भारत में फॉर्मूला 1 की वापसी के लिए टास्क फोर्स गठित होगी, खेल मंत्री मांडविया ने की बड़ी बैठक
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में 20 जून 2025 को नई दिल्ली में एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद यह तय किया गया कि भारत में फॉर्मूला 1 रेसिंग की वापसी और मोटरस्पोर्ट्स इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। यह टास्क फोर्स देश में मोटरस्पोर्ट्स के दीर्घकालिक विकास के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार करेगी।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
इस विस्तृत बैठक में खेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ नेशनल मोटरस्पोर्ट्स फेडरेशन के प्रतिनिधि और क्षेत्र के अन्य प्रमुख हितधारक शामिल हुए। चर्चा में भारत में मोटरस्पोर्ट्स की मौजूदा स्थिति, विकास में बाधक चुनौतियों और देश को अंतरराष्ट्रीय रेसिंग इवेंट्स के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
टास्क फोर्स की संरचना और कार्यक्षेत्र
मंत्रालय 4 से 5 सदस्यों वाली एक टास्क फोर्स गठित करेगा, जो भारत के मोटरस्पोर्ट्स परिदृश्य का व्यापक मूल्यांकन करेगी। यह पैनल मौजूदा इकोसिस्टम का अध्ययन करने के साथ-साथ उन इन्फ्रास्ट्रक्चर, परिचालन और नीतिगत मुद्दों की पड़ताल करेगा, जिन्हें खेल के टिकाऊ विकास के लिए सुलझाना जरूरी है।
टास्क फोर्स फॉर्मूला 1 सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मोटरस्पोर्ट इवेंट्स की मेजबानी से जुड़े व्यापक फायदों का भी मूल्यांकन करेगी — इनमें आर्थिक प्रभाव, पर्यटन क्षमता, अंतरराष्ट्रीय पहचान और निवेश के अवसर शामिल हैं।
मंत्री मांडविया का बयान
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा, 'फॉर्मूला 1 की वापसी के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य बुनियादी ढाँचे के विकास, एक व्यापक पॉलिसी फ्रेमवर्क और भारत में मोटरस्पोर्ट्स को मजबूत करने के लिए एक व्यवस्थित पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर होगा।' यह बयान इस बात का संकेत है कि सरकार केवल इवेंट की मेजबानी तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि एक समग्र नीतिगत ढाँचा खड़ा करना चाहती है।
राष्ट्रीय मोटरस्पोर्ट्स पॉलिसी की रूपरेखा
टास्क फोर्स की सिफारिशों के आधार पर, मंत्रालय एक व्यापक राष्ट्रीय मोटरस्पोर्ट्स पॉलिसी फ्रेमवर्क तैयार करने की योजना बना रहा है। इस फ्रेमवर्क में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास, टैलेंट डेवलपमेंट, इवेंट मेजबानी क्षमता और दीर्घकालिक गवर्नेंस तंत्र से जुड़े मुद्दों को संबोधित किए जाने की उम्मीद है। गौरतलब है कि भारत में मोटरस्पोर्ट्स के प्रति उत्साही दर्शक वर्ग की कमी नहीं है, फिर भी यह खेल अब तक एलीट प्रतिस्पर्धा तक ही सिमटा रहा है।
सरकार क्षेत्रीय और जमीनी स्तर के मोटरस्पोर्ट सेंटर्स को मजबूत करने पर भी जोर देगी, ताकि प्रतिभाओं की एक टिकाऊ पाइपलाइन बन सके और देशभर में सुविधाओं तक पहुँच बेहतर हो सके।
पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप की भूमिका
योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए मंत्रालय पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल अपनाने पर विचार कर रहा है। सरकारी एजेंसियों और निजी हितधारकों के बीच सहयोग से इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण, इवेंट प्रबंधन और निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। टास्क फोर्स की सिफारिशें बाद में खेल मंत्रालय को सौंपी जाएंगी, जिसके बाद नीतिगत निर्णयों की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।