क्या आयुष बडोनी को ऑलराउंडर बनने का फायदा मिला?
Key Takeaways
- आयुष बडोनी ने गेंदबाजी में विशेष मेहनत की।
- उन्हें हरफनमौला खिलाड़ी बनने का फायदा मिला।
- टीम में संपर्क और समर्पण की आवश्यकता है।
नई दिल्ली, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के क्रिकेटर आयुष बडोनी का मानना है कि लगभग दो साल पहले गेंदबाजी शुरू करने का उनका निर्णय उनकी ज़िंदगी में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। इसी निर्णय ने उन्हें एक बल्लेबाज से हरफनमौला खिलाड़ी बना दिया और इसी कारण उन्हें पहली बार भारत की टीम में स्थान मिला।
आयुष बडोनी को भारत की एकदिवसीय टीम में शामिल किया गया है, जो इस समय न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की श्रृंखला खेल रही है। पहले मुकाबले के बाद वॉशिंगटन सुंदर चोटिल हो गए थे, जिसके चलते बडोनी को टीम में मौका मिला।
वर्तमान में यह श्रृंखला 1-1 की बराबरी पर है। अब दोनों टीमों के बीच निर्णायक मैच रविवार को इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेला जाएगा। दूसरे एकदिवसीय मैच में बडोनी को अंतिम ग्यारह में स्थान नहीं मिला था, लेकिन हाल के अच्छे प्रदर्शन के मद्देनजर उन्हें उम्मीद है कि अगले मैच में खेलने का मौका मिल सकता है।
बीसीसीआई टीवी द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में बडोनी ने अपने चयन के बारे में कहा, “मैं दिल्ली टीम के साथ था, मैं वहां कप्तान था और अगले दिन हमारा मैच विदर्भ के खिलाफ क्वार्टर फाइनल था। तभी मुझे चयन के बारे में पता चला। प्रियांश मेरा रूममेट था, इसलिए मैंने उसे बताया कि ऐसा हो सकता है और मैं जा रहा हूं, तो शायद तुम कप्तान बनोगे। यह बहुत अच्छा एहसास था और मैं बहुत आभारी और खुश हूं कि मुझे यह मौका मिला।”
परिवार को इस खबर के बारे में वे रात में नहीं बता पाए, क्योंकि उन्हें देर रात फोन आया था। उन्होंने कहा, “मुझे देर रात फोन आया, इसलिए मैं उन्हें बता नहीं पाया। उन्होंने कहा, "सुबह इसकी घोषणा हुई, तभी परिवार को पता चला और वे भी बहुत खुश और गर्व महसूस कर रहे थे। सभी कोच और खिलाड़ियों ने मेरा बहुत अच्छे से स्वागत किया और मुझे यह बहुत अच्छा लगा। मैं इनमें से ज्यादातर के साथ और उनके खिलाफ खेल चुका हूं, इसलिए सबसे दोबारा मिलकर अच्छा लगा।”
आयुष बडोनी ने यह भी बताया कि पहले वे केवल बल्लेबाजी पर ध्यान देते थे, लेकिन पिछले दो साल से उन्होंने गेंदबाजी पर विशेष मेहनत की। उनका कहना है कि उन्हें हमेशा भरोसा रहा है कि वे गेंदबाजी से भी टीम के लिए योगदान दे सकते हैं।
उन्होंने कहा, " पहले मैं बल्लेबाजी करता था, लेकिन पिछले दो सालों से, मैं अपनी बॉलिंग पर बहुत ध्यान दे रहा हूं। मुझे हमेशा लगता है कि मैं विकेट ले सकता हूं और अपनी बॉलिंग से टीम में योगदान दे सकता हूं। इसलिए मुझे ऑलराउंडर होने का फायदा मिला। मैंने दिल्ली के लिए बहुत बॉलिंग की है, विकेट लिए हैं। इसका फायदा मिला है।”
वरिष्ठ खिलाड़ियों के साथ समय बिताने के बारे में बडोनी ने कहा कि घरेलू क्रिकेट और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में वे पहले ही कई सीनियर खिलाड़ियों के साथ खेल चुके हैं या उनके खिलाफ खेल चुके हैं। वे हमेशा उनसे कुछ न कुछ सीखने की कोशिश करते हैं, चाहे बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी।
बडोनी ने बताया कि टीम के कई सीनियर खिलाड़ी उनके लिए प्रेरणा हैं। उनके साथ रहकर खेल को समझने और बेहतर करने में मदद मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि टीम के कुछ खिलाड़ियों के साथ उनका अच्छा तालमेल है और सभी के साथ समय बिताना उन्हें बहुत अच्छा लगता है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि इससे मेरा गेम बेहतर होता है और मैं जितना हो सके सीखने की कोशिश करता हूं। बहुत से खिलाड़ी हैं जिनके साथ मैं मज़े करता हूं और अच्छा समय बिताता हूं। मैं हर्षित को जानता हूं क्योंकि वह दिल्ली के लिए खेलते हैं। मुझे अर्शदीप और श्रेयस के साथ भी बहुत मज़ा आता है। उनके साथ रहना बहुत मजेदार होता है।”