क्या एशेज की हार के बाद इंग्लैंड की टीम 2027 में जीत पाएगी? - रिचर्ड गोल्ड
सारांश
Key Takeaways
- इंग्लैंड क्रिकेट टीम को 2025-26 में 4-1 से हार का सामना करना पड़ा।
- रिचर्ड गोल्ड ने 2027 में एशेज जीतने का लक्ष्य रखा है।
- टीम के प्रदर्शन की समीक्षा की जा रही है।
- आने वाले समय में टीम में बदलाव किए जाएंगे।
- इंग्लैंड को अपने खेलने के तरीके में सुधार की आवश्यकता है।
सिडनी, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। एशेज सीरीज 2025-26 में इंग्लैंड क्रिकेट टीम को 4-1 से हार का सामना करना पड़ा। टीम के निराशाजनक प्रदर्शन को लेकर इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने सख्त रुख अपनाया है। बोर्ड के कार्यकारी अधिकारी रिचर्ड गोल्ड ने बताया कि टीम के प्रदर्शन की समीक्षा की जा रही है।
उन्होंने कहा कि बेन स्टोक्स की कप्तानी वाली इंग्लैंड टीम इस हार की समीक्षा करेगी और 2027 में एशेज जीतने पर ध्यान केंद्रित करेगी।
गोल्ड ने कहा, "यह सीरीज काफी उम्मीद के साथ शुरू हुई थी, इसलिए यह बहुत निराशाजनक है कि हम ऑस्ट्रेलिया में एशेज जीतने का अपना सपना पूरा नहीं कर सके। सीरीज के दौरान अच्छे पल भी आए, जिसमें मेलबर्न में चौथे टेस्ट में कड़ी मेहनत से मिली जीत भी शामिल है। हम मुकाबले के सभी हालात में लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए। ऑस्ट्रेलिया एशेज बरकरार रखने का हकदार था। हम इस टूर से कई सबक लेंगे और जल्दी सुधार करने का पक्का इरादा रखते हैं।"
उन्होंने कहा, "हमारा फोकस 2027 में एशेज फिर से जीतने पर है। सीरीज में टीम के प्रदर्शन की समीक्षा की जा रही है। इसमें टूर प्लानिंग और तैयारी, व्यक्तिगत प्रदर्शन और व्यवहार, और हालात के हिसाब से सही तरीके से ढलने और प्रतिक्रिया देने की क्षमता शामिल होगी।"
रिचर्ड गोल्ड ने कहा कि आने वाले समय में टीम में जरूरी बदलाव किए जाएंगे।
टूर के दौरान ऑस्ट्रेलिया की मेहमानवाजी के लिए रिचर्ड गोल्ड ने आभार जताते हुए कहा कि हम उनके अच्छे बर्ताव और मेहमाननवाजी के लिए शुक्रगुजार हैं। हमेशा की तरह, हम उन फैंस के भी एहसानमंद हैं जिन्होंने टीम का हर अच्छे और बुरे समय में साथ दिया। उनका समर्थन देखने लायक रहा है। हम भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस सीरीज के दौरान इंग्लैंड अपने खेलने के तरीके (बैजबॉल) की वजह से आलोचना का शिकार रहा। देखना होगा आगामी टेस्ट सीरीज में इसमें बदलाव होता है या नहीं। इंग्लैंड 2015 के बाद से एशेज सीरीज नहीं जीत पाई है। आखिरी बार इंग्लैंड ने अपने घर में ही खिताब जीता था।