एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी 2026: पंजाब पहली बार करेगा मेजबानी, CM भगवंत मान ने की तैयारियों की समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब पहली बार मेंस एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी 2026 की मेजबानी करने जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गुरुवार, 21 मई 2026 को हॉकी फेडरेशन ऑफ इंडिया के अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा बैठक की। यह आयोजन लगभग दो दशकों के बाद पंजाब की धरती पर किसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की वापसी का प्रतीक है।
टूर्नामेंट का विवरण
एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी 2026 का आयोजन अक्टूबर-नवंबर 2026 के बीच मोहाली और जालंधर में किया जाएगा, जिसमें 6 एशियाई टीमें हिस्सा लेंगी। इस टूर्नामेंट का मकसद राज्य में अंतरराष्ट्रीय हॉकी को नई ऊर्जा देना और खेल बुनियादी ढाँचे को आधुनिक स्वरूप प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "आज इंडियन हॉकी फेडरेशन के अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक हुई, जिसमें पंजाब में होने वाली 'एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी' की तैयारियों की समीक्षा की गई।"
उन्होंने आगे कहा, "पंजाब हमेशा से ही हॉकी की नर्सरी रहा है। हमारी धरती पर ऐसे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी से हमारे युवाओं को खेलों से जुड़ने की और भी अधिक प्रेरणा मिलेगी। इस वैश्विक आयोजन के लिए भव्य इंतजाम, सुरक्षा और खिलाड़ियों को हरसंभव सुविधा देने के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।"
खेल बजट में ऐतिहासिक वृद्धि
पंजाब सरकार ने 2026-27 के बजट में खेलों के लिए ₹1,791 करोड़ आवंटित किए हैं — जो पिछले ₹350 करोड़ के बजट की तुलना में पाँच गुना से अधिक की बढ़ोतरी है। यह राज्य के खेल इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आवंटन बताया जा रहा है।
इसके अलावा, राज्य में कोचों की संख्या 500 से बढ़ाकर 2,458 कर दी गई है और 48 महान खिलाड़ियों को कोच के रूप में नियुक्त किया गया है। यह कदम जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को तराशने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आम जनता और युवाओं पर असर
पंजाब को ऐतिहासिक रूप से भारतीय हॉकी का गढ़ माना जाता है — देश को अनेक ओलंपिक पदक दिलाने वाले खिलाड़ी इसी धरती से आए हैं। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार युवाओं को नशे से दूर रखने और खेलों की ओर प्रेरित करने के लिए व्यापक अभियान चला रही है। अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी से स्थानीय खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा के करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
आगे की राह
टूर्नामेंट की तैयारियाँ अब अंतिम चरण में प्रवेश करेंगी। मोहाली और जालंधर के स्टेडियमों के उन्नयन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पंजाब सरकार का लक्ष्य है कि यह आयोजन न केवल एक सफल खेल आयोजन बने, बल्कि 'वाइब्रेंट पंजाब' की छवि को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर भी साबित हो।