नेशंस लीग: फ्रांस ने बेल्जियम को 4-1 से रौंदा, ग्रुप A1 में शीर्ष पर काबिज
सारांश
मुख्य बातें
यूईएफए नेशंस लीग में फ्रांस ने 6 अक्टूबर 2026 को पेरिस के स्टेड डी फ्रांस में बेल्जियम को 4-1 से करारी शिकस्त देकर ग्रुप A1 की तालिका में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। मुख्य कोच जिनेदिन जिदान की टीम एक गोल से पिछड़ने के बावजूद दूसरे हाफ में पूरी तरह बदल गई और महज 14 मिनट के अंदर चार गोल दागकर मैच को पलट दिया।
मुख्य घटनाक्रम: कैसे पलटा मैच
35वें मिनट में बेल्जियम के मिडफील्डर रोमियो लाविया ने एक सटीक थ्रू बॉल दी, जिस पर विंगर डोडी ल्यूकेबाकियो ने फ्रेंच गोलकीपर गिलौम रेस्टेस को वन-ऑन-वन में चकमा देते हुए नेट के ऊपरी दाएं कोने में गेंद डाल दी। बेल्जियम को 1-0 की बढ़त मिली और फ्रांस का डिफेंस असहाय नजर आया।
पहला हाफ खत्म होने तक फ्रांस पर दबाव था, लेकिन ब्रेक के बाद जिदान ने रणनीतिक बदलाव करते हुए अपनी बेंच का भरपूर इस्तेमाल किया और तीन सब्स्टीट्यूट खिलाड़ियों को मैदान पर उतारा, जो बाद में निर्णायक साबित हुए।
गोल-दर-गोल: चार गोल, 14 मिनट
77वें मिनट में लुकास दा कुन्हा ने सेंटर में डिजायर डू को पास दिया। पेरिस के इस खिलाड़ी ने मुड़कर अपने बाएं पैर से एक नीचा एंगल्ड शॉट लगाया और साइड नेटिंग में गेंद डाल दी — स्कोर 1-1 हो गया। इसके तुरंत बाद माइकल ओलिस ने जोकिन सेयस को पछाड़ते हुए पेनल्टी एरिया में प्रवेश किया और रेयान चेर्की के लिए लो बैक क्रॉस डाला। चेर्की ने बाएं पैर से गोल दागा और बेल्जियम के गोलकीपर के हाथ से गेंद निकलकर नेट में जा गिरी — फ्रांस 2-1 से आगे।
इसके बाद ओलिस ने 88वें मिनट और 90+1वें मिनट में डू के दो असिस्ट से एक-एक करके दो और गोल ठोक दिए। 14 मिनट के अंदर चार गोल और स्कोर 4-1 — स्टेड डी फ्रांस में दर्शक जोश में आ गए।
जिदान की रणनीति का कमाल
गौरतलब है कि यह एक लंबे अंतरराष्ट्रीय ब्रेक के बाद फ्रांस का पहला मुकाबला था। जिदान ने पहले हाफ में मितव्ययी दृष्टिकोण रखा और दूसरे हाफ में अपने स्टार बेंच का दाँव खेला, जो पूरी तरह सफल रहा। तीन सब्स्टीट्यूट खिलाड़ियों — डिजायर डू, रेयान चेर्की और माइकल ओलिस — ने मिलकर मैच की दिशा बदल दी। यह फ्रांस के ग्रुप A1 में बिना हारे रहने के रिकॉर्ड को भी जारी रखता है।
आगे क्या: नवंबर में कठिन परीक्षा
फ्रांस का अगला मुकाबला 12 नवंबर को इटली के खिलाफ होगा, जो नेशंस लीग में एक कठिन टक्कर होगी। इसके बाद टीम 15 नवंबर को तुर्किए से भिड़ेगी। ग्रुप में शीर्ष पर रहते हुए फ्रांस इन मैचों में दबाव में नहीं, बल्कि आत्मविश्वास के साथ उतरेगी।