हार्दिक पांड्या को शिन इंजरी, ऑस्ट्रेलिया-ए वनडे सीरीज और न्यूजीलैंड T20 सीरीज पर भी संकट
सारांश
मुख्य बातें
स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या एक बार फिर चोट की चपेट में आ गए हैं और 6 अक्टूबर से शुरू होने वाली ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ वनडे सीरीज में उनकी भागीदारी लगभग असंभव हो गई है। रिपोर्टों के अनुसार, हार्दिक को शिन इंजरी (पिंडली की हड्डी में दर्द और सूजन) हुई है, जिसने उनकी वापसी की तैयारी को एक बार फिर पटरी से उतार दिया है। यह चोट ऐसे समय में आई है जब वनडे विश्व कप 2027 की तैयारियों को लेकर भारतीय टीम प्रबंधन उनकी फिटनेस पर गहरी नज़र बनाए हुए था।
नई इंजरी का विवरण
क्रिकेट रिपोर्टों के अनुसार, हार्दिक को इस बार शिन में तकलीफ हुई है — यानी पैर के निचले हिस्से की हड्डी में दर्द और सूजन। रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया के दौरान बार-बार अलग-अलग हिस्सों में चोट लगना उनके करियर की सबसे बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ सीरीज के लिए उनका चयन फिटनेस क्लीयरेंस के अधीन था, लेकिन पहले मैच से दो सप्ताह से भी कम समय पहले यह नई इंजरी सामने आई है।
न्यूजीलैंड T20 सीरीज पर भी साया
रिपोर्टों के अनुसार, हार्दिक का न्यूजीलैंड में होने वाली पाँच मैचों की T20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में भी खेल पाना संदिग्ध बना हुआ है। लगातार चोटों के कारण उनकी उपलब्धता को लेकर अनिश्चितता का यह दौर भारतीय टीम चयनकर्ताओं की परेशानी और बढ़ा रहा है।
चोटों का लंबा सिलसिला
हार्दिक की अंतिम T20 अंतरराष्ट्रीय पारी उन्होंने मार्च में अहमदाबाद में वर्ल्ड कप फाइनल में खेली थी, जबकि आखिरी वनडे मैच मार्च 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में था। इस साल इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 14 में से 10 मैचों में भाग लेने के बाद से उन्होंने कोई प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेला है। इससे पहले जून में बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में रिहैबिलिटेशन के दौरान क्वाड्रिसेप्स में खिंचाव के कारण वह अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज से बाहर हो गए थे।
विश्व कप 2027 पर पड़ेगा असर?
वनडे विश्व कप 2027 के लिए हार्दिक को भारतीय टीम का अहम स्तंभ माना जा रहा है। T20 विश्व कप 2026 में उन्होंने 9 मुकाबलों में 160 के स्ट्राइक रेट से 217 रन बनाए थे और महत्वपूर्ण विकेट भी चटकाए थे — यह प्रदर्शन ICC टूर्नामेंट में उनकी क्षमता का प्रमाण है। लेकिन मैदान से बाहर बिताए गए महीनों की श्रृंखला अगर जारी रही, तो उनकी विश्व कप टीम में जगह को लेकर सवाल उठने स्वाभाविक हैं। चयनकर्ताओं के सामने अब यह भी तय करना होगा कि दीर्घकालिक योजना में हार्दिक की भूमिका और बैकअप विकल्पों को किस तरह संतुलित किया जाए।