हरमनप्रीत की कप्तानी पर हेमलता काला: '211 मैचों में 126 जीत, खिलाड़ियों से बेस्ट निकलवाना उनकी खासियत थी'
सारांश
मुख्य बातें
हरमनप्रीत कौर ने 7 अक्टूबर 2026 को भारतीय महिला क्रिकेट टीम के सभी फॉर्मेट की कप्तानी से विदाई ली। महिला टीम की पूर्व मुख्य चयनकर्ता हेमलता काला ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हरमनप्रीत की कप्तानी का सबसे बड़ा गुण यह था कि वे खिलाड़ियों से उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकलवाना जानती थीं। 211 मैचों में 126 जीत और 59.7 प्रतिशत जीत दर के साथ हरमनप्रीत भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास की सर्वाधिक सफल कप्तान के रूप में विदा हुईं।
हेमलता काला की नज़र में हरमनप्रीत की कप्तानी
हेमलता काला को 2015 में चयनकर्ता और 2016 में मुख्य चयनकर्ता नियुक्त किया गया था। उनके ही कार्यकाल में 2016 में हरमनप्रीत को भारतीय महिला टी20 टीम की कप्तानी सौंपी गई थी। हेमलता ने कहा, 'मैं हरमन को एक ऐसी भारतीय कप्तान के तौर पर याद रखूंगी, जिन्हें पता था कि खिलाड़ियों से बेस्ट कैसे निकलवाना है। यह वैसा ही है जैसा विराट कोहली ने भारत के कप्तान के तौर पर अपने समय में किया था। भारतीय कप्तान के तौर पर उनमें हमेशा आक्रामक सोच रही और वह जानती थीं कि खिलाड़ियों से ज्यादा से ज्यादा और बेस्ट कोशिश कैसे करवानी है।'
हेमलता के अनुसार, हरमनप्रीत की नेतृत्व क्षमता तब से ही स्पष्ट थी जब वे एक युवा हार्ड-हिटर के रूप में टीम में आई थीं। बॉलिंग में बदलाव करने और टीम में एकजुटता लाने के मामले में उन्होंने लगातार सुधार किया।
कप्तानी बदलाव की पृष्ठभूमि
यह बदलाव अचानक नहीं आया। जानकारों के अनुसार, गुवाहाटी में हुई एक समीक्षा बैठक में इसे अंतिम रूप देने से पहले कई महीनों तक अनौपचारिक चर्चाएं चलती रही थीं। खासतौर पर महिला टी20 विश्व कप में भारत के लगातार दूसरी बार जल्दी बाहर होने के बाद इन चर्चाओं ने गति पकड़ी, हालांकि हेड कोच अमोल मजूमदार ने सार्वजनिक रूप से हरमनप्रीत का समर्थन किया था।
हेमलता ने कहा, 'इंग्लैंड दौरे के खत्म होते ही लीडरशिप में बदलाव की चर्चा जोर-शोर से शुरू हो गई। आम राय यह बन रही थी कि मौजूदा लीडरशिप स्ट्रक्चर के तहत टी20 सेटअप में ठहराव आ गया है और एक नए नज़रिए की ज़रूरत है।' उन्होंने यह भी बताया कि 2027 चैंपियंस ट्रॉफी, लॉस एंजिल्स ओलंपिक, 2028 टी20 विश्व कप और 2029 वनडे विश्व कप — जिसमें भारत डिफेंडिंग चैंपियन होगा — जैसे बड़े आयोजनों के मद्देनज़र नेतृत्व परिवर्तन को अपरिहार्य माना गया।
कप्तानी का शानदार सफर: शुरुआत से अंत तक
हरमनप्रीत की कप्तानी की शुरुआत 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ टी20 एशिया कप फाइनल से हुई थी, जब मिताली राज और झूलन गोस्वामी अनुपलब्ध थीं। बतौर कप्तान उनका अंतिम मैच एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक मुकाबला था, जिसमें भारत ने जापान के निशिन में श्रीलंका को 147 रनों से हराया।
उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि रही 2025 महिला वनडे विश्व कप — घरेलू मैदान पर जीता गया यह पहला वरिष्ठ महिला विश्व कप खिताब था। इसके साथ ही उन्होंने 2020 टी20 विश्व कप फाइनल, एशिया कप, दो एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक, कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक और लॉर्ड्स में महिलाओं की पहली टेस्ट जीत भी दर्ज की।
हेमलता ने इसे रेखांकित किया: '2018 में वह टीम को सेमीफाइनल तक ले गईं, 2020 में फाइनल तक और अंततः हमने घरेलू मैदान पर वर्ल्ड कप जीता। कप्तान के तौर पर उनका सफर बहुत अच्छा रहा।'
खिलाड़ी के रूप में भविष्य
हेमलता ने स्पष्ट किया कि हरमनप्रीत को टीम में बनाए रखना चाहिए। उनके शब्दों में, 'अभी क्रिकेट की दुनिया में उनके जैसी कोई मिडिल-ऑर्डर बल्लेबाज नहीं है, जो स्पिनरों का बेहद अच्छी तरह सामना कर सके और उनकी लेंथ को बेरहमी से ध्वस्त कर सके।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि हरमनप्रीत को कप्तानी की ज़्यादा परवाह नहीं है — 2017 में उप-कप्तान रहते हुए भी उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 171 रन बनाए थे।
स्मृति मंधाना: नई कप्तान की क्षमता
नई कप्तान स्मृति मंधाना पर हेमलता ने कहा कि वे उप-कप्तान रह चुकी हैं और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ दो बार महिला प्रीमियर लीग (WPL) जीत चुकी हैं। हेमलता ने कहा, 'एक लीडर के तौर पर उनमें कई अच्छे गुण हैं। हरमन एक आक्रामक कप्तान रही हैं, जबकि स्मृति शांत रहकर खेल को संभालती हैं — ठीक वैसे जैसे रोहित शर्मा कप्तान के तौर पर थे।' उनके मुताबिक, 2019 में गुवाहाटी में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में मंधाना ने पहले भी कप्तानी का अनुभव लिया था।
हरमनप्रीत का यह युग भारतीय महिला क्रिकेट के लिए परिवर्तनकारी रहा — जिस दौर में शेफाली वर्मा, क्रांति गौड़ और एन श्री चरानी जैसी खिलाड़ियाँ मैच-विनर के रूप में उभरीं। अब स्मृति के नेतृत्व में यह विरासत आगे बढ़ेगी।