हॉकी इंडिया का बड़ा फैसला: पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 में फ्री एंट्री, 27 अक्टूबर से जालंधर-मोहाली में मैच
सारांश
मुख्य बातें
हॉकी इंडिया ने 20 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब 2026 के सभी मैचों में दर्शकों के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। 27 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच जालंधर और मोहाली में खेले जाने वाले इस टूर्नामेंट में एशिया की शीर्ष हॉकी टीमें आमने-सामने होंगी। यह निर्णय पंजाब में हॉकी की जड़ों को और मज़बूत करने तथा स्टेडियमों को दर्शकों से भरने की कोशिश का हिस्सा है।
टूर्नामेंट का कार्यक्रम और स्थल
कुल 20 मैच दो ऐतिहासिक स्टेडियमों में आयोजित होंगे — जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक सभी लीग मुकाबले खेले जाएंगे। इसके बाद 4 और 5 नवंबर को मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में सेमीफाइनल और मेडल मैच होंगे। दोनों स्टेडियम भारतीय हॉकी के महान खिलाड़ियों के नाम पर हैं, जो इस आयोजन को और भी विशेष बनाता है।
फ्री पास कैसे मिलेगा
दर्शक 'टिकटजेनी' वेबसाइट अथवा उसके मोबाइल ऐप पर जाकर निःशुल्क प्रवेश पास के लिए पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण के बाद फैंस अपनी पसंद के मैच चुन सकते हैं और उन्हें एक डिजिटल पास जारी होगा जिसमें क्यूआर कोड होगा। स्टेडियम गेट पर इसी क्यूआर कोड को स्कैन करने के बाद प्रवेश मिलेगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है और परिवारों, युवा खिलाड़ियों व हॉकी प्रेमियों सभी के लिए सुलभ है।
हॉकी इंडिया के अधिकारियों की प्रतिक्रिया
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा, 'हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब 2026 में एंट्री फ्री करके हम उम्मीद करते हैं कि स्टेडियम में ज़्यादा दर्शक आएंगे और उन्हें टॉप-लेवल की अंतरराष्ट्रीय हॉकी के रोमांच का अनुभव करने का मौका मिलेगा।' महासचिव भोला नाथ सिंह ने भी उम्मीद जताई कि दोनों स्टेडियमों में भारी संख्या में दर्शक पहुंचेंगे। उन्होंने कहा, 'पंजाब में हॉकी का हमेशा से एक खास स्थान रहा है, और हम चाहते हैं कि प्रशंसक भी इस खेल उत्सव का हिस्सा बनें।'
भारतीय टीम का कार्यक्रम
भारत अपने अभियान की शुरुआत 27 अक्टूबर को बांग्लादेश के खिलाफ करेगा। इसके बाद क्रमशः 29 अक्टूबर को चीन, 30 अक्टूबर को जापान, 1 नवंबर को मलेशिया और 2 नवंबर को दक्षिण कोरिया से भिड़ंत होगी। लीग चरण के इन पाँच मुकाबलों में भारतीय टीम का प्रदर्शन सेमीफाइनल में जगह पक्की करने के लिहाज़ से निर्णायक होगा।
पंजाब में हॉकी की विरासत और आगे की राह
पंजाब भारतीय हॉकी का पारंपरिक गढ़ रहा है — ध्यानचंद से लेकर बलबीर सिंह सीनियर तक, यहाँ की ज़मीन ने देश को कई ओलंपिक चैंपियन दिए हैं। हॉकी इंडिया का यह कदम न केवल मौजूदा प्रशंसकों को जोड़ता है, बल्कि नई पीढ़ी को सीधे अंतरराष्ट्रीय हॉकी से परिचित कराने का अवसर भी देता है। यह आयोजन पंजाब सरकार और हॉकी इंडिया के संयुक्त प्रयास का हिस्सा है, और आगे चलकर राज्य में हॉकी के बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने की व्यापक रणनीति का संकेत देता है।