ICC ने पॉवेल और रदरफोर्ड को फटकारा, रांची टी20 में आचार संहिता उल्लंघन पर डिमेरिट अंक
सारांश
मुख्य बातें
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने 12 अक्टूबर 2026 को वेस्टइंडीज के दो खिलाड़ियों — रोवमैन पॉवेल और शेरफेन रदरफोर्ड — को रांची में भारत के खिलाफ खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान आईसीसी कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन करने पर आधिकारिक फटकार लगाई। दोनों खिलाड़ियों के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक-एक डिमेरिट अंक भी जोड़ा गया है।
पॉवेल पर क्या आरोप था
रोवमैन पॉवेल को आईसीसी कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.2 के उल्लंघन का दोषी पाया गया, जो अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान क्रिकेट उपकरण, कपड़ों, मैदानी सामान अथवा फ़िक्स्चर के दुरुपयोग से संबंधित है। पॉवेल को आउट होने के बाद अपने बल्ले से गेंद को ज़ोर से दूर मारने के कारण यह सजा मिली। यह घटना वेस्टइंडीज की पारी के छठे ओवर में हुई, जब भारतीय तेज गेंदबाज मयंक यादव ने उन्हें बोल्ड किया।
रदरफोर्ड का अंपायर से विवाद
शेरफेन रदरफोर्ड ने आर्टिकल 2.8 का उल्लंघन किया, जो अंपायर के किसी निर्णय पर सार्वजनिक असहमति जताने पर रोक लगाता है। पारी के 13वें ओवर में रदरफोर्ड एक गेंद को वाइड मान रहे थे, किंतु अंपायर ने उसे वैध करार दिया। इस निर्णय पर रदरफोर्ड ने अंपायर पर आक्रामक तरीके से आपत्ति जताई, जो आईसीसी के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन माना गया।
सुनवाई और स्वीकृति
दोनों खिलाड़ियों ने अपने-अपने अपराध स्वीकार करते हुए एमिरेट्स आईसीसी इंटरनेशनल पैनल ऑफ मैच रेफरीज के प्रकाश भट्ट द्वारा प्रस्तावित दंड को मान लिया। इसके परिणामस्वरूप किसी औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी। ICC ने पुष्टि की है कि 24 महीने की निर्धारित अवधि में दोनों के लिए यह पहला अनुशासनात्मक अपराध है।
सीरीज की स्थिति
वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मुकाबलों की वनडे सीरीज 2-1 से जीतने के बाद भारत ने टी20 सीरीज का पहला मैच 8 विकेट से अपने नाम किया। इसके बाद रांची में खेले गए दूसरे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने 6 विकेट से जीत दर्ज करते हुए सीरीज में 1-1 की बराबरी की। टीम इंडिया ने तीसरा मैच 14 रन से जीतकर सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली।
आगे क्या होगा
आईसीसी के नियमों के अनुसार यदि कोई खिलाड़ी 24 महीनों में 4 या उससे अधिक डिमेरिट अंक अर्जित करता है, तो वे स्वतः निलंबन अंकों में परिवर्तित हो जाते हैं। फिलहाल दोनों खिलाड़ियों के खाते में केवल एक-एक डिमेरिट अंक होने के कारण तत्काल कोई बड़ा खतरा नहीं है, लेकिन भविष्य के मैचों में सतर्कता ज़रूरी होगी।