी तारीफ करती हूं।'
दीप्ति ने कहा, 'हाल ही में जोकोविच मेरे पसंदीदा बन गए हैं। अब मैं किसी और से ज्यादा उनके मैच फॉलो करती हूं। उन्हें खेलते देखना हमेशा प्रेरणादायी होता है।' गौरतलब है कि जोकोविच 24 ग्रैंड स्लैम खिताबों के साथ पुरुष टेनिस इतिहास के सर्वाधिक खिताब विजेता हैं।
विंबलडन में पहली बार लाइव मैच देखने का अनुभव
दीप्ति ने बताया कि विंबलडन देखना उनका पुराना सपना था जो अब पूरा हुआ है। उन्होंने कहा, 'मेरा सपना था कि एक दिन मैं विंबलडन मैच देखने आऊं, और आखिरकार यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। जब आपने हमेशा किसी चीज को टीवी पर देखा हो, उसे पहली बार लाइव देखने का आनंद ही अलग है।' उन्होंने विंबलडन के माहौल, भीड़ और ऊर्जा को अनोखा बताया।
धोनी नहीं, तेंदुलकर-गावस्कर-शास्त्री के साथ देखना चाहती हैं टेनिस
जब दीप्ति से पूछा गया कि वह विंबलडन में किसके साथ एक दिन बिताना चाहेंगी, तो उनका जवाब दिलचस्प रहा। उन्होंने कहा, 'मैं अपने साथ तीन लोगों — सचिन तेंदुलकर, रवि शास्त्री और सुनील गावस्कर को ले जाना चाहूंगी।' दीप्ति का मानना है कि इन तीनों क्रिकेट दिग्गजों के साथ मैच देखते हुए उनका खेल-विश्लेषण सुनना एक अलग ही अनुभव होगा। यह बयान दर्शाता है कि दीप्ति खेल को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सीखने के नजरिए से भी देखती हैं।
दीप्ति शर्मा का यह विंबलडन दौरा और उनके विचार इस बात की झलक देते हैं कि भारतीय महिला क्रिकेटर अब वैश्विक खेल परिदृश्य से गहराई से जुड़ी हैं और अन्य खेलों से भी प्रेरणा लेती हैं।