हरमनप्रीत कौर की सबसे बड़ी विरासत वनडे विश्व कप 2025 की जीत: अंजुम चोपड़ा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा ने कहा है कि हाल ही में कप्तानी छोड़ने वाली हरमनप्रीत कौर की सबसे बड़ी विरासत घरेलू धरती पर वनडे विश्व कप 2025 का खिताब जीतना है। चोपड़ा के अनुसार, कौर ने टीम को जब जिस स्थिति में पाया था, उससे कहीं अधिक मजबूत, ऊर्जावान और अनुभवी बनाकर छोड़ा है।
विरासत का मूल्यांकन
अंजुम चोपड़ा ने कहा, 'एक लीडर के तौर पर हरमनप्रीत की सबसे बड़ी पहचान हमेशा 2025 में वनडे वर्ल्ड कप जीतना रहेगी। उस टूर्नामेंट में उनकी बैटिंग, लीग मैच, सेमीफाइनल और फाइनल में, और कैसे टीम सभी के योगदान से वहां तक पहुंची — यह सिर्फ हरमन की वजह से नहीं था। हर खिलाड़ी के योगदान से हरमन वह ताज उठा पाईं और भारत जीत सका।' उन्होंने जोड़ा कि कौर का कद इस टीम के साथ विशेष रूप से पिछले साढ़े तीन सालों में बढ़ा है, जब से उन्होंने वनडे की कप्तानी संभाली।
कप्तान के रूप में हरमनप्रीत का व्यक्तित्व
चोपड़ा ने हरमनप्रीत के मैदानी नेतृत्व शैली की सराहना करते हुए कहा, 'मैंने हरमनप्रीत कौर में हमेशा एक शांत स्वभाव देखा है। एक कप्तान के तौर पर, अगर कोई मामूली कोशिश करता है, तो वह उस व्यक्ति को मैदान पर ही मौका देती हैं, चाहे कैमरे उन्हें पकड़ें या नहीं। लेकिन जिस पल वही व्यक्ति अच्छा स्टॉप करता है, विकेट लेता है या कैच लेता है, वह सबसे पहले दौड़कर उसकी तारीफ करती हैं।' अंजुम ने यह भी रेखांकित किया कि एक इंसान के तौर पर हरमनप्रीत नहीं बदली हैं, और यही उनकी सबसे बड़ी खूबी है।
टी20 विश्व कप में विफलता की जिम्मेदारी
चोपड़ा ने 2024 और 2026 के टी20 विश्व कप में भारत के जल्दी बाहर होने के लिए हरमनप्रीत की कप्तानी को जिम्मेदार ठहराने की सोच को खारिज किया। उन्होंने कहा, 'टेम्पलेट प्लेयर्स को सेट करना होता है, कैप्टन को नहीं। पिछले दो-ढाई साल से महिला क्रिकेट में भी 200 रन एक स्टैंडर्ड पार स्कोर बन गया है। अगर यही भारतीय खिलाड़ी फ्रेंचाइजी क्रिकेट में 200 रन बना रहे हैं, तो टी20 वर्ल्ड कप में वह टेम्पलेट क्यों नहीं दोहराया जाता? इसे दोहराया जाना चाहिए।' उनके अनुसार, यदि ऐसा नहीं होता, तो इसका अर्थ है कि या तो तैयारी अधूरी है, कॉन्फिडेंस की कमी है, या खिलाड़ी किसी कारण से अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं दे पा रहे।
बॉलिंग डेप्थ की चुनौती
अंजुम ने स्वीकार किया कि 2025 वनडे विश्व कप जीतने के बावजूद भारतीय महिला टीम में गेंदबाजी की गहराई की कमी रही। उन्होंने कहा, 'जीत पक्की करने के लिए उन्हें दो विकेट लेने के लिए शेफाली को लाना पड़ा। आज भी हम क्रांति गौड़ जैसे एक फास्ट बॉलर के साथ खेलते हैं और नंदिनी शर्मा अभी-अभी आई हैं।' गौरतलब है कि इस कमजोरी के बावजूद टीम ने विश्व खिताब जीता, जो दल के सामूहिक प्रयास को दर्शाता है।
हरमनप्रीत का रिकॉर्ड और योगदान
हरमनप्रीत कौर ने 5 टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 मैचों में भारत की कप्तानी की। उनकी अगुवाई में भारत ने वनडे विश्व कप, एशिया कप और एशियन गेम्स में लगातार 2 स्वर्ण पदक जीते। 2022 में मिताली राज के संन्यास के बाद उन्होंने सभी फॉर्मेट में कप्तानी संभाली थी। उनकी कप्तानी में स्मृति मंधाना, दीप्ति शर्मा और जेमिमा रोड्रिग्स जैसी खिलाड़ियों ने निरंतर प्रदर्शन किया। भारतीय महिला क्रिकेट के भविष्य की नींव अब उस विरासत पर टिकी है जो कौर छोड़कर गई हैं।