हरमनप्रीत कौर का भरोसा: 'स्मृति मंधाना टीम इंडिया को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 7 अक्टूबर 2026 को कहा कि नई कप्तान स्मृति मंधाना के नेतृत्व में टीम पूरी तरह सुरक्षित हाथों में है और वे भारतीय महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सक्षम हैं। हरमनप्रीत ने मंगलवार को सभी फॉर्मेट में कप्तानी से इस्तीफा दिया, जिससे 2012 से चले आ रहे उनके नेतृत्व का एक ऐतिहासिक अध्याय समाप्त हो गया।
कप्तानी छोड़ने का फैसला: वजह और पृष्ठभूमि
37 वर्षीय हरमनप्रीत ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय किसी एक टूर्नामेंट या नतीजे से प्रेरित नहीं था। उन्होंने कहा, 'यह फैसला पूरी तरह से इस बात पर आधारित है कि मैं उस खेल में अपनी तरक्की को कैसे देखती हूं, जिसे मैं बहुत पसंद करती हूं।' उनका यह कदम एशियन गेम्स में भारत के स्वर्ण पदक जीतने के तुरंत बाद आया, हालांकि उन्होंने इस संयोग को फैसले की वजह नहीं माना।
हरमनप्रीत के अनुसार, कप्तानी की जिम्मेदारी से मुक्त होकर वे अपने खेल का ज्यादा आनंद उठाना चाहती हैं, अपनी बल्लेबाजी पर नए सिरे से ध्यान देना चाहती हैं और परिवार व दोस्तों के लिए भी समय निकालना चाहती हैं। गौरतलब है कि उन्होंने वनडे विश्व कप जीतने वाली पहली भारतीय महिला कप्तान के रूप में अपना कार्यकाल समाप्त किया।
स्मृति मंधाना पर भरोसे का इज़हार
हरमनप्रीत और स्मृति मंधाना ने एक दशक से भी अधिक समय तक एक साथ भारतीय ड्रेसिंग रूम साझा किया है। हरमनप्रीत ने कहा, 'हमने साथ ट्रेनिंग की, साथ खाना खाया, वीडियो गेम खेले और मिलकर फैसले लिए हैं — इसलिए मुझे पता है कि वह समझ आगे भी काम आएगी।' उनका मानना है कि इस दीर्घकालिक आपसी समझ से मंधाना को नई भूमिका में अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
हरमनप्रीत ने यह भी जोड़ा कि जब मंधाना कप्तान के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगी, तो वे उनका पूरा साथ देने के लिए सदैव तत्पर रहेंगी — चाहे वह मैदान पर हो या ड्रेसिंग रूम में।
बल्लेबाज और ऑलराउंडर के रूप में नई पारी
कप्तानी की जिम्मेदारी के बिना हरमनप्रीत अब अपनी बल्लेबाजी को और अधिक स्पष्टता के साथ खेलना चाहती हैं। उन्होंने कहा, 'अपनी भूमिका को समझना, उसे अच्छी तरह से निभाना और सबसे जरूरी बात, क्रिकेट के हर पल का आनंद लेना।' साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि जब भी टीम को गेंदबाजी में उनकी जरूरत होगी, वे ऑलराउंडर की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय महिला क्रिकेट वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मज़बूत कर रहा है और युवा प्रतिभाओं की नई पीढ़ी सामने आ रही है। हरमनप्रीत का सीनियर खिलाड़ी और मेंटर के रूप में बने रहना टीम के लिए निश्चित रूप से मूल्यवान होगा।
कप्तानी से मिली सीख
हरमनप्रीत ने कहा कि आलोचनाएं तब होती हैं जब लोगों को उम्मीदें होती हैं, और कप्तानी ने उन्हें 'सबसे आगे खड़े होकर जिम्मेदारी लेना' सिखाया — न सिर्फ जीत के लिए, बल्कि मुश्किल दौर में भी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि लीडरशिप का बीज हर उस खिलाड़ी में बोना चाहिए जो देश का प्रतिनिधित्व करे, क्योंकि यह खिलाड़ियों को जिम्मेदार, जवाबदेह और बेहतर इंसान बनाता है।
आगे का सफर: ट्रॉफियां अभी बाकी हैं
हरमनप्रीत ने अपने संदेश के अंत में स्पष्ट किया कि उनका सपना अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, 'ट्रॉफियां भी खत्म नहीं हुई हैं। मैं अभी भी अपने देश और उन सभी प्रशंसकों के लिए योगदान देने, परफॉर्म करने और और ट्रॉफियां जीतने के लिए प्रेरित हूं, जिन्होंने इतने वर्षों से मुझे अपना प्यार और समर्थन दिया है।' भारतीय महिला क्रिकेट का एक नया अध्याय शुरू हो रहा है — मंधाना के नेतृत्व में और हरमनप्रीत के अनुभव के सहारे।