क्या पाकिस्तान को आईसीसी के फैसले से निराशा हुई है?

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क्या पाकिस्तान को आईसीसी के फैसले से निराशा हुई है?

सारांश

पाकिस्तान क्रिकेट की दुनिया में एक नई हलचल, बांग्लादेश की टी20 वर्ल्ड कप के मैचों को भारत से हटाकर श्रीलंका में कराने की मांग को आईसीसी ने ठुकरा दिया। जानिए पाकिस्तान के खिलाड़ी और अधिकारी इस फैसले पर क्या सोचते हैं।

Key Takeaways

  • पाकिस्तान का बांग्लादेश का समर्थन
  • आईसीसी का निर्णय निराशाजनक
  • टूर्नामेंट से हटने का कोई विचार नहीं
  • पाकिस्तान की सुरक्षा स्थिति मजबूत
  • पूर्व खिलाड़ियों की प्रतिक्रियाएँ

मुंबई, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के हालिया निर्णय से पाकिस्तान में निराशा का माहौल है, जिसमें बांग्लादेश के आगामी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप के मुकाबले भारत में ही आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान इस मामले में बांग्लादेश का समर्थन कर रहा है, लेकिन टूर्नामेंट से हटने का विचार नहीं किया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने टी20 वर्ल्ड कप मैचों को भारत से हटाकर श्रीलंका में कराने की अनुरोध की थी, जिसे आईसीसी ने ठुकरा दिया। इस फैसले के बाद पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटरों और अन्य क्रिकेट विशेषज्ञों ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है।

टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के सूत्रों ने कहा, "पाकिस्तान ने सिद्धांत के आधार पर बांग्लादेश का समर्थन किया है, क्योंकि भारत के दबाव में पाकिस्तान के मैच दुबई में कराए गए थे, लेकिन जब बांग्लादेश ने वही मांग की, तो उसे स्वीकार नहीं किया गया, यह निराशाजनक है।"

सूत्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान इस मुद्दे पर विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहा है, लेकिन टूर्नामेंट से हटना उनके लिए कभी भी एक विकल्प नहीं रहा है।

सूत्रों ने बताया, "पाकिस्तान के अधिकारी मानते हैं कि उनके पास इस इवेंट का बहिष्कार करने का कोई ठोस कारण नहीं है, क्योंकि वे पहले ही एक न्यूट्रल वेन्यू पर खेल रहे हैं, जहां उन्हें किसी तरह की सुरक्षा चिंता नहीं है।"

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर कभी भी टूर्नामेंट से हटने की धमकी नहीं दी। सोशल मीडिया पर चल रही अधिकांश खबरें अफवाहों पर आधारित थीं।

इस बीच, पाकिस्तान के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज कामरान अकमल ने भी इस निर्णय पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आईसीसी का यह निर्णय अपेक्षित था।

अकमल ने टेलीकॉम एशिया से कहा, "आईसीसी के अधिकांश फैसले भारत के पक्ष में होते हैं। सदस्य देशों के साथ बराबरी का व्यवहार होना चाहिए।"

उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत की इच्छा को मान लिया गया, क्योंकि वह आईसीसी के लिए बड़ा राजस्व उत्पन्न करता है। अकमल के अनुसार, 2023 एशिया कप को भी हाइब्रिड मॉडल पर आयोजित कराने में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण रही थी।

हालांकि, अकमल ने यह भी माना कि इस मामले में आईसीसी का निर्णय कठिन था। शेड्यूल पहले ही तय हो चुका था और इसे बदलना आसान नहीं था।

पुरुष टी20 वर्ल्ड कप का आयोजन भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेज़बानी में 7 फरवरी से 8 मार्च तक किया जाएगा।

Point of View

यह स्पष्ट है कि पाकिस्तान को आईसीसी के निर्णय से निराशा हुई है। हालांकि, यह समझना भी आवश्यक है कि टूर्नामेंट में भागीदारी के लिए उनके पास ठोस कारण हैं और उन्हें वर्तमान परिस्थितियों में बने रहना होगा।
NationPress
22/01/2026

Frequently Asked Questions

पाकिस्तान ने बांग्लादेश के समर्थन में क्या कहा?
पाकिस्तान ने सिद्धांत के आधार पर बांग्लादेश का समर्थन किया है, लेकिन टूर्नामेंट से हटने का कोई विचार नहीं है।
आईसीसी ने बांग्लादेश की मांग को क्यों खारिज किया?
आईसीसी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बांग्लादेश की मांग को ठुकरा दिया।
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