एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब में: जालंधर-मोहाली करेंगे मेजबानी, ₹25 करोड़ से स्टेडियम अपग्रेड
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब को पहली बार एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी मिली है — लीग मैच 27 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक जालंधर में खेले जाएंगे, जबकि 4 और 5 नवंबर को मोहाली में सेमीफाइनल, तीसरे स्थान का मुकाबला और फाइनल आयोजित होगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के नेता और मोहाली के मेयर सरबजीत सिंह ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह राज्य के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है।
टूर्नामेंट का पूरा कार्यक्रम
इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में एशिया की छह प्रमुख टीमें — भारत, बांग्लादेश, जापान, चीन, मलेशिया और दक्षिण कोरिया — हिस्सा ले रही हैं। सभी लीग मैच जालंधर के मैदान पर खेले जाएंगे, जबकि नॉकआउट चरण के लिए मोहाली को चुना गया है। आयोजकों के अनुसार पूरे टूर्नामेंट में दर्शकों के लिए प्रवेश निःशुल्क रहेगा।
स्टेडियमों पर ₹25 करोड़ का निवेश
राज्य सरकार ने खेल स्टेडियमों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए लगभग ₹25 करोड़ आवंटित किए हैं। इसमें से ₹16 करोड़ जालंधर के स्टेडियमों के नवीनीकरण और अपग्रेडेशन पर व्यय हो रहे हैं, जबकि मोहाली की खेल सुविधाओं के लिए ₹8.90 करोड़ निर्धारित किए गए हैं। मेयर सरबजीत सिंह ने कहा कि यह निवेश पंजाब के खेल बुनियादी ढाँचे को दीर्घकालिक मज़बूती देगा।
मुख्यमंत्री मान की 'खेल क्रांति' पहल
मेयर ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के व्यक्तिगत प्रयासों को इस टूर्नामेंट को पंजाब लाने का श्रेय दिया। उन्होंने बताया कि मान सरकार की 'खेल क्रांति' पहल के तहत राज्य के लगभग 40,000 खिलाड़ियों को अब तक कुल ₹135 करोड़ के नकद पुरस्कार दिए जा चुके हैं। साथ ही, अकेले मोहाली में ही 32 नए स्टेडियम निर्माणाधीन हैं, जो उभरते खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण अवसर उपलब्ध कराएंगे।
युवाओं और समाज से अपील
सरबजीत सिंह ने पंजाब के निवासियों से बड़ी संख्या में मैच देखने और टीमों का उत्साहवर्धन करने का आग्रह किया। उन्होंने अभिभावकों से भी कहा कि वे अपने बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। उनके अनुसार, एक मज़बूत खेल संस्कृति का निर्माण सरकार और समाज — दोनों की साझी जिम्मेदारी है।
आगे क्या
इस टूर्नामेंट से अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर पंजाब की साख और मज़बूत होने की उम्मीद है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को निखारने की दिशा में लगातार निवेश बढ़ा रही है। यदि आयोजन सफल रहा, तो पंजाब भविष्य में इससे भी बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की दावेदारी कर सकता है।